भगवान शिव की अर्ध परिक्रमा क्यों.. ?
भगवान शिवलिंग की परिक्रमा हमेशा बांई ओर से शुरू कर जलाधारी के आगे निकले हुए भाग यानी जल स्रोत तक जाकर फिर विपरीत दिशा में लौटकर दूसरे सिरे तक आकर परिक्रमा पूरी करें।
Read more...भगवान शिवलिंग की परिक्रमा हमेशा बांई ओर से शुरू कर जलाधारी के आगे निकले हुए भाग यानी जल स्रोत तक जाकर फिर विपरीत दिशा में लौटकर दूसरे सिरे तक आकर परिक्रमा पूरी करें।
Read more...सात मुखी रुद्राक्ष धारण करें, और काले रंग की गाय की सेवा करें|एक ताम्बे का छल्ला अनामिका अंगुली में धारण करें, और गले में लाल चन्दन की माला धारण करें,रोज शाम को तुलसी के नीचे घी का दीपक जलाएं और “नमः शिवाय” का नियमित जप करें, ये उपाय करते रहने से सूर्य-शनि के दोष दूर हो जाते हैं।
Read more...पंचक शब्द से आप शायद परिचित हों लेकिन पंचक क्या होता है, पंचक कितने तरह के होते हैं। शुभ और अशुभ पंचक कौन-कौनसे होते हैं, इसके बारे में जानिए-
Read more...वर्ष 2021 का ये पहला चंद्र ग्रहण विक्रम संवत् 2078 में वैशाख पूर्णिमा के दिन वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में लग रहा है। पंचांग के अनुसार ये ग्रहण बुधवार 26 मई 2021 को दोपहर 2 बजकर 17 मिनट पर शुरू होगा और इसकी समाप्ति 07 बजकर 19 मिनट पर होगी।
Read more...उतारा शब्द का तात्पर्य व्यक्ति विशेष पर हावी बुरी हवा अथवा बुरी आत्मा, नजर आदि के प्रभाव को उतारने
Read more...केमद्रुम योग से प्रभावित जातक स्त्री, अन्न, घर, वस्त्र और परिवार से विहीन हो जाता है। ये गरीब होते हैं। इनका कोई भी आय का साधन नहीं होता। यह जातक अपने पूरे जीवन इधर-उधर भटकते रहते हैं। यह अल्पबुद्धि, मलिन वस्त्र धारण करने वाले और नीच प्रवृत्ति के व्यक्ति होते हैं।
Read more...कवचधारी पुरुष को आधि (मानसिक रोग), व्याधि ( शारीरिक रोग), और भयप्रद शोक स्पर्श नहीं कर पाते. इस प्रकार सर्वविघ्नैकहरण गणेश कवच का महात्मय गान करके लक्ष्मीपति विष्णु सूर्यपुत्र शनैश्चर को कवच का उपदेश दिया
Read more...कान के पास की नसें दबाने से बढ़े हुए रक्तचाप को नियंत्रित भी किया जा सकता है। इटली के बाटी विश्वविद्यालय के न्यूरो सर्जन प्रो. एनारीब पिटाजेली ने यह पाया है कि कान के मूल के चारों तरफ दबाव डालने से हृदय मजबूत होता है।
Read more...ईशान कोण धर्म और शिक्षा की दिशा है। पोछा लगाने से घर का ईशान कोण कमजोर होता है। ईशान कोण का संबंध परिवार के नन्हे सदस्यों यानी बच्चों से होता है। साथ ही घर के पुत्र संतान का संबंध भी इसी कोण से होता है।
Read more...मान्यता अनुसार यदि उल्लू की आवाज रात्रि के प्रथम प्रहर, द्वितिय और चतुर्थ प्रहर में सुनाई दे तो इच्छा के पूर्ण होने के संकेते हैं। इससे अर्थ लाभ, व्यापार में लाभ और राजदरबार आदि में लाभ मिलेगा।
Read more...बजरंगबली चिरायु हैं, भगवान राम ने इन्हें वरदान दिया है। कहते हैं धरती पर जहां भी रामकथा का आयोजन होता है, वहां हनुमानजी किसी ना किसी रूप में मौजूद होते हैं इसलिए रामजी की पूजा में हनुमान जी की पूजा जरूर होती है।
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