Gyanvapi Masjid के बाहरी दीवारों, छतों, गुंबदों, तालाबों तथा ऊपरी मंजिल पर बंद कमरों का वीडियोग्राफी और सर्वे
Gyanvapi Masjid: शनिवार को कोर्ट के आदेश के बाद सर्वे करने वाली 50 लोगों की टीम मस्जिद के बंद पड़े कुछ बहुत पुराने तहखानों का वीडियोग्राफी कर सर्वे किया गया। वहीं दूसरे दिन ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे शुरू हो गया है। आज मस्जिद के बाहरी दीवारों, छतों, गुंबदों, तालाबों तथा ऊपरी मंजिल पर बंद कमरों का वीडियोग्राफी और सर्वे किया जाएगा।
सर्वे के दूसरे दिन भी तय समय पर जांच टीम सुबह करीब साढ़े सात बजे विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार पर पहुंची. यहां एडवोकेट कमिश्नर विशाल सिंह ने बताया कि सर्वे की रिपोर्ट गोपनीय है, इसे साझा नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने 17 तारीख से पहले सर्वे की कार्रवाई पूरी करने का आदेश दिया है. फिलहाल सर्वे करने वाली टीम मौजूद है.
वाराणसी ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) परिसर को लेकर जब शनिवार को सर्वे और वीडियोग्राफी का काम कर लिया गया तो हिंदू पक्ष की ओर से यह दावा किए जाने लगा कि मस्जिद के भीतर हमारी उम्मीदों से कई गुना ज्यादा रहस्य छिपे हुए हैं।
हिंदू पक्ष की ओर से कहा गया कि अब जब सीनियर सिविल डिवीजन कोर्ट में 17 मई को सर्वे और वीडियोग्राफी का रिपोर्ट सबमिट कर दिया जाएगा उसके बाद ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़ा असलियत दुनिया के समक्ष आएगा।
3 घंटे 30 मिनट तक चले सर्वे के दौरान वीडियोग्राफी में नक्काशीदार आकृति, दिवालो पर धार्मिक आकृतिया मिलने की सूचना है. बताया जा रहा है कि मस्जिद के अंदर काफी मलबा जमा हुआ है. वहीं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है और लगातार गश्त कर रही है.
अगर कमीशन की कार्यवाही पूरी हो जाएगी तो 17 मई को विशेष अधिवक्ता आयुक्त विशाल सिंह, अधिवक्ता आयुक्त अजय कुमार मिश्र और सहायक अधिवक्ता आयुक्त अजय प्रताप सिंह संयुक्त रिपोर्ट न्यायालय को सौंपेंगे. यदि टीम को लगता है कि कमीशन के लिए और समय की आवश्यकता है तो वह न्यायालय से अगली तिथि पर रिपोर्ट पेश करने की अनुमति भी मांग सकती है.
ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) में सर्वे को लेकर काशी विश्वनाथ धाम तथा उससे आसपास के पूरे क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था का बड़े स्तर पर इंतजाम किया गया है। सर्वे वाले क्षेत्र के आसपास केवल सर्वे से जुड़े अधिकारियों और सदस्यों को ही जाने की अनुमति है। इसके अलावा इन क्षेत्रों में किसी भी आम नागरिक तथा मीडिया कर्मी को जाने की अनुमति नहीं है।

