कोरोना से 16 लोगों की मौत: मरने वालों का टेस्ट संभव नहीं- सीएमओ
मुजफ्फरनगर। आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में हुई एक पत्रकार वार्ता में जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रवीण चोपड़ा ने पत्रकारों को बताया कि अब तक सरकारी स्तर पर जिले में 16 लोग कोरोनावायरस के कारण मौत की चपेट में आ चुके हैं
और भारी संख्या में मरीजों का इलाज चल रहा है. जिला पंचायत के सभा कक्ष में पत्रकारों को विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए डॉक्टर चोपड़ा ने बताया कि सरकारी अस्पताल में कोरोना के मरीजों को एक ही कमरे में इकट्ठा कर दिया गया है.
जहां उन्हें बढ़िया डाइट और रेस्ट कराया जा रहा है और 10 दिन बाद उनकी छुट्टी कर दी आ रही है और बेगराजपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में 400 लोगों को को आइसोलेट करने की व्यवस्था की गई है
उन्होंने कहा कि यहां जिले में मरीजों की संख्या बढ़ रही है. उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि कोरोनावायरस के लिए यहां प्रचार प्रसार की कमी हो रही है वहीं पर जागरूकता पैदा करने में भी विभाग असमर्थता महसूस कर रहा है इसके लिए मीडिया से दूरी भी एक कारण बनी हुई है
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जिले में कोरोना पॉजिटिव की संख्या निरंतर बढ़ रही है और जिले में हॉटस्पॉट के क्षेत्रों में लगातार सर्वे का कार्य चल रहा है.
उन्होंने कहा कि जिन लोगों की मौत हो गई है,और यह प्रकट हो रहा है कि उनकी मौत कोरोनावायरस के कारण हुई है तो शासनादेश के कारण वे मृतक कोरोनावायरस के लोगों का टेस्ट नहीं करा सकते.
उन्होंने सीमित संसाधनों का रोना रोते हुए कहा कि पीपीई और वाहनों की कमी के कारण अपेक्षित व्यवस्था नहीं हो पा रही है. उन्होंने कहा कि लोगों ने शिकायत की है कि जो लोग डिस्चार्ज हो रहे हैं वे अपनी-अपनी दुकानों पर जाकर बैठ रहे हैं.
जिससे संक्रमण फैलने का खतरा है उन्होंने लोगों से सहयोग करने की अपील की और कहा कि 2 मीटर की दूरी और मास्क लगाने तथा हाथों कोशिश कर और जरूरत पड़ने पर ही बाजार में जाने लोग फैसला लें और अपना सहयोग बनाए रखें. पत्रकार वार्ता में अपरजिलाधिकारी आलोक कुमार सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

