पशुपालन विभाग

Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरें

Muzaffarnagar में गोवंश संरक्षण पर बड़ी समीक्षा बैठक, 23 गो आश्रय स्थलों में 6,194 गोवंश; लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

Muzaffarnagar में गोवंश संरक्षण व्यवस्था को लेकर हुई समीक्षा बैठक में प्रशासन ने गौशालाओं की व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया। जिले के 23 गो आश्रय स्थलों में 6,194 गोवंश के संरक्षण की जानकारी दी गई, जबकि प्रदेश स्तर पर 7,700 से अधिक गो आश्रय स्थलों में 16 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित होने की बात सामने रखी गई। अधिकारियों को नंदी, गर्भवती गाय और बछड़ों के लिए अलग व्यवस्था, पर्याप्त भूसा और हरा चारा, साफ पानी, पौधरोपण, सीसीटीवी निगरानी और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सड़क पर मिलने वाले निराश्रित गोवंश को तत्काल आश्रय स्थल में पहुंचाने और सहभागिता योजना के तहत गोपालकों को समय से मानदेय देने पर भी जोर रहा। वहीं, गोवंश की सुरक्षा तथा तस्करी के मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई करने की बात कही गई। नए गोवंश संरक्षण केंद्र के लिए भूमि उपलब्ध कराने को लेकर भी मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी को एसडीएम के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए।

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Muzaffarnagar के सचिन सैनी की सफलता की मिसाल: 525 बकरियों से शुरू किया आधुनिक गोट फार्म, अब लाखों की आय के साथ ग्रामीणों को भी दे रहे रोजगार

Muzaffarnagar सचिन सैनी की सफलता यह साबित करती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग, वैज्ञानिक सोच और निरंतर मेहनत किसी भी पारंपरिक व्यवसाय को आधुनिक उद्यम में बदल सकती है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के सहयोग से शुरू हुआ उनका गोट फार्म आज न केवल परिवार की आय का मजबूत आधार बना है, बल्कि आसपास के किसानों और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है। आधुनिक बकरी पालन, जैविक खाद उत्पादन और डेयरी उत्पादों की दिशा में उनकी पहल ग्रामीण स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की एक सफल मिसाल बनकर उभर रही है।

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