Ukraine: पीछे हट रहे हैं रूसी सैनिक, संकट टलने के आसार
Ukraine पर गहराते संकट के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यूक्रेन की सीमा के पास रूसी सैनिक पीछे हट रहे हैं. यूक्रेन के करीब तैनात सैनिकों को रूस वापस बेस पर भेज रहा है. एएफपी न्यूज एजेंसी के मुताबिक रूस का कहना है यूक्रेन (Ukraine) के पास तैनात कुछ सेना के जवान अपने ठिकानों पर लौट रहे हैं.
#BREAKING Some Russian forces near Ukraine returning to bases: ministry pic.twitter.com/pgj9J3flRf
— AFP News Agency (@AFP) February 15, 2022
रूस ने मंगलवार को कहा कि वह यूक्रेन की सीमा के पास अपने कुछ बलों को उनके बेस कैंप पर वापस बुला रहा है. अमेरिका और रूस में बढ़ते तनाव और संकट के बीच डी-एस्केलेशन (De-Escalation) की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है.
मंगलवार 15 फरवरी की सुबह रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि, यूक्रेन (Ukraine) के पास तैनात कुछ बलों ने अपना अभ्यास पूरा कर लिया है और जाने के लिए तैयारी कर रहे हैं. रूसी आक्रमण को टालने के लिए काफी दिनों से राजनयिक प्रयास भी किए जा रहे थे.
#BREAKING Putin, Scholz begin talks in Moscow over Ukraine security pic.twitter.com/84mQCgeVNy
— AFP News Agency (@AFP) February 15, 2022
गहन राजनयिक प्रयास के बाद रूस ने ये कदम उठाया है. रूसी रक्षा मंत्रालय के मुख्य प्रवक्ता इगोर कोनाशेनकोव (Igor Konashenkov) ने रूसी समाचार एजेंसियों को बताया कि दक्षिणी और पश्चिमी सैन्य जिलों की यूनिट अपने कार्यों को पूरा करने के बाद रेल और सड़क परिवहन पर अपने हथियारों और सामानों को लोड करने के बाद आज सैन्य चौकियों में लौटना शुरू कर देगी.
The newly released images come as Russian officials hinted at a possible de-escalation and began withdrawing some troops.https://t.co/bzbYNErNuZ
— The Moscow Times (@MoscowTimes) February 15, 2022
अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि वापस बेस पर जाने के लिए कितनी यूनिट शामिल थीं और इस वापसी का यूक्रेन के पास के सैनिकों की कुल संख्या पर क्या प्रभाव पड़ेगा. फिलहाल रूसी सैनिकों की वापसी की घोषणा से संकट टलने के आसार दिख रहे हैं. इस मामले को लेकर पहली प्रतिक्रिया जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ (Olaf Scholz) की आ सकती है, क्योंकि जर्मन चांसलर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के साथ बातचीत के लिए मंगलवार को मास्को में मौजूद थे.
https://twitter.com/mfa_russia/status/1493477751013130241?s=20&t=eygjv3QWMF-iRhUo961sTw
सोमवार को व्लादिमीर पुतिन के विदेश और रक्षा मंत्रियों की टिप्पणियों से तनाव कम होने की कुछ उम्मीद जगी थी. बता दें कि पिछले कई दिनों से यूक्रेन के मसले पर संकट काफी गहराता जा रहा था. अमेरिका ने दावा किया था कि जल्द ही रूस यूक्रेन पर हमला बोल सकता है. वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने भी दावा करते हुए कहा था कि 16 फरवरी को रूस यूक्रेन पर हमला करेगा.
अमेरिकी अधिकारी पहले से ही ये दावा करते आ रहे हैं कि यूक्रेन (Ukraine) सीमा के पास 100000 से अधिक रूसी सैनिकों (Russian Troops) का जमावड़ा है. अमेरिका (America) ने ये भी दावा किया था कि बीजिंग ओलंपिक खत्म होने से पहले ही रूस यूक्रेन पर हमला बोल सकता है.
ऐसे में अमेरिका ने यूक्रेन से अपने नागरिकों को जल्द से जल्द निकलने को लेकर फिर से हिदायतें दी हैं. कई दूसरे देश भी वहां लोगों को जाने से मना कर रहे हैं और वहां रह रहे अपने नागरिकों को निकलने की अपील कर रहे हैं.
उन्होंने कहा रूस कौन सा रास्ता चुनेगा ये साफ नहीं है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार है. बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत में ये साफ कर दिया था कि अगर रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो इसके गंभीर नतीजे भुगतने पड़ेंगे. वहीं इस संकट को टालने के लिए जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देश कोशिशों में लगे हुए हैं.

