Trump का भारत पर वार: 12 घंटे में पलटी, बोले- हमेशा मोदी का दोस्त रहूंगा, लेकिन टैरिफ जारी
Trump India Statement की खबर ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में हलचल मचा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को भारत के खिलाफ अपने बयान के करीब 12 घंटे के भीतर पलटी मार दी। व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने स्पष्ट कहा, “मैं हमेशा पीएम नरेंद्र मोदी का दोस्त रहूंगा और भारत के साथ संबंधों को रीसेट करने के लिए तैयार हूं।”
इससे पहले सुबह ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर लिखा था, “ऐसा लगता है कि हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। उम्मीद है उनका भविष्य अच्छा होगा।” यह ट्वीट अमेरिकी-भारतीय संबंधों में तनाव की वजह बना।
ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के साथ संबंधों को बताया सकारात्मक
व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग में ट्रम्प ने भारत समेत अन्य देशों के साथ चल रही व्यापार बातचीत को संतोषजनक बताया। हालांकि उन्होंने यूरोपीय संघ (EU) द्वारा गूगल पर 3.5 अरब डॉलर का जुर्माना लगाने पर नाराजगी जताई।
उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने से वे निराश हैं। इसके लिए अमेरिका ने भारत पर कुल 50% का टैरिफ लगाया है। ट्रम्प का कहना था कि यह टैरिफ रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने में मदद करेगा और अमेरिकी आर्थिक हितों की रक्षा करेगा।
पूर्व NSA जॉन बोल्टन का ट्रम्प-मोदी दोस्ती पर बड़ा बयान
ट्रम्प के बयान से पहले अमेरिकी पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने कहा था कि ट्रम्प और पीएम मोदी की खास दोस्ती अब समाप्त हो चुकी है। ब्रिटिश मीडिया LBC को दिए इंटरव्यू में बोल्टन ने बताया, “व्हाइट हाउस ने अमेरिका-भारत संबंधों को दशकों पीछे धकेल दिया। मोदी रूस और चीन के करीब चले गए। चीन ने खुद को अमेरिका और ट्रम्प के विकल्प के रूप में पेश किया है।”
बोल्टन ने इसे एक बड़ी गलती बताया और कहा कि अब स्थिति बहुत खराब हो चुकी है और इसे सुधारना आसान नहीं है।
यूक्रेन युद्ध के चलते भारत पर लगाए गए टैरिफ
ट्रम्प ने 4 सितंबर को भारत पर 50% टैरिफ लगाने को जरूरी बताया था। उनका कहना था कि यह रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने में मदद करेगा। अमेरिकी कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है।
ट्रम्प ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी, जिसमें कहा गया था कि वे विदेशी सामान पर भारी टैरिफ नहीं लगा सकते। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि भारत पर टैरिफ लगाने से अमेरिका की व्यापारिक रणनीति मजबूत होगी और अन्य देशों जैसे यूरोप, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ समझौते सुरक्षित रहेंगे।
भारत पर टैरिफ लगाने के पीछे ट्रम्प की तर्क
ट्रम्प ने कहा था कि भारत टैरिफ लगाकर अमेरिका को मार रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भारत, चीन और ब्राजील जैसे देश अपने ऊंचे टैरिफ के जरिए अमेरिकी आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने बाद में उन्हें जीरो टैरिफ का ऑफर दिया। ट्रम्प के मुताबिक, अगर उन्होंने टैरिफ नहीं लगाया होता तो भारत ऐसा ऑफर कभी नहीं देता। उनका मानना है कि टैरिफ अमेरिका की आर्थिक ताकत के लिए जरूरी हैं।
अमेरिका की शर्तें और भारत के लिए विकल्प
अमेरिकी उद्योग मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि भारत को 25% एक्स्ट्रा टैरिफ हटाने के लिए तीन शर्तें माननी होंगी:
रूस से तेल खरीदना बंद करना
BRICS से अलग होना
अमेरिका का समर्थन करना
उन्होंने कहा कि भारत अगर रूस और चीन के बीच ब्रिज बनना चाहता है, तो यह विकल्प है, लेकिन अमेरिका के सबसे बड़े ग्राहक का समर्थन करना जरूरी है।
अमेरिका ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया
ट्रम्प ने 30 जुलाई को भारत पर 25% टैरिफ लागू किया, जो 7 अगस्त से लागू हुआ। इसके एक दिन पहले, 6 अगस्त को उन्होंने रूसी तेल खरीदने के कारण भारत पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया, जो 27 अगस्त से लागू हुआ। ट्रम्प का कहना था कि भारत सस्ता रूसी तेल खरीदकर खुली मार्केट में बेच रहा है, जिससे पुतिन को यूक्रेन युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है।

