“देश में हर किसान के पस ‘हल’, बस सरकार के पास ही नहीं”: Prasoon Bajpai
समस्या राजनैतिक है, जो 2022 तक बनी रहने की संभावना है और उसके बाद घंटा बजाते हुए यह समस्या स्वत समाप्त हो जायेगी। प्रस्ताव लागू होने पर देश गुलाम बन रहा था
Read more...समस्या राजनैतिक है, जो 2022 तक बनी रहने की संभावना है और उसके बाद घंटा बजाते हुए यह समस्या स्वत समाप्त हो जायेगी। प्रस्ताव लागू होने पर देश गुलाम बन रहा था
Read more...सरकार ने इस बिल को ओबीसी समाज को मजबूत करने वाला बताया है। इस बिल के कानून बनने के बाद राज्यों को अपनी ओबीसी लिस्ट तैयार करने का अधिकार मिल जाएगा। कांग्रेस से लेकर समाजवादी पार्टी तक, सभी प्रमुख दलों ने लोकसभा में इस संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन किया।
Read more...कथित तौर पर जिन पत्रकारों के फोन की जासूसी की गई, उसमें सिद्धार्थ वर्धराजन, एमके वेणु, रोहिणी सिंह, शिशिर गुप्ता, सुशांत सिंह जैसे पत्रकारों के नाम शामिल हैं।उधर, सरकार का कहना है कि भारत की छवि धूमिल करने के लिए जानबूझकर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।
Read more...युद्धवीर सिंह ने बैजल से ऑनलाइन बातची की। मुलाक़ात के बाद युद्धवीर ने कहा “मोदी सरकार हमारे साथ अहंकारी राजा की तरह पेश आ रही है। हमने सर्दी देखी है, बरसात देखी है और गर्मी देख रहे हैं।
Read more...एक न्यूज चैनल के सवाल कि सरकार कह रही है कि वो गन्ना किसानों का बकाया वापस कर रही है, तो इस राकेश टिकैत ने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों का बकाया 23 हजार करोड़ रुपए पहुंच चुका हैै। आखिर सरकार कौन से किसानों का बकाया वापस कर रही है, समझ से परे हैं। सरकार किसानों को सिर्फ हवा में बकाया वापस कर रही है। अगर वास्तव में बकाया वापस होता तो 23 हजार करोड़ रुपए किसानों का बकाया नहीं हो जाता।
Read more...