Ayodhya में आज मंदिर बना है और कल और भी बदलाव देखने को मिलेंगे-Rashami Desai
Ayodhya : टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस रश्मि देसाई (Rashami Desai) किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। भले ही काफी समय से वह पर्दे पर नजर नहीं आई हो, लेकिन सोशल मीडिया पर उनके शानदार लुक्स और आउटफिट के वीडियो वायरल होते रहते हैं। बिग बॉस से लेकर कई सारे सीरियल में काम कर चुकी रश्मि देसाई आज प्रभु राम के दरबार अयोध्या (Ram Mandir Ayodhya) पहुंची। यहां उन्होंने प्रभु राम से आशीर्वाद मांगा। उसके बाद वह सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी पहुंची, जहां आम श्रद्धालुओं के साथ लाइन में लगकर पवन पुत्र हनुमान का भी आशीर्वाद लिया।
Ayodhya पहुंची फिल्म एक्ट्रेस रश्मि देसाई ने कहा कि वह आध्यात्मिक बहुत ज्यादा हैं और पूजा-पाठ को बहुत पसंद करती हैं। प्रभु राम का दर्शन कर उनका मन प्रफुल्लित हो गया। तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर को बहुत अद्भुत और भव्य बनाया गया है। यहां आने के बाद अलग ही पावर की अनुभूति होती है। इतना ही नहीं, अयोध्या में अपनी फिल्म की शूटिंग को लेकर भी कहा कि अगर उन्हें अच्छी स्क्रिप्ट मिली तो वह जरूर अयोध्या में शूटिंग करेंगी। बदलती अयोध्या के बारे में उन्होंने बताया कि वक्त के साथ अयोध्या बदली है और इसके विकास पर कहा कि हर सरकार अच्छा काम कर रही है। अयोध्या में आज मंदिर बना है और कल और भी बदलाव देखने को मिलेंगे।
आगे उन्होंने बताया कि उनकी एक फिल्म भी आ रही है। वह चाहती हैं कि भगवान का आशीर्वाद मिले और सब अच्छा हो। अयोध्या में अपनी फिल्म की शूटिंग को लेकर कहा कि हम भी चाहेंगे अपने कल्चर के बारे में लोगों को बताएं। 500 वर्षों के बाद प्रभु राम अपने भव्य महल में विराजमान हो चुके हैं। इसका श्रेय किसी को नहीं जाता। प्रभु राम की मर्जी से ही सब कुछ होता है। हम बस एक माध्यम हैं।
Ayodhya और राम मंदिर का संघर्ष
Ayodhya, भारतीय संस्कृति और इतिहास का एक महत्वपूर्ण स्थल है, जो सदियों से धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा है। यहां का राम जन्मभूमि स्थल विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जहां भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। इस स्थान पर राम मंदिर निर्माण का संघर्ष भी इतिहास में एक प्रमुख घटना है।
राम मंदिर का संघर्ष
राम मंदिर का संघर्ष 16वीं सदी में शुरू हुआ जब बाबरी मस्जिद का निर्माण किया गया था। इसके बाद सदियों तक यह स्थल विवाद का केंद्र बना रहा। 20वीं सदी के अंत और 21वीं सदी के प्रारंभ में इस मुद्दे ने राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष का रूप ले लिया। लाखों हिन्दू संतों, अनुयायियों और संगठनों ने इस स्थान को पुनः राम मंदिर के रूप में स्थापित करने के लिए आंदोलन किया।
हिन्दू संतों का संघर्ष
हिन्दू संतों का संघर्ष इस आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए अपने जीवन को समर्पित कर दिया। संतों ने देशभर में यात्राएं कीं, जन जागरण अभियान चलाए, और सरकार पर दबाव बनाया। इस संघर्ष में कई संतों ने अपने प्राणों की आहुति भी दी। उनका योगदान और संघर्ष सदैव याद रखा जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
9 नवम्बर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में ऐतिहासिक निर्णय दिया, जिसमें विवादित भूमि को राम मंदिर निर्माण के लिए हिन्दुओं को सौंपने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही मुस्लिम पक्ष को अलग से 5 एकड़ भूमि दी गई। इस निर्णय ने एक लंबे संघर्ष को समाप्त किया और राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।
राम मंदिर का निर्माण
आज राम मंदिर का निर्माण तेजी से हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन कर राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी। यह मंदिर हिन्दू आस्था और संस्कृति का प्रतीक बनेगा। इसका निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद यह स्थल एक प्रमुख तीर्थस्थल और पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा।
अयोध्या का विकास और राम मंदिर का निर्माण न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे न केवल भारत बल्कि विश्वभर के हिन्दुओं की आस्था और विश्वास को मजबूती मिलेगी।

