वैश्विक

Trump का बड़ा दावा—अमेरिका चाहे तो एक रात में खत्म कर सकता है ईरान, 13,000 ठिकानों पर हमले का खुलासा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड Trump ने ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव को लेकर सोमवार रात (भारतीय समयानुसार) आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बड़े दावे किए।  उन्होंने कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई ईरान के खिलाफ “अच्छी तरह आगे बढ़ रही है” और यदि आवश्यकता पड़ी तो अमेरिका एक ही रात में पूरे ईरान को समाप्त करने की क्षमता रखता है।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ऐसी कार्रवाई “कल रात भी हो सकती है”, जिससे अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक माहौल में नई हलचल पैदा हो गई है। उनके बयान के बाद वैश्विक सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस टिप्पणी को बेहद गंभीर माना है।


ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट को बचाने वाला ऑपरेशन बताया ‘ऐतिहासिक’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए गए सैन्य अभियान को हाल के दशकों के सबसे जोखिमपूर्ण ऑपरेशनों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि केवल एक या दो सैनिकों को बचाने के लिए सैकड़ों लोगों की जान दांव पर लगानी पड़ी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना को निर्देश दिया गया था कि किसी भी कीमत पर अपने सैनिकों को सुरक्षित वापस लाया जाए।


155 सैन्य विमानों के साथ चलाया गया बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

Trump Iran War Statement के दौरान उन्होंने बताया कि दूसरे चरण के रेस्क्यू मिशन में कुल 155 अमेरिकी सैन्य विमान शामिल किए गए थे। इनमें चार बॉम्बर विमान, 64 फाइटर जेट, 48 ईंधन भरने वाले टैंकर और 13 रेस्क्यू विमान शामिल थे।

उन्होंने कहा कि यह मिशन कई घंटों तक ईरान के ऊपर संचालित किया गया और दुश्मन को भ्रमित करने के लिए डिकॉय रणनीति अपनाई गई।


डिकॉय रणनीति से दुश्मन को भ्रमित किया गया

अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान सात अलग-अलग स्थानों पर भ्रम की स्थिति पैदा की गई ताकि ईरान को वास्तविक रेस्क्यू लोकेशन का पता न चल सके। कई विमानों को अलग-अलग दिशाओं में भेजा गया जिससे दुश्मन की निगरानी प्रणाली को गुमराह किया जा सके।

यह रणनीति आधुनिक हवाई युद्ध में उच्च स्तरीय सामरिक योजना का उदाहरण मानी जा रही है।


13,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले और 10,000 कॉम्बैट उड़ानों का दावा

Trump Iran War Statement में ट्रम्प ने दावा किया कि पिछले 37 दिनों के भीतर अमेरिकी सेना ने ईरान के 13,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं और 10,000 से ज्यादा कॉम्बैट फ्लाइट्स संचालित की गई हैं।

यह आंकड़ा इस सैन्य अभियान की व्यापकता को दर्शाता है और संकेत देता है कि संघर्ष सीमित कार्रवाई से कहीं आगे बढ़ चुका है।


पहली बार अमेरिकी F-15 विमान गिरने की बात स्वीकार

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने पहली बार स्वीकार किया कि ईरान ने एक अमेरिकी F-15 विमान को मार गिराया। हालांकि उन्होंने इसे “लकी हिट” बताते हुए कहा कि यह दुश्मन की किस्मत का परिणाम था।

उन्होंने यह भी बताया कि एक हेलीकॉप्टर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने के बावजूद सुरक्षित वापस लौट आया, जिसे अमेरिकी तकनीकी क्षमता का उदाहरण बताया गया।


घायल पायलट की बहादुरी का किया उल्लेख

उन्होंने एक घायल पायलट की बहादुरी का जिक्र करते हुए बताया कि विमान गिरने के बाद वह पैराशूट से उतरकर पहाड़ी इलाके में छिप गया और गंभीर चोटों के बावजूद लगातार सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की कोशिश करता रहा।

ट्रम्प के अनुसार, उसने स्वयं अपने घावों का उपचार किया और संपर्क बनाए रखा, जिसके बाद हेलीकॉप्टर से उसे सुरक्षित निकाला गया।


लीक करने वाले पत्रकार पर कार्रवाई की चेतावनी

Trump Iran War Statement के दौरान उन्होंने उस व्यक्ति को खोजने की बात कही जिसने मीडिया में दूसरे पायलट के ईरान में फंसे होने की जानकारी लीक की थी। उनके अनुसार इस लीक से ऑपरेशन और अधिक कठिन हो गया।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पत्रकार अपने स्रोत का खुलासा नहीं करता तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।


सैन्य सलाहकारों में मतभेद के बावजूद लिया गया फैसला

ट्रम्प ने स्वीकार किया कि इस जोखिमपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर सभी सैन्य सलाहकार एकमत नहीं थे। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे अत्यधिक खतरनाक बताया था क्योंकि इससे सैकड़ों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी।

हालांकि रक्षा मंत्री और जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन इस मिशन के समर्थन में थे।


ईरान के लोगों को ‘आजादी के लिए दर्द सहना पड़ेगा’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब नागरिक ढांचे पर हमलों को लेकर सवाल पूछा गया, तो ट्रम्प ने कहा कि यदि इन हमलों से ईरान के लोगों को स्वतंत्रता मिलती है, तो वे इस दर्द को सहने के लिए तैयार होंगे।

उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के कई नागरिक अमेरिकी कार्रवाई जारी रखने का समर्थन कर रहे हैं।


होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दिया गया अल्टीमेटम

Trump Iran War Statement के दौरान उन्होंने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए समयसीमा दिए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पहले यह समयसीमा सोमवार तक थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाया गया।

उन्होंने कहा कि आगे की स्थिति ईरान के निर्णयों पर निर्भर करेगी।


युद्ध खत्म होगा या बढ़ेगा—निर्णय ईरान पर निर्भर

जब उनसे पूछा गया कि क्या संघर्ष समाप्त होने की दिशा में है या बढ़ सकता है, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से इनकार करते हुए कहा कि यह पूरी तरह ईरान की अगली कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

इस बयान ने संकेत दिया कि क्षेत्रीय तनाव अभी कम होने की स्थिति में नहीं है।


ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के तीखे बयान और बड़े सैन्य दावों ने अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक समीकरणों को और संवेदनशील बना दिया है। आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य, हवाई अभियानों और कूटनीतिक प्रतिक्रिया की दिशा इस संघर्ष के भविष्य को तय करेगी, जिस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

 

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