Sydney में पत्नी ने पति की हत्या की, शव को 30 प्लास्टिक बैगों में छुपाया: सुप्रीम कोर्ट ने दी जेल की सजा
Sydney, ऑस्ट्रेलिया – एक महिला द्वारा अपने पति की हत्या करने का मामला सामने आया है जिसने न केवल परिवार बल्कि पूरे समुदाय को चौंका दिया है। यह मामला इतना जटिल है कि सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी महिला को जमानत देने से भी इनकार कर दिया। महिला, नीरमीन नौफल, 53 साल की हैं, जबकि उनके पति ममदूह इमाद नौफल, 65 साल के थे। उनके बीच के रिश्ते ने एक खौ़फनाक मोड़ ले लिया, जब नीरमीन ने अपने पति की हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे 30 प्लास्टिक बैगों में भरकर अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया।
घटना की पूरी कहानी
सिडनी के पश्चिमी इलाके, ग्रीनएक्रे में स्थित उनके घर में 3 मई 2023 को यह वारदात हुई। पुलिस के अनुसार, नीरमीन ने अपने पति ममदूह की हत्या के लिए एक चाकू और एक इलेक्ट्रिक आरी का इस्तेमाल किया। उन्होंने बड़े ही योजनाबद्ध तरीके से ममदूह के शरीर के हिस्सों को काटकर 30 प्लास्टिक बैगों में भर दिया और इन्हें शहर के अलग-अलग कूड़ेदानों में फेंक दिया।
इस जघन्य अपराध के बाद, नीरमीन ने खुद को एक मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल में भर्ती करवा लिया, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद, पुलिस ने इस मामले में काफी ठोस सबूत इकट्ठा किए हैं, लेकिन ममदूह का शव अभी तक पूरी तरह से नहीं मिला है।
कोर्ट का रुख और दलीलें
न्यू साउथ वेल्स सुप्रीम कोर्ट ने नीरमीन को जमानत देने से इनकार कर दिया है। सरकारी वकील ने अदालत में बताया कि आरोपी ने इस हत्या को अपने निजी स्वार्थ के लिए किया था, क्योंकि वह उस रिश्ते से छुटकारा पाना चाहती थी, जिसमें वह खुश नहीं थी। उसने दावा किया कि जब ममदूह ने अपनी संपत्तियों पर कानूनी अधिकार देते हुए मई में उसे मिस्र में अपने संपत्ति का नियंत्रण दिया, तो उसे अपने पति से बाहर निकलने का मौका मिल गया।
अदालत में यह भी बताया गया कि एक गवाह ने हत्या की रात नीरमीन को कुछ संदिग्ध गतिविधि करते हुए देखा। एक और गवाह ने कहा कि उसने नीरमीन से ऐसे बयान सुने थे, जो अपराध स्वीकारने के संकेत हो सकते हैं। इसके अलावा, यह भी कहा गया कि नीरमीन को शक था कि ममदूह का मिस्र में एक अन्य महिला के साथ संबंध है। उसे यह भी शक था कि ममदूह ने शादीशुदा रहते हुए उससे सगाई कर ली थी।
महिला के कारण और मानसिक स्थिति
नीरमीन के मनोवैज्ञानिक पहलुओं का भी इस मामले में गहन विश्लेषण किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि लंबे समय से उसे इस रिश्ते में असंतोष और बेचैनी महसूस हो रही थी। उनके पास ममदूह के खिलाफ कई सबूत थे, लेकिन उसे अपने कार्यों के परिणामों का पूरा अंदाजा नहीं था। यह मामला घरेलू हिंसा और रिश्तों में तनाव को लेकर एक गंभीर संकेत है कि ऐसे मामलों में क्या खतरनाक स्थिति हो सकती है।
मामले की गंभीरता और प्रभाव
इस घटना ने न केवल ऑस्ट्रेलिया बल्कि दुनियाभर में घरेलू हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर एक नई बहस शुरू कर दी है। यह मामला बताता है कि एक व्यक्ति की मानसिक स्थिति और रिश्तों की जटिलताएं कभी-कभी ऐसे खतरनाक कदमों की वजह बन सकती हैं। परिवार के भीतर इस तरह के अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाना और कानूनी ढांचे को मजबूत करना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
Sydney, ऑस्ट्रेलिया सुप्रीम कोर्ट ने नीरमीन को जमानत देने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं और उसे जेल में रहना ही उचित रहेगा। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद से ही उसके खिलाफ केस को तेजी से चलाया जाएगा ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
आगे की प्रक्रिया
अब यह देखना होगा कि मामले की जांच किस दिशा में जाती है और अदालत में क्या निष्कर्ष निकलता है। आरोपित महिला की मानसिक स्थिति की जांच और उस पर आधारित दलीलें आगे भी सुनवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। अदालत का निर्णय इस बात का उदाहरण है कि अपराध चाहे कितना भी संगीन हो, न्याय की प्रक्रिया में हर पक्ष को सुनने का अधिकार होता है।
यह मामला एक गंभीर चेतावनी है कि परिवारिक तनाव और मनोवैज्ञानिक दबाव के कारण किसी भी व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर असर पड़ सकता है, जिससे खतरनाक घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे मामलों को समझने और उन पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में परिवारों को सुरक्षित रखा जा सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके।

