कराची में गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई Zubair Baloch पर ताबड़तोड़ फायरिंग, घर के बाहर जानलेवा हमला; गैंगवार की आशंका से मचा हड़कंप
News-Desk
8 min read
Karachi Crime, Uzair Baloch, Zubair Baloch, उजैर बलोच, कराची, कराची गैंगस्टर, गैंगवार, जुबैर बलोच, पाकिस्तान, पाकिस्तान अपराध, पाकिस्तान न्यूज़, फायरिंग, ल्यारीपाकिस्तान के कराची शहर में गुरुवार शाम हुई एक सनसनीखेज वारदात ने एक बार फिर ल्यारी इलाके की आपराधिक गतिविधियों और संभावित गैंगवार की चर्चाओं को तेज कर दिया है। कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई Zubair Baloch पर उनके घर के बाहर अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस हमले में जुबैर बलोच गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि गोलीबारी की चपेट में आए दो राहगीर भी जख्मी हुए हैं।
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए, जबकि सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।
घर के बाहर हुई अंधाधुंध फायरिंग, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हमला कराची के संवेदनशील ल्यारी इलाके में उस समय हुआ जब 40 वर्षीय जुबैर बलोच अपने घर के बाहर मौजूद थे। तभी मोटरसाइकिल पर सवार अज्ञात हमलावर वहां पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के लगातार फायरिंग शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमले में कई राउंड गोलियां चलाई गईं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गोलीबारी के दौरान वहां से गुजर रहे दो आम नागरिक भी घायल हो गए।
स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां जुबैर बलोच की आपातकालीन सर्जरी की गई। चिकित्सकों के अनुसार उनके सीने और पेट में गोलियां लगी हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल प्रशासन ने यह भी बताया कि घायल राहगीरों में से एक की स्थिति भी चिंताजनक है।
हमलावर फरार, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक जांच के सहारे जांच आगे बढ़ी
घटना के तुरंत बाद कराची पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है ताकि हमलावरों की पहचान और उनके भागने के मार्ग का पता लगाया जा सके।
मौके से कई गोलियों के खोखे बरामद किए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हमले में किस प्रकार के हथियारों का इस्तेमाल किया गया और क्या इनका संबंध किसी पूर्व आपराधिक घटना से है।
जांच अधिकारी घटनास्थल के डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर रहे हैं।
ल्यारी में सुरक्षा बढ़ाई गई, एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर कड़ी निगरानी
हमले के बाद पूरे ल्यारी इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल और रेंजर्स की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
कराची शहर के प्रमुख एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर भी विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की गहन जांच कर रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य हमलावरों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना है, साथ ही किसी संभावित प्रतिशोधात्मक हिंसा को भी रोकना है।
गैंगवार, पुरानी रंजिश या कोई और वजह? हर एंगल से जांच
साउथ जोन के डीआईजी सैयद असद रजा ने कहा कि फिलहाल जांच कई संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
उन्होंने बताया कि यह स्पष्ट नहीं है कि हमला गैंगवार का परिणाम है, पुरानी व्यक्तिगत दुश्मनी से जुड़ा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। फिलहाल किसी भी एक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
जांच एजेंसियां जुबैर बलोच के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, हालिया गतिविधियों और संपर्कों का भी विश्लेषण कर रही हैं ताकि हमले की वास्तविक वजह तक पहुंचा जा सके।
पुराने आपराधिक मामलों की भी हो रही पड़ताल
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जुबैर बलोच को वर्ष 2012 में सात अलग-अलग आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था। वह जनवरी 2025 में जेल से रिहा हुआ था।
अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं उसकी पूर्व आपराधिक रंजिशों या पुराने विवादों का इस हमले से कोई संबंध तो नहीं है।
अधिकारियों का मानना है कि पुराने नेटवर्क और आपसी टकराव की भी गहन जांच आवश्यक है।
राजनीतिक गतिविधियों के बाद बढ़ी चर्चाएं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं
हमले के बाद स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं भी सामने आई हैं।
इलाके के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर दावा किया कि जुबैर बलोच ने हाल के महीनों में एक राजनीतिक दल की सदस्यता ली थी और इलाके में उस पार्टी के झंडे भी लगाए गए थे।
हालांकि, वर्तमान तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए संबंधित राजनीतिक दल का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है और न ही उस पार्टी की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस ने भी फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
ल्यारी में फिर गैंगवार की आशंकाएं तेज
इस घटना के बाद कराची के ल्यारी इलाके में एक बार फिर गैंगवार की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ समय से यह चर्चा चल रही थी कि कराची ऑपरेशन के दौरान दुबई और ईरान चले गए कुछ पुराने गैंगस्टर फिर से लौटने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हमले के बाद स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सुरक्षा एजेंसियां भी किसी भी संभावित आपराधिक गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।
कौन है उजैर बलोच, जिसका नाम लंबे समय से रहा है चर्चा में?
उजैर बलोच कभी कराची के सबसे प्रभावशाली गैंग लीडरों में गिना जाता था। उसे ल्यारी के कुख्यात गैंगस्टर अब्दुल रहमान उर्फ रहमान डकैत का करीबी सहयोगी माना जाता था।
पुलिस मुठभेड़ में रहमान डकैत के मारे जाने के बाद उजैर बलोच ने धीरे-धीरे ल्यारी के आपराधिक नेटवर्क की कमान संभाल ली और वर्षों तक इलाके में उसका प्रभाव बना रहा।
समय के साथ उसका नाम हत्या, रंगदारी, गैंगवार, पुलिस पर हमले और अन्य गंभीर मामलों में सामने आता रहा।
उजैर बलोच पर कई गंभीर आरोप, जमानत याचिकाएं भी हो चुकी हैं खारिज
उजैर बलोच वर्तमान में पाकिस्तान की जेल में बंद है।
इसी वर्ष मार्च में आतंकवाद निरोधी अदालत ने हत्या, पुलिस पर हमला, विस्फोटक रखने और अन्य गंभीर मामलों से संबंधित उसकी सात जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।
उस पर वर्ष 2012 में कलाकोट थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हथियारों और विस्फोटकों से हमला करने का भी आरोप है।
इससे पहले अप्रैल 2020 में एक सैन्य अदालत ने उसे जासूसी के मामले में दोषी ठहराते हुए 12 वर्ष की सजा सुनाई थी।
फिल्म ‘धुरंधर’ के कारण भी फिर चर्चा में आया था नाम
हाल के समय में उजैर बलोच का नाम भारतीय स्पाई-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर भी चर्चा में रहा। फिल्म में उसके किरदार को अभिनेता दानिश पंडोर ने निभाया है, जिसके बाद उसका नाम एक बार फिर मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना।
हालांकि, फिल्म एक रचनात्मक प्रस्तुति है और उसका घटनाओं से संबंध संबंधित निर्माताओं की प्रस्तुति के अनुसार है।
जांच जारी, हमले के कारणों पर अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं
फिलहाल पुलिस, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और सुरक्षा एजेंसियां सभी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही हैं। हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन या समूह ने नहीं ली है और न ही पुलिस ने किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है।
जांच अधिकारी सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और जुबैर बलोच के पुराने संपर्कों का विश्लेषण कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद ही हमले के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

