Allahabad High Court में बड़ा फैसला – मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास और उमर को मिली राहत, ग़ज़ल होटल भूमि प्रकरण में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक बरकरार
गाजीपुर के चर्चित ग़ज़ल होटल भूमि विवाद मामले में माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी और उमर अंसारी को Allahabad High Court से एक बार फिर राहत मिली है।
न्यायमूर्ति समीर जैन की एकलपीठ ने दोनों के खिलाफ मऊ ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक कार्यवाही और आरोपपत्र पर लगी रोक को आगे बढ़ा दिया है, साथ ही राज्य सरकार को अंतिम बार जवाब दाखिल करने की मोहलत दी है।
गाजीपुर की विवादित ज़मीन और ग़ज़ल होटल का मामला — एक नज़र में पूरा विवाद
ग़ज़ल होटल की भूमि को लेकर यह मामला वर्षों से सुर्खियों में है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह ज़मीन विवादित संपत्ति थी जिसकी रजिस्ट्री वर्ष 2005 में अब्बास और उमर अंसारी के नाम से कराई गई थी।
इस रजिस्ट्री को लेकर आरोप लगाया गया कि ज़मीन के स्वामित्व और उपयोग को लेकर कई कानूनी और प्रशासनिक अनियमितताएं हुईं, जिसके चलते पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था।
सरकार का कहना है कि यह रजिस्ट्री ग़लत दस्तावेज़ों और प्रभाव के इस्तेमाल से कराई गई थी। वहीं, अंसारी परिवार का दावा है कि यह रजिस्ट्री कानूनी प्रक्रिया के तहत और वैध रूप से हुई थी।
नाबालिग होने का तर्क – अब्बास और उमर अंसारी के अधिवक्ता की दलीलें
अब्बास और उमर की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि घटना के समय दोनों नाबालिग थे, इसलिए उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया ही नहीं जा सकता।
वर्ष 2005 में जब विवादित जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी, उस वक्त उनकी ओर से यह कार्यवाही उनकी मां अफशां अंसारी ने की थी।
अधिवक्ता ने कहा कि जब तक किसी व्यक्ति की कानूनी उम्र पूरी नहीं होती, तब तक वह किसी भी ऐसे दस्तावेज़ या लेनदेन के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
अदालत ने इसी दलील को प्राथमिक रूप से स्वीकार करते हुए जुलाई 2023 में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाई थी।
सरकार की देरी पर अदालत ने जताई नाराज़गी – जवाब दाखिल करने को कहा अंतिम मौका
हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को पहले ही इस मामले में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई उत्तर नहीं दिया गया है।
इस पर न्यायमूर्ति समीर जैन ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि सरकार को अब यह “आखिरी मौका” दिया जा रहा है ताकि वह अपना पक्ष प्रस्तुत करे।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर अगली सुनवाई तक सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया गया, तो अदालत उचित आदेश पारित करेगी।
चार्जशीट और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक जारी रहेगी
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अब्बास और उमर अंसारी के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर फिलहाल रोक जारी रहेगी और ट्रायल कोर्ट में लंबित सभी कार्यवाहियां भी अगली सुनवाई तक स्थगित रहेंगी।
अब इस मामले की सुनवाई 1 दिसंबर 2025 को निर्धारित की गई है।
मुख्तार अंसारी परिवार पर पहले से कई मुकदमे लंबित
यह मामला मुख्तार अंसारी परिवार के उन कई मुकदमों में से एक है जो प्रदेश की अदालतों में चल रहे हैं।
पूर्व विधायक अब्बास अंसारी पहले से ही आचार संहिता उल्लंघन और शस्त्र लाइसेंस प्रकरण सहित कई मामलों में आरोपी हैं, जबकि उमर अंसारी पर भी विभिन्न आपराधिक मामलों में जांच जारी है।
ग़ज़ल होटल विवाद को लेकर प्रशासन ने पहले ही संपत्ति को कानूनी जांच के दायरे में रखा है।
गाजीपुर में ग़ज़ल होटल बना विवाद का केंद्र – पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त जांच जारी
ग़ज़ल होटल गाजीपुर का एक पुराना व्यावसायिक प्रतिष्ठान है, जो पिछले एक दशक से विवादों के घेरे में है।
पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने पहले भी यहां भू-अभिलेखों और स्वामित्व दस्तावेज़ों की जांच की थी।
रिपोर्ट में कई अनियमितताएं और आपत्ति योग्य प्रविष्टियां पाई गई थीं, जिसके बाद मामला ट्रायल कोर्ट तक पहुंचा।
हालांकि, अब हाईकोर्ट द्वारा रोक जारी रहने के बाद, प्रशासनिक जांच की गति पर भी असर पड़ सकता है।
अगली सुनवाई में सरकार का रुख रहेगा निर्णायक
अब सभी की निगाहें 1 दिसंबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सरकार अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल नहीं करती, तो अदालत ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को स्थायी रूप से रोकने या रद्द करने पर भी विचार कर सकती है। वहीं, अंसारी परिवार के समर्थक इसे न्याय की दिशा में सकारात्मक कदम बता रहे हैं।

