Strait of Hormuz ने खाड़ी का तेल कारोबार हिला दिया: सऊदी-UAE ने बदले रास्ते, रेड सी से एशिया तक नए ठिकाने; ईरान के बाद तेल की दुनिया में बड़ा बदलाव
Strait of Hormuz ने खाड़ी के तेल कारोबार की सबसे बड़ी कमजोरी सामने ला दी है—दुनिया का विशाल ऊर्जा कारोबार एक बेहद संवेदनशील समुद्री रास्ते पर कितना निर्भर है। इसी वजह से सऊदी अरब, UAE, कुवैत और इराक अब वैकल्पिक पाइपलाइनों, बंदरगाहों और भंडारण सुविधाओं पर निवेश बढ़ा रहे हैं। UAE फुजैरा के जरिए होर्मुज को बायपास करने की क्षमता बढ़ा रहा है, जबकि सऊदी अरब अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के माध्यम से रेड सी तक तेल पहुंचाने पर जोर दे रहा है। भारत, जापान और दक्षिण कोरिया में अतिरिक्त तेल भंडारण की रणनीति भी इस बदलती ऊर्जा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही है।
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