शाइन सिटी के डायरेक्टर राशिद नसीम पर करोड़ों रुपये ठगने का आरोप, रिपोर्ट मांगी Allahabad High Court ने
करोड़ों के घोटाले के आरोपी शाइन सिटी के डायरेक्टर राशिद नसीम पर लगाए गए ठगी के आरोप न केवल उन्हें, बल्कि समाज के विभिन्न पहलुओं को भी गहराई से सोचने पर विवश कर रहे हैं। इस मामले में हाईकोर्ट के निर्देशों ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षित और न्यायपूर्ण तरीके से इस मामले की जांच की जाएगी, जिससे समाज में भरोसा और न्याय की भावना मजबूत होगी।
Allahabad High Court ने करोड़ों के घोटाले के आरोपी शाइन सिटी के डायरेक्टर के प्रत्यर्पण के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट विदेश मंत्रालय भारत सरकार से मांगी है। साथ ही ईडी, एसएफआईओ और ईओडब्ल्यू को जांच की प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि मामले के आरोपियों की ओर से किसी तीसरे पक्ष को कोई और बिक्री विलेख निष्पादित नहीं किया जाएगा। साथ ही कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादी अधिकारी यह ध्यान रखें कि इस मामले में शामिल कोई भी व्यक्ति देश छोड़कर न जा पाए।
शुक्रवार को ईडी के अधिकारी ने कोर्ट में बताया कि जनवरी 2021 में मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भेजा गया था। तब से भूमि व अन्य संपत्तियां कुर्क कर 127 करोड़ जुटाए गए हैं। वहीं, कोर्ट ने जब पूछा कि आज तक कुल कितने रुपये जुटाए गए हैं, तब इसका जवाब ईडी के अधिकारी नहीं दे सके।
Allahabad High Court न्यायमूर्ति सिद्धार्थ व न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की कोर्ट ने श्रीराम राम की याचिका पर यह आदेश दिया है। मामले में शाइन सिटी के डायरेक्टर राशिद नसीम पर करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है। इसी संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। कोर्ट ने आईजी ईओडब्ल्यू, असिस्टेंट डायरेक्टर ईडी व एसएफआईडी के अधिकारियों को तलब भी किया था।
शुक्रवार को ईडी के अधिकारी ने कोर्ट में बताया कि जनवरी 2021 में मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भेजा गया था। तब से भूमि व अन्य संपत्तियां कुर्क कर 127 करोड़ जुटाए गए हैं। वहीं, कोर्ट ने जब पूछा कि आज तक कुल कितने रुपये जुटाए गए हैं, तब इसका जवाब ईडी के अधिकारी नहीं दे सके।
इस मामले में जुटे विभिन्न अधिकारी और आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ उठाए गए आरोपों ने समाज में एक नयी सोच को उत्पन्न किया है। ऐसे मामलों में समाज को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।
शुक्रवार को ईडी के अधिकारी ने कोर्ट में बताया कि जनवरी 2021 में मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भेजा गया था, और तब से भूमि व अन्य संपत्तियां कुर्क कर 127 करोड़ जुटाए गए हैं। यह घटना समाज में एक आदर्श उदाहरण के रूप में स्थायीता और ईमानदारी की महत्वपूर्णता को साबित करती है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करोड़ों के घोटाले के आरोपी शाइन सिटी के डायरेक्टर के प्रत्यर्पण के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट विदेश मंत्रालय भारत सरकार से मांगी है। इस घटना ने यह साबित किया है कि समाज में न्याय के प्रति लोगों की आस्था है और उन्हें यह भी सिखाता है कि वे अपने अधिकारों का सही उपयोग करें।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि मामले के आरोपियों की ओर से किसी तीसरे पक्ष को कोई और बिक्री विलेख निष्पादित नहीं किया जाएगा, जिससे समाज में विश्वासघात का सामना करना पड़े। साथ ही कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादी अधिकारी यह ध्यान रखें कि इस मामले में शामिल कोई भी व्यक्ति देश छोड़कर न जा पाए, जिससे सामाजिक संरक्षण का संकेत मिलता है।
इस मामले में शामिल अधिकारी और आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ उठाए गए आरोपों ने समाज में एक नयी सोच को उत्पन्न किया है, जो उन्हें सामाजिक स्थिति के प्रति जिम्मेदार बनाता है।

