विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच राज्यसभा से भी दो कृषि विधेयक पास
राज्यसभा से विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच कृषि संबंधी दो विधेयक पास हो गए हैं। इन विधेयकों को ध्वनि मत से पारित किया गया है। उच्च सदन में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने विधेयक के पक्ष में जवाब दिया।
इस दौरान असंतुष्ट विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया। वहीं विधेयक पास होने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने खुशी जताई है।
कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्रों में एपीएमसी सुधार, आवश्यक वास्तु अधिनियम 1955 सुधार एवं करार सम्बंधित कानून बनाने का वादा किया था, आज जब मोदी सरकार उन्हीं विषयों पर विधेयकों को लायी है, तो कांग्रेस विरोध कर रही है, इसे हम क्षेत्रीय भाषा में "दो मुंहे पन" कहते हैं। #JaiKisan pic.twitter.com/pJiTwb9XRg
— Narendra Singh Tomar (@nstomar) September 20, 2020
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, ‘कृषि एवं किसानों के सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाए गए विधेयकों के संसद में पास होने पर मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का अभिनंदन करता हूं और देश के सभी किसान भाइयों को शुभकामनाएं देता हूं।
मैं समर्थन के लिए सभी सांसदों एवं राजनीतिक दलों को भी साधुवाद देता हूं। संसद द्वारा पारित उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण), कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन एवं कृषि सेवा पर करार और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक सही मायनों में किसानों को अपने फसल के भंडारण, और बिक्री की आजादी देंगे और बिचौलियों के चंगुल से उन्हें मुक्त करेंगे। ‘
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘एमएसपी अर्थात न्यूनतम समर्थन मूल्य था, है और रहेगा। एपीएमसी की व्यवस्था भी बनी रहेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने दूरदर्शिता का परिचय देते हुए किसानों के बेहतर भविष्य के लिए ये कदम उठाए हैं
जो किसानों की आय को दोगुना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अब किसान अपनी मर्जी का मालिक होगा। किसानों को उपज बेचने का विकल्प देकर उन्हें सशक्त बनाया गया है।
बिक्री लाभदायक मूल्यों पर करने से संबंधित चयन की सुविधा का भी लाभ किसान ले सकेंगे। इससे जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान किसान के घर पर ही उपलब्ध होगा।
मोदी सरकार के यह कृषि सुधार हमारे किसान भाइयों का हक मारने वाले बिचौलियों से उन्हें मुक्त करेंगे और साथ ही उनकी उपज को कहीं भी बेचने व उसका सही दाम दिलवाकर उनकी आय बढ़ाने में एक सकारात्मक भूमिका निभाएँगे।
इस निर्णय के बाद भी MSP की व्यवस्था बनी रहेगी व सरकारी खरीद भी जारी रहेगी।
— Amit Shah (@AmitShah) September 20, 2020
उन्होंने आगे कहा, ‘कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2019 के अपने घोषणापत्र में एपीएमसी व्यवस्था को खत्म करने की बात की थी जबकि इन विधेयकों के अनुसार एमएसपी और एपीएमसी चलती रहेगी।
मोदी सरकार तो किसानों को बेहतर विकल्प उपलब्ध करा रही है। आखिर राहुल गांधी और कांग्रेस किसानों को सशक्त होते देखना क्यों नहीं चाहते। कांग्रेस ने किसानों के सशक्तिकरण के लिए कभी कोई रिफॉर्म्स नहीं किया।
उसके पास न इसके लिए सोच थी, न ही इच्छाशक्ति। किसानों और गरीबों को गुमराह कर राजनीति करने की कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। कांग्रेस के दोहरे चरित्र से किसान वाकिफ हैं, वे अब उसके बहकावे में आने वाले नहीं हैं।’
भाजपा अध्यक्ष ने विपक्ष के सदन के व्यवहार पर कहा, ‘विपक्ष की गैर-जिम्मेदाराना हरकत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया। अध्यक्ष इसे नोट करेंगे और इसपर कार्रवाई करेंगे। लोकतांत्रिक प्रणाली को सुचारू रूप से काम करना चाहिए, हम सभापति से इसे लेकर उठाने का अनुरोध करेंगे।’
मैं ये भी कहना चाहूंगा कि आज इस घटना ने साबित कर दिया है कि जो सभ्य आचरण एक सांसद का होना चाहिए और जो पार्टियां बार-बार सभ्यता की बात करती हैं उन्होंने आज सभ्यता को ताक पर रखकर के जिस तरीके का कार्य किया है ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और निंदनीय है। pic.twitter.com/IXt5DGasrR
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) September 20, 2020
रक्षा मंत्री ने कहा, ‘बड़े ही हर्ष का विषय है कि राज्यसभा में पारित होने के बाद कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार लाने में सक्षम दो विधेयकों, किसान उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक और किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा समझौता विधेयक को संसद की मंजूरी मिल गई है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में और कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर के दिशानिर्देशन में आज ‘आत्मनिर्भर कृषि’ की मजबूत नींव रख दी गई है। संसद में इन दोनों विधायकों के पारित हो जाने के बाद कृषि क्षेत्र में वृद्धि और विकास का एक नया इतिहास लिखा जाएगा।’
मैं दो टूक शब्दों में, तहे-दिल, देश के क़िसान भाइयों को संदेश देना चाहता हूँ कि किसी भी सूरत में MSP ख़त्म नहीं होगी।
इतना ही नहीं APMC की व्यवस्था भी ख़त्म नहीं होगी। मैं सभी किसानों को आश्वस्त करना चाहता हूँ। pic.twitter.com/eBf2gCHDn5
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) September 20, 2020
राजनाथ सिंह ने कहा, ‘इन दोनों विधेयकों के पारित होने में न केवल भारत की खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में भी यह एक बड़ा प्रभावी कदम सिद्ध होगा।
इस अभूतपूर्व कृषि सुधार के लिए मै प्रधानमंत्रीजी का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कृषि मंत्री जी को धन्यवाद देता हूं।’
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा, ‘विभिन्न आयोगों और विशेषज्ञों की सिफारिशों के बावजूद, कांग्रेस ने उन किसानों के साथ कभी न्याय नहीं किया जो खुद को वर्षों से असहाय महसूस कर रहे थे। आज जब कांग्रेस को एहसास हुआ कि राज्यसभा में उनके पास समर्थन नहीं है, तो उन्होंने ‘गुंडागर्दी’ का सहारा लिया।’
