किस चीज़ के शिवलिंग की पूजा का क्या होता है शुभ प्रभाव?
कण-कण और हर जीव में शिव मानकर अलग-अलग पदार्थों के शिवलिंग की उपासना प्रदोष, चतुर्दशी, अष्टमी या सोमवार की पुण्यतिथियों पर सांसारिक इच्छाओं को जल्द पूरा करने वाली मानी गई है।
Read more...कण-कण और हर जीव में शिव मानकर अलग-अलग पदार्थों के शिवलिंग की उपासना प्रदोष, चतुर्दशी, अष्टमी या सोमवार की पुण्यतिथियों पर सांसारिक इच्छाओं को जल्द पूरा करने वाली मानी गई है।
Read more...शुक्रवार के दिन पीले कपड़े में पांच पीली कौड़ी तथा थोड़ी की केसर, एक चांदी के सिक्के के साथ बांधकर अपनी तिजोरी में रखनी चाहिए। इससे कुछ ही दिनों में घर में धन आना शुरु हो जाता है और पुराने कर्जे भी समाप्त हो जाते हैं।
Read more...यह व्रत उपवासक को धर्म, मोक्ष से जोडने वाला और अर्थ, काम के बंधनों से मुक्त करने वाला होता है. इस व्रत में भगवान शिव की पूजन किया जाता है. भगवान शिव कि जो आराधना करने वाले व्यक्तियों की गरीबी, मृ्त्यु, दु:ख और ऋणों से मुक्ति मिलती है।
Read more...शनिवार को लोहे की वस्तु न खरीदें। इस दिन लोहे की वस्तु खरीदने से शनि ग्रह भारी हो जाता है। शनिवार को चप्पल या काला जूता खरीदने से बचें। इसके अलावा इस दिन किसी से कोई भी काली चीज भी लेने से बचें।
Read more...शनिवार को चाय की पत्ती (100gm), १ अगरबत्ती का पैकेट शनि देव के मंदिर के बाहर गरीबों को दान करें और देते समय राहु मंत्र “ॐ रां राहवे नमः” का जप करें ।
Read more...जैसा कि हम जान चुके हैं कि कुंडली में लग्नेश का बलवान होना अति आवश्यक है किंतु यदि किसी जातक की जन्म कुंडली में लग्नेश बलवान नहीं हो तो वहां पर लग्न दोष का निर्माण हो जाता है।
Read more...भादौ महीने के 16 दिन कौआ हर घर की छत का मेहमान बनता है। ये 16 दिन श्राद्ध पक्ष के दिन माने जाते हैं। कौए एवं पीपल को पितृ प्रतीक माना जाता है। इन दिनों कौए को खाना खिलाकर एवं पीपल को पानी पिलाकर पितरों को तृप्त किया जाता है।।
Read more...तमाम मांगलिक कार्यक्रमों और पूजा-पाठ में कुछ प्रमुख पेड़ों के पत्तों का अपना ही अलग महत्व है, जिनके बिना कोई भी मागंलिक कार्यक्रम पूरा नहीं हो सकता है।
Read more...नौ ग्रह हमारे व्यक्तित्व को किसी ना किसी तरह प्रभावित करते हैं. इनके कमजोर होने से मानसिक और शारीरिक समस्याएं बढ़ जाती हैं
Read more...तुलसी अर्क के एक बून्द एक ग्लास पानी में या दो बून्द एक लीटर पानी में डाल कर पांच मिनट के बाद उस जल को पीना चाहिए। इससे पेयजल विष् और रोगाणुओं से मुक्त होकर स्वास्थवर्धक पेय हो जाता है ।
Read more...हिन्दू धर्म किसी भी व्यक्ति विशेष द्वारा स्थापित किया गया धर्म नहीं, बल्कि प्राचीन काल से चले आ रहे विभिन्न धर्मों एवं आस्थाओं का बड़ा समुच्चय है। महर्षि वेदव्यास के अनुसार मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक पवित्र सोलह संस्कार संपन्न किए जाते हैं।
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