Muzaffarnagar में नशे के तस्कर पर बड़ी कार्रवाई, 61 मुकदमों वाले हिस्ट्रीशीटर को PIT NDPS एक्ट में भेजा जेल
Muzaffarnagar। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन सवेरा अभियान के तहत खतौली पुलिस ने एक ऐसे चिन्हित मादक पदार्थ तस्कर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है, जिसके आपराधिक रिकॉर्ड में एक-दो नहीं बल्कि 61 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी हत्या, जानलेवा हमला, मादक पदार्थों की तस्करी, आबकारी अधिनियम, अवैध हथियार, गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर मामलों में लंबे समय से पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज रहा है।
खतौली पुलिस ने प्रभावी पैरवी के बाद आरोपी के विरुद्ध PIT NDPS Act के तहत कार्रवाई सुनिश्चित कराई। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 24 सितंबर 2026 को आदेश पारित किए जाने के बाद पुलिस ने 26 सितंबर को आरोपी को जनपद हरिद्वार से गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
61 मुकदमों वाला खतौली थाने का हिस्ट्रीशीटर
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किया गया आरोपी गौरव उर्फ गौरा, पुत्र ओमप्रकाश, निवासी मोहल्ला देवीदास, खतौली है। उसकी उम्र करीब 40 वर्ष बताई गई है। पुलिस रिकॉर्ड में गौरव को खतौली थाने का चिन्हित हिस्ट्रीशीटर बताया गया है और उसका एच.एस. नंबर 332ए है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ वर्ष 1997 से लेकर वर्ष 2026 तक कुल 61 मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के साथ-साथ आबकारी अधिनियम, आम्र्स एक्ट, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, हत्या और जानलेवा हमले जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
इस लंबे आपराधिक रिकॉर्ड के कारण पुलिस ने आरोपी को मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े ऐसे व्यक्ति के रूप में चिन्हित किया, जिसके खिलाफ सामान्य कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ कड़े निरोधात्मक प्रावधानों के इस्तेमाल की जरूरत महसूस की गई।
ऑपरेशन सवेरा के तहत नशे के कारोबारियों पर कार्रवाई
मुजफ्फरनगर पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन सवेरा का उद्देश्य अवैध मादक पदार्थों के कारोबार और इससे जुड़े अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना है। इसी अभियान के तहत खतौली पुलिस ने गौरव उर्फ गौरा के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाई।
पुलिस के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है और उसके खिलाफ लगातार अलग-अलग गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज होते रहे हैं। ऐसे में पुलिस ने उसके खिलाफ PIT NDPS Act के तहत कार्रवाई के लिए प्रभावी पैरवी की।
इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस अधिकारियों की निगरानी के साथ-साथ आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और उसके खिलाफ उपलब्ध मामलों को आधार बनाया गया। पुलिस की पैरवी के बाद सरकार की ओर से आरोपी के विरुद्ध PIT NDPS Act का आदेश पारित किया गया।
24 सितंबर को आदेश, 26 सितंबर को गिरफ्तारी
मामले में कार्रवाई का घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण है। पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद 24 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गौरव उर्फ गौरा के खिलाफ PIT NDPS Act का आदेश पारित किया गया।
सरकारी आदेश के अनुपालन में खतौली पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार आरोपी को 26 सितंबर 2026 को जनपद हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस तरह आदेश जारी होने के महज दो दिन के भीतर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की।
हत्या से लेकर गैंगस्टर और अवैध हथियार तक के मामले
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गौरव उर्फ गौरा के खिलाफ दर्ज 61 मामलों की प्रकृति भी गंभीर है। उसके खिलाफ केवल नशे से जुड़े मुकदमे ही नहीं हैं, बल्कि हत्या, जानलेवा हमला, अवैध हथियार रखने, आबकारी कानून, गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मामले भी दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि वर्ष 1997 से 2026 के बीच दर्ज मामलों का यह रिकॉर्ड आरोपी के लंबे आपराधिक इतिहास को दर्शाता है। इसी वजह से उसे खतौली थाने का हिस्ट्रीशीटर बनाया गया था।
मादक पदार्थों से जुड़े मामलों के साथ अन्य गंभीर अपराधों में नाम सामने आने के कारण पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सामान्य गिरफ्तारी से आगे बढ़कर निरोधात्मक कानूनी कार्रवाई की दिशा में कदम उठाया।
PIT NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई क्यों अहम मानी जा रही है
मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में केवल किसी एक घटना की जांच और मुकदमे तक कार्रवाई सीमित नहीं रहती। जब किसी व्यक्ति के खिलाफ लगातार ऐसे अपराधों से जुड़ा रिकॉर्ड सामने आता है, तो कानून के तहत उपलब्ध निरोधात्मक प्रावधानों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
गौरव उर्फ गौरा के मामले में पुलिस ने उसके कथित आपराधिक इतिहास और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों को देखते हुए PIT NDPS Act के तहत कार्रवाई के लिए पैरवी की। सरकार की ओर से आदेश जारी होने के बाद पुलिस ने उसका अनुपालन करते हुए गिरफ्तारी की।
यह कार्रवाई इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ कई वर्षों में कुल 61 मुकदमे दर्ज हुए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
मुजफ्फरनगर पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया।
इसके अलावा पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन, क्षेत्राधिकारी खतौली रूपाली राव और थाना प्रभारी खतौली दिनेश चंद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी के खिलाफ प्रभावी पैरवी की।
पुलिस अधिकारियों की निगरानी में आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और सरकार से PIT NDPS Act के तहत आदेश प्राप्त होने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
हरिद्वार से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस के अनुसार गौरव उर्फ गौरा की गिरफ्तारी जनपद हरिद्वार से हुई। खतौली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ जारी आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया। न्यायालय की प्रक्रिया के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पुलिस नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ अभियान को तेज करने की बात कह रही है। पुलिस का जोर नशे की सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में कौन-कौन शामिल रहा
गौरव उर्फ गौरा की गिरफ्तारी की कार्रवाई में खतौली पुलिस की टीम शामिल रही। पुलिस के अनुसार टीम में प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र, उपनिरीक्षक आरिफ अली, तेजवीर सिंह, रजत चौधरी, विनय शर्मा, मुख्य आरक्षी गजेंद्र सिंह और आरक्षी मुकेश कुमार शामिल रहे।
पुलिस टीम ने आरोपी को हरिद्वार से गिरफ्तार करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।
मुजफ्फरनगर में नशे के खिलाफ अभियान जारी
Muzaffarnagar News में सामने आया यह मामला जिले में नशे के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर ऐसे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई, जिनका लंबा आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस के पास दर्ज है, अभियान का एक प्रमुख हिस्सा है।
गौरव उर्फ गौरा के मामले में पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 1997 से 2026 तक 61 मुकदमों का उल्लेख किया गया है। इनमें मादक पदार्थों की तस्करी के अलावा कई अन्य गंभीर अपराध भी शामिल हैं। अब PIT NDPS Act के तहत हुई कार्रवाई के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है और संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
ऑपरेशन सवेरा में पुलिस की रणनीति का एक और उदाहरण
खतौली में हुई यह कार्रवाई यह भी दिखाती है कि पुलिस केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी या किसी एक मुकदमे तक सीमित रहने के बजाय चिन्हित अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड को भी कार्रवाई के दौरान आधार बना रही है। हालांकि किसी भी आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमों में अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित न्यायिक प्रक्रिया से ही निर्धारित होती है।
पुलिस के अनुसार गौरव उर्फ गौरा के खिलाफ दर्ज 61 मुकदमों और मादक पदार्थों से संबंधित आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उसके खिलाफ PIT NDPS Act की प्रक्रिया शुरू की गई थी। सरकार के आदेश के बाद पुलिस ने गिरफ्तारी कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
अब आगे क्या होगा?
आरोपी को जेल भेजे जाने के बाद उसके खिलाफ संबंधित कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों और दर्ज मुकदमों का अंतिम निर्धारण न्यायालयीन प्रक्रिया के अनुसार होगा। वहीं, PIT NDPS Act के तहत जारी आदेश के अनुपालन में आरोपी को निरुद्ध किए जाने की कार्रवाई पूरी कर दी गई है।
मुजफ्फरनगर पुलिस की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन सवेरा के तहत आने वाले समय में भी चिन्हित मादक पदार्थ तस्करों और अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

