Yashasvi Jaiswal अब विकेटकीपिंग भी सीख रहे, रणजी से पहले 10 ओवर संभाली ग्लव्स की जिम्मेदारी
भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज Yashasvi Jaiswal विकेटकीपिंग की प्रैक्टिस करते नजर आए हैं। रणजी ट्रॉफी के नए सीजन से पहले मुंबई के एक प्रैक्टिस मैच में जायसवाल ने विकेटकीपिंग ग्लव्स पहने और करीब 10 ओवर तक विकेट के पीछे जिम्मेदारी संभाली।
जायसवाल का यह नया अवतार इसलिए चर्चा में है, क्योंकि वह भारतीय टीम में मुख्य रूप से बतौर बल्लेबाज खेलते हैं। अब वह अपने खेल में विकेटकीपिंग जैसी एक और स्किल जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
यशस्वी रणजी ट्रॉफी में 11 अक्टूबर को मुंबई की ओर से चंडीगढ़ के खिलाफ मैदान पर उतरेंगे।
जायसवाल ने करीब 10 ओवर की विकेटकीपिंग
मुंबई के प्रैक्टिस मैच के दौरान यशस्वी जायसवाल ने विकेटकीपिंग ग्लव्स पहनकर करीब 10 ओवर तक विकेट के पीछे खड़े होकर प्रैक्टिस की। यह पहली बार नहीं है जब जायसवाल ने अपनी बल्लेबाजी के अलावा किसी दूसरे क्रिकेटिंग स्किल पर काम किया हो।
वह पहले भी अपनी लेग-स्पिन से टीम की मदद कर चुके हैं। हालांकि, गेंदबाजी उनके नियमित खेल का हिस्सा नहीं है और भारतीय टीम में उनकी मुख्य भूमिका बल्लेबाज की ही रहती है।
अब विकेटकीपिंग की प्रैक्टिस उनके खेल में एक और विकल्प जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।
मुंबई कप्तान ने बताया क्या है जायसवाल का लक्ष्य
मुंबई के कप्तान सिद्धेश लाड ने भी यशस्वी के विकेटकीपिंग अभ्यास को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि जायसवाल विकेटकीपिंग शुरू करने के लिए काफी मेहनत कर रहे हैं और उन्होंने इसी बारे में सुना है।
लाड के मुताबिक, जायसवाल मुंबई या भारतीय टीम के लिए विकेटकीपिंग करना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें इस योजना की पूरी जानकारी नहीं है।
जायसवाल के लिए विकेटकीपिंग आसान काम नहीं होगा, क्योंकि इसके लिए नियमित अभ्यास, फिटनेस और लंबे समय तक विकेट के पीछे खड़े रहने की आदत की जरूरत होती है। यही वजह है कि फिलहाल इसे उनके खेल में एक नई स्किल विकसित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
लगातार प्रैक्टिस से बनती है विकेटकीपिंग की आदत
सिद्धेश लाड ने कहा कि जायसवाल ने विकेटकीपिंग की प्रैक्टिस इसलिए शुरू की है, क्योंकि वह अपने खेल में कुछ और जोड़ना चाहते हैं।
विकेटकीपिंग में सिर्फ कैच पकड़ना ही नहीं, बल्कि गेंद को लगातार ट्रैक करना, स्पिनर्स के खिलाफ स्टंपिंग के मौके बनाना और तेज गेंदबाजों के पीछे सही पोजिशन बनाए रखना भी शामिल है। ऐसे में जायसवाल के लिए नियमित अभ्यास इस नई भूमिका में अहम होगा।
फिलहाल रणजी ट्रॉफी में उनकी प्राथमिक भूमिका बल्लेबाज की ही रहने वाली है। विकेटकीपिंग को लेकर टीम मैनेजमेंट आगे किस तरह फैसला करता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
मुंबई को नए सीजन में कई बदलावों के साथ उतरना है
रणजी ट्रॉफी के नए सीजन से पहले मुंबई की टीम में भी कुछ बड़े बदलाव हुए हैं। टीम इस अभियान में पूर्व कप्तान शार्दुल ठाकुर के बिना खेलेगी।
इसके अलावा पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने भी नए सीजन से पहले क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। ऐसे में मुंबई की टीम को अनुभवी खिलाड़ियों की कमी के बीच युवा और नए खिलाड़ियों से भी योगदान की उम्मीद होगी।
इसी बीच यशस्वी जायसवाल का टीम से जुड़ना मुंबई के लिए अहम माना जा रहा है। भारतीय क्रिकेट में ऊंचे स्तर पर प्रदर्शन कर चुके जायसवाल के अनुभव से टीम के युवा खिलाड़ियों को भी फायदा मिल सकता है।
सिद्धेश लाड ने भी कहा कि यशस्वी जैसे खिलाड़ी के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना युवा खिलाड़ियों के लिए सीखने का अच्छा अवसर होगा।
11 अक्टूबर को चंडीगढ़ के खिलाफ उतरेंगे जायसवाल
रणजी ट्रॉफी में मुंबई का मुकाबला 11 अक्टूबर को चंडीगढ़ से होना है। इस मैच में यशस्वी जायसवाल मुंबई की बल्लेबाजी को मजबूती देंगे।
अब नजर सिर्फ उनकी बल्लेबाजी पर नहीं होगी। प्रैक्टिस मैच में विकेटकीपिंग करने के बाद क्रिकेट फैंस की दिलचस्पी इस बात में भी होगी कि क्या रणजी मुकाबलों में उन्हें विकेट के पीछे भी मौका मिलता है या यह फिलहाल केवल अतिरिक्त स्किल के तौर पर अभ्यास तक सीमित रहती है।

