उत्तर प्रदेश आज भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र बिंदु- Yogi Adityanath
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने प्रदेश के स्थापना दिवस के मौके पर उनके सशक्त नेतृत्व, जनप्रियता, और श्रेष्ठ प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका की तारीफ की है। उनका उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदेश को विकसित भारत की ओर प्रगट करने में सहायक हो रहा है।
उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस 24 से 26 जनवरी तक पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। बुधवार को लखनऊ में समारोह का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का केंद्रबिंदु बन रहा है। प्रदेश दुनिया में विशेष स्थान बना रहा है।
Yogi Adityanath ने कहा कि 1937 से 1950 तक उत्तर प्रदेश को संयुक्त प्रांत के नाम से जाना जाता था। 24 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश के रूप में नोटिफिकेशन जारी हुआ। इसके बाद भी प्रदेश को प्रश्नवाचक के रूप में देखा जाता रहा।
प्रदेश में सारी खूबियां होने के बावजूद पहचान का संकट था। पूर्व राज्यपाल रामनाईक ने कहा था कि हर राज्य का स्थापना दिवस होता है। यूपी का भी मनाया जाना चाहिए। 24 जनवरी 2018 को प्रदेश का पहला स्थापना दिवस मनाया गया। आज हम सातवां स्थापना दिवस मना रहे हैं। यह विशेष है क्योंकि भगवान राम 500 साल बाद अपनी नगरी में विराजमान हुए हैं।
Yogi Adityanath ने कहा कि प्रदेश का स्थापना दिवस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाने का माध्यम बन गया है।यूपी दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अध्यात्म, ज्ञान और शिक्षा की तपोभूमि उत्तर प्रदेश के अपने सभी परिवारजनों को राज्य के स्थापना दिवस की अनेकानेक शुभकामनाएं।
बीते सात वर्षों में प्रदेश ने प्रगति की एक नई गाथा लिखी है, जिसमें राज्य सरकार के साथ जनता-जनार्दन ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी की है। मुझे विश्वास है कि विकसित भारत की संकल्प यात्रा में उत्तर प्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश आज भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का केंद्रबिंदु बन रहा है और प्रदेश दुनिया में विशेष स्थान बना रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश का स्थापना दिवस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाने का माध्यम बन गया है।
प्रदेश की पहचान में बदलाव: पिछले सात वर्षों में, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने कई बड़े परिवर्तन देखे हैं। उनकी अच्छी शासन प्रबंधन और जनप्रियता ने प्रदेश की पहचान में सकारात्मक परिवर्तन किए हैं। प्रदेश के लोग उन्हें एक सशक्त और सच्चे नेता के रूप में पहचान रहे हैं।
प्रगति की नई गाथा: योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, प्रदेश ने एक नई पहचान बनाई है जिसमें सरकार और जनता एक साथ काम कर रही हैं। उनकी अग्रणी भूमिका में, प्रदेश ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की गाथा बढ़ाई है।
प्रशासनिक सुधार: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के प्रशासन में भी कई सुधार हुए हैं। सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में नए योजनाओं को शुरू किया है और लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने में मदद की जा रही है।
जनप्रिय नेता: योगी आदित्यनाथ प्रदेश के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं। उनके सख्त नेतृत्व, संघर्षी दृष्टिकोण और सच्चाई के लिए उन्हें जनप्रियता प्राप्त है। वे अपने नेतृत्व के माध्यम से प्रदेश को एक नए ऊचाईयों तक पहुंचाने का संकल्प रखते हैं।
योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व, प्रदेश की विकास यात्रा को मजबूत कर रहा है और उन्हें प्रदेश के लोगों की मोहब्बत और समर्थन का समर्पित होना हमें गर्वित करता है। इस प्रदेशोत्तर दिवस पर, हम सभी योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश की प्रगति और उनके श्रेष्ठ प्रशासन की दिशा में एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं।

