Cheteshwar Pujara के साले जीत पाबारी की सुसाइड से सनसनी: शादी के झांसे, दुष्कर्म केस और डिप्रेशन की कहानी ने उठाए कई कड़वे सवाल
गुरुवार की सुबह क्रिकेट जगत और राजकोट शहर के लिए एक सदमे की खबर लेकर आई। भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज Cheteshwar Pujara के साले जीत पाबारी (28) ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
Jeet Pabari suicide केस ने पूरे परिवार और शहर को झकझोर कर रख दिया है। परिवार के अनुसार जीत पिछले कई महीनों से मानसिक तनाव में था, और उसका डिप्रेशन लगातार गहराता जा रहा था।
कमरे का दरवाज़ा देर तक बंद, फंदे से लटका मिला शरीर
परिजनों ने बताया कि बुधवार सुबह जीत काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकला।
दरवाज़ा खटखटाने पर भी भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर घरवालों ने जब कमरे का दरवाज़ा खोला तो जीत पाबारी को फंदे से लटका देखा गया।
उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घर में सुसाइड नोट नहीं मिला, जिससे पुलिस अब सभी परिस्थितियों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।
परिवार शुरुआती तौर पर इसे उसी कानूनी केस से जोड़कर देख रहा है जिसने पिछले एक साल से जीत की ज़िंदगी को पूरी तरह अस्थिर कर दिया था।
एक साल पहले दर्ज हुआ था दुष्कर्म का केस—जीत की जिंदगी में आया तूफान
पुलिस और परिजनों के मुताबिक जीत की जिंदगी में सबसे बड़ा झटका ठीक एक साल पहले इसी दिन लगा था।
उसकी पूर्व मंगेतर ने रेप का मामला दर्ज कराया था।
मालवीय नगर थाना रिकॉर्ड के अनुसार:
जीत और उसकी मंगेतर की सगाई 27 जनवरी 2022 को हुई थी।
पूर्व मंगेतर का आरोप था कि शादी का झांसा देकर जीत ने जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
बाद में जीत ने सगाई तोड़ दी।
आरोप यह भी था कि जीत ने दुष्कर्म के वीडियो रिकॉर्ड किए, और बोले—अगर उसने किसी को बताया तो वह वीडियो वायरल कर देगा।
इन आरोपों के कारण जीत पाबारी मानसिक रूप से बेहद टूट गया था। परिजनों के अनुसार पिछले कई महीनों से वह तेज डिप्रेशन में था और खुद को सामाजिक रूप से अलग-थलग कर बैठा था।
Jeet Pabari suicide: परिजन बोले—“वह केस के कारण बुरी तरह टूट चुका था”
परिवार ने कहा कि केस दर्ज होने के बाद जीत की दिनचर्या, स्वभाव और मानसिक स्थिति पूरी तरह बदल गई थी।
उसके जीवन में लगातार—
तनाव
बदनामी का डर
भविष्य की अनिश्चितता
और कानूनी जटिलताओं का बोझ
तेज़ी से बढ़ता गया।
परिजनों का मानना है कि जिस दिन का केस दर्ज हुआ था… उसी दिन उसकी आत्महत्या ने एक ‘साइकल’ को पूरा कर दिया—एक ऐसा चक्र, जिसके बोझ से वह कभी बाहर नहीं आ पाया।
चेतेश्वर पुजारा के परिवार में मातम—पूजा का इकलौता भाई था जीत
भारतीय क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा की पत्नी पूजा का इकलौता भाई था जीत पाबारी।
पुजारा का ससुराल मूल रूप से जामजोधपुर का है, लेकिन परिवार पिछले 20 वर्षों से राजकोट में रह रहा है।
पूजा का पूरा परिवार इस घटना से टूट गया है।
पूजा के बारे में यह बातें सामने आईं—
शुरुआती पढ़ाई: आबू के सोफिया स्कूल
11वीं–12वीं: अहमदाबाद
मास्टर डिग्री: मुंबई
करियर: एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्य किया
वहीं नौकरी के दौरान मुलाकात हुई चेतेश्वर पुजारा से
दोनों ने बाद में शादी कर ली
पूजा और परिवार की ज़िंदगी में यह सबसे बड़ा सदमा है, क्योंकि जीत परिवार में बेहद प्यारा और सबसे करीबी माना जाता था।
पुलिस की शुरुआती जांच—“डिप्रेशन के हालात स्पष्ट दिखते हैं”
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार:
कोई सुसाइड नोट नहीं मिला
जीत लंबे समय से पेशी, पूछताछ और कोर्ट केस को लेकर अवसाद में था
डॉक्टरों से उपचार चल रहा था या नहीं—इसकी भी पुष्टि की जा रही है
परिवार और मित्रों से पूछताछ जारी है
पुलिस इस घटना को Jeet Pabari suicide केस के रूप में संवेदनशीलता के साथ जांच कर रही है।
क्या कानूनी दबाव आत्महत्या की वजह बना? विशेषज्ञों की राय
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति:
समाजिक बदनामी
कानूनी उलझनों
रिश्तों के टूटने
और वित्तीय दबाव
से एक साथ जूझता है, तो वह तेजी से मानसिक तनाव में फंस जाता है।
कई बार व्यक्ति अपना पक्ष रखने की क्षमता खो देता है और भविष्य अंधकार में दिखाई देता है।
इस केस ने यह सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि कानूनी मामलों में फंसे युवाओं को मानसिक सहायता क्यों नहीं मिल पाती?
राजकोट में चर्चा—“एक promising युवा की जिंदगी ऐसे खत्म नहीं होनी चाहिए थी”
राजकोट में जीत पाबारी को एक शांत, मिलनसार और भविष्य के प्रति गंभीर युवा के रूप में जाना जाता था। लोगों का कहना है कि वह परिवार का जिम्मेदार बेटा था और पुजारा परिवार के बेहद करीब था।सड़कों, सोशल मीडिया और लोकल समुदायों में इस घटना पर गहरी संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

