चाचा-चाची ने ही बच्चे को किया था स्वास्थ्यकर्मी बनकर किडनैप
अनूपशहर कोतवाली पुलिस ने टीका लगाने के बहाने अपह्रत किया गये डेढ़ माह के बच्चे को 8 घंटे में गाज़ियाबाद से बरामद कर लिया है। इस घटना को अंजाम देने वाले दंपति चाचा-चाची ने ही संतान न होने के कारण स्वास्थ्यकर्मी बनकर मासूम का अपहरण किया था। पुलिस ने अपहरणकर्ता दंपति को भी गिरफ्तार कर लिया है।
अनूपशहर में रहने वाले राजीव शर्मा के छोटा भाई सुभाष शर्मा गाज़ियाबाद में रहता है। सुभाष व उसकी पत्नी प्रियंका के विवाह के कई साल बाद भी संतान नही हुई तो दोनों ने अपने ही भतीजे के अपहरण की साजिश रच वारदात को अंजाम दे डाला।
एसएसपी ने बताया कि सोमवार को डूंगरा जोगी गांव में प्रियंका नकाब लगाकर आंगनवाड़ी व पति सुभाष स्वास्थ्यकर्मी बनकर मासूम बच्चे को टीका लगाने के बहाने गये थे और डेढ़ माह के बच्चे का अपहरण कर फरार हो गए थे। शिकायत आने पर पुलिस ने 5 टीमें गठित कर बच्चे की तलाश शुरू कर दिया।
पुलिस को दो आशंका सता रही थी कि बच्चे का अपहरण या तो किसी निःसंतान द्वारा किया गया होगा या फिर बलि के लिये। मगर प्राथमिक पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि संजीव शर्मा के भाई सुभाष निःसंतान हैं। फिर भी बाकी की सभी टीम बच्चे की तलाश में जुटी रही और सुभाष के गाज़ियाबाद स्थित घर से अगवा मासूम को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने अपहरण करने वाले मासूम के चाचा-चाची को भी गिरफ्तार कर लिया है।
