उत्तर प्रदेश

Love Jihad का दिल दहला देने वाला मामला: बरेली की छात्रा के साथ धोखा, शादी का झांसा और दवा खिलाकर जबरन गर्भपात

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक ऐसा Love Jihad  मामला सामने आया है जिसने समाज में गहरी चिंता पैदा कर दी है। यह मामला न केवल एक छात्रा की जिंदगी से जुड़ा है, बल्कि इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गंभीर टिप्पणियां हुईं। छात्रा ने अपनी शिकायत में कई हैरान कर देने वाले खुलासे किए हैं।

यह मामला बरेली के देवरनियां थाना क्षेत्र का है। छात्रा ने बताया कि वह शहर के राजेंद्र नगर स्थित एक कंप्यूटर कोचिंग सेंटर में पढ़ने जाती थी। यहां उसकी मुलाकात जादौपुर निवासी एक युवक से हुई, जिसने खुद को हिंदू बताते हुए अपना नाम आनंद बताया। वह अपनी पहचान को मजबूत करने के लिए हाथ में कलावा भी बांधता था। धीरे-धीरे दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी और बातचीत प्यार में बदल गई।

शादी का झांसा और प्रेम जाल में फंसाने की शुरुआत

लड़के ने शादी का वादा करके छात्रा को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। 13 मार्च 2022 को उसने छात्रा को बरेली के बाईपास स्थित राधाकृष्ण मंदिर ले जाकर उसकी मांग में सिंदूर भर दिया। इसके बाद उसे अपने दोस्त तालिम के कमरे पर ले गया, जहां उसने छात्रा के साथ शारीरिक संबंध बनाए।

धमकी, ब्लैकमेल और अश्लील वीडियो

इस घटना के बाद लड़के ने छात्रा के अश्लील वीडियो और तस्वीरें बनाईं और उन्हें वायरल करने की धमकी देने लगा। छात्रा को यह डर सताने लगा कि वीडियो सार्वजनिक हो जाएगा, जिससे उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। इसी डर का फायदा उठाकर लड़के ने छात्रा को कई बार सौ फुटा रोड स्थित होटल में ले जाकर शारीरिक शोषण किया।

पहचान का सच और दबाव

एक दिन जब छात्रा जादौपुर स्थित लड़के के गांव गई, तो उसने पाया कि लड़के का असली नाम मोहम्मद आलिम है। आलिम और उसके परिवार ने छात्रा पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया। जब उसने इनकार किया, तो उसे गालियां दी गईं और घर से बाहर निकाल दिया गया।

जबरन गर्भपात और तबीयत बिगड़ने का मामला

5 मई 2023 को, आलिम ने छात्रा को धोखे से गर्भपात की दवा खिलाई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में उसे 11 मई को एक नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां उसका जबरन गर्भपात करा दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

इस मामले में जब बरेली की स्थानीय अदालत ने मुस्लिम समुदाय को लेकर कुछ टिप्पणियां कीं, तो मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय अदालत की टिप्पणियों को साक्ष्य के आधार पर हटाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के मामलों को कानून के दायरे में सख्ती से संभालना चाहिए।

ऐसे मामलों की बढ़ती घटनाएं

बरेली की इस घटना ने एक बार फिर ‘लव जिहाद’ जैसे विवादित मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है। उत्तर प्रदेश में ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जहां युवक फर्जी पहचान के जरिए लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाते हैं और फिर उनका शोषण करते हैं।

सामाजिक और कानूनी पहल

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में गहरे जख्म छोड़ती हैं। जरूरी है कि कानून का सख्ती से पालन हो और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। इसके साथ ही, युवाओं को जागरूक करने के लिए शिक्षा और संवाद का सहारा लिया जाना चाहिए।

अंत में सवाल

यह घटना केवल एक छात्रा की नहीं, बल्कि पूरे समाज की चिंता का विषय है। क्या हमारी सामाजिक संरचना इतनी कमजोर हो गई है कि लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना कठिन हो गया है? ऐसे मामलों को रोकने के लिए समाज और कानून को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे।

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