डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क
मुजफ्फरनगर। जिले में डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। जिले में साफ-सफाई से लेकर डेंगू से बचाव के लिए तमाम आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं। जिला अस्पताल समेत समस्त स्वास्थ्य केद्रों पर डेंगू के उपचार के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चोपड़ा का कहना है कि इस समय वायरल फीवर, टायफाइड, मलेरिया और डेंगू के मरीज अस्पतालों में आ रहे हैं, उनको उपचार के साथ-साथ साफ-सफाई के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया 31 अक्टूबर तक चलने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत बनाए गये माइक्रो प्लान पर कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी द्वारा नगर पालिका, ग्राम पंचायत, पशु पालन और कृषि विभाग के साथ-साथ आशा-एएनएम आदि को ठीक तरीके से अपना काम करने के निर्देश लगातार दिये जा रहे हैं। जिले में फॉगिंग और साफ-सफाई कराई जा रही है।
आशा-एएनएम घर-घर जाकर पानी इक्ट्ठा न होने देने और साफ-सफाई के प्रति लोगों को जागरूक कर रही हैं।अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया बदलते मौसम में बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं।
जिला चिकित्सालय की लैब में अभी तक 70 लोगों की जांच की गई, जिसमें 16 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि बुखार की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रयास जारी हैं।
पिछले साल डेंगू के 34 मरीज मिले थे, जिनका सफलता पूर्वक इलाज किया गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति में डेंगू के लक्षण दिखाई देते हैं तो वह तुरंत चिकित्सक से परामर्श करे।
अपने आप कोई दवा न लें। जिला अस्पताल में हर बीमारी की जांच और इलाज मुफ्त में होता है। डेगू के लक्षणः तेज बुखार एवं सिर दर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, जी मिचलने के साथ उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक
मुंह, मसूड़ों से खून आना बचाव के उपायः घर के बर्तनों, कूलर, पानी की टंकी, फ्रिज के पीछे की ट्रे, लोहे अथवा प्लास्टिक के पात्रों में पानी इक्ट्ठा न होने दें। डेंगू का मच्छर दिन में काटता है इसलिए शरीर को ढक कर रखें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।

