Religious

Religious

विवाह की बाधा हटाने हेतु उपाय…

Religious: पीपल पर लगातार 43 दिन लड़की या लड़का जल चढ़ाए, तो शादी की रुकावट दूर हो जाती है। रविवार को तथा मासिक धर्म आने पर जल नहीं चढ़ाना है।

Read more...
Religious

गृह क्लेश से मुक्ति हेतु कुछ सरल उपाय

Religious: चीटियों के बिल के पास शक्कर या आटा व शक्कर मिलाकर डालने से गृहस्थ (पारिवारिक) की समस्याओं का निवारण होता है। ऐसा नियमित 40 दिन तक करें।

Read more...
Religious

नाग पंचमी: 13 अगस्त को करें नागों की पूजा, मिलेगी काल सर्प दोष से मुक्ति

उन्हीं में से कई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी व्यक्ति इस विशेष दिन नागदेव की पूजा करता है तो, उसे अपनी कुंडली में मौजूद राहु और केतु से संबंधित हर प्रकार के दोष से तो मुक्ति मिलती ही है Naag Panchmi

Read more...
Religious

क्या आप भी कर्ज में डूबे हुए हैं क्या कहती है आपकी जन्मकुंडली आइए जानते हैं …

आज के समय में जहाँ आर्थिक असंतुलन हमारी चिंता का एक मुख्य कारण है वहीँ एक दूसरी स्थिति जिसके कारण अधिकांश लोग चिंतित और परेशान रहते हैं वह है…

Read more...
Religious

ज्योतिष में स्वप्न विचार

अशुभ स्वप्न दिखने पर फिर से सो जाने पर उसका अशुभ प्रभाव नष्ट हो जाता है | अशुभ स्वप्नों की शान्ति के लिए देव पूजन ,ब्राह्मण भोजन ,हवन या दान करना चाहिए।

Read more...
Religious

हथेली का सूर्य पर्वत दिलाता है पद और प्रतिष्ठा

यदि सूर्य पर्वत विकसित है तो सफलता का सूचक होता है। हाथ में सूर्य पर्वत का न होना व्यक्ति के लिए साधारण स्थिति व उपेक्षित जीवन का परिचय होता है। सूर्य पर्वत का विकास ही मनुष्य को प्रतिभावान और यशस्वी बनाता है।

Read more...
Religious

सर्वदोष नाश के लिये रुद्राभिषेक विधि…

हमारे धर्मग्रंथों के अनुसार हमारे द्वारा किए गए पाप ही हमारे दु:खों के कारण हैं। रुद्राभिषेक करना शिव आराधना का सर्वश्रेष्ठ तरीका माना गया है। रूद्र शिव जी का ही एक स्वरूप हैं। रुद्राभिषेक मंत्रों का वर्णन ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद में भी किया गया है।

Read more...
Religious

रोग नहीं छोड़ रहे पीछा तो करें ये उपाय, शीघ्र होगा लाभ

जटा वाले सात नारियल लेकर शुक्ल पक्ष को सोमवार के दिन ॐ नम: शिवाय मंत्र का जाप करते हुए नदी में प्रवाहित करें। इससे रोग और दरिद्रता का नाश होगा।

Read more...
Religious

पाणिग्रहण का अर्थ: विवाह में सात फेरे ही क्यों लेते हैं?

सप्तपदी में पहला पग भोजन व्यवस्था के लिए, दूसरा शक्ति संचय, आहार तथा संयम के लिए, तीसरा धन की प्रबंध व्यवस्था हेतु, चौथा आत्मिक सुख के लिए, पांचवां पशुधन संपदा हेतु, छठा सभी ऋतुओं में उचित रहन-सहन के लिए तथा अंतिम 7वें पग में कन्या अपने पति का अनुगमन करते हुए सदैव साथ चलने का वचन लेती है

Read more...
Religious

कुंडली में स्थित ग्रहों से बनने वाली आकृति से बनते हैं विशेष योग, जानिए इनसे जुड़ी खास बातें ..

कुंडली के विशेष घरों में विशेष ग्रहों के संयोग से जो आकृति बनती है उस योग का नाम उसी आकृति के आधार पर रखा गया है। जानिए कुछ ऐसे ही योगों के बारे में…

Read more...
Religious

कुंडली में कब बनते हैं जेल योग?

इस योग में बंधन योगकारक ग्रहों पर शुभ ग्रहों की दृष्टि हो तो इस योग बहुत ही अल्प मात्रा में फल प्राप्त होते है, और जेल यात्रा में अधिक कष्ट भी नही होता है

Read more...