कोलकाता हादसा

संपादकीय विशेष

kolkata दुर्गा पूजा पंडाल हादसा: आस्था के मेले में सुरक्षा की अनदेखी कब तक?

kolkata दुर्गा पूजा हादसा हमें याद दिलाता है कि आस्था का सम्मान केवल भव्य आयोजन करने से नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की जिंदगी की रक्षा करने से होता है। 19 लोगों की मौत के बाद सबसे बड़ी जरूरत सिर्फ शोक और मुआवजे तक सीमित रहने की नहीं, बल्कि तथ्यों पर आधारित जांच, जिम्मेदारी तय करने और सुरक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार की है। किसी भी पंडाल, मेले या सार्वजनिक आयोजन में एक भी जान को अनावश्यक जोखिम में नहीं डाला जाना चाहिए। उत्सव तभी सफल है, जब हर श्रद्धालु सुरक्षित घर लौटे।

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