समाचार (Muzaffarnagar News)
कुटेसरा में गाली-गलौज का विरोध करने पर युवक की लाठी-डंडों से पिटाई, चार नामजद पर केस दर्ज
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)। चरथावल थाना क्षेत्र के गांव कुटेसरा में गाली-गलौज का विरोध करने पर एक युवक के साथ लाठी-डंडों से मारपीट करने का मामला सामने आया है। घटना में युवक को गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित की लिखित तहरीर पर चरथावल पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घेर के सामने खड़े युवक से गाली-गलौज
पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, कुटेसरा निवासी अनस पुत्र जमील अहमद 11 अगस्त 2026 की शाम करीब आठ बजे अपने घेर के सामने खड़ा था। अनस का आरोप है कि उसी समय पड़ोस में रहने वाले चार लोग वहां पहुंचे और बिना किसी वजह के गाली-गलौज करने लगे। तहरीर में बताया गया है कि गाली-गलौज करने वालों में कुटेसरा निवासी फिरोज पुत्र मुन्तजाय, अमजद पुत्र मुन्तजाय, गुलफाम पुत्र अल्ताफ और इंतजार पुत्र सगीर शामिल थे। अनस के अनुसार, ये चारों आरोपी अचानक वहां पहुंचे और उसके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगे।
विरोध पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला
जब अनस ने बिना बात गाली-गलौज किए जाने का विरोध किया, तो चारों आरोपी आक्रोशित हो गए। आरोप है कि इसके बाद चारों नामजद आरोपी अनस के साथ मारपीट करने पर उतारू हो गए। उन्होंने तुरंत लाठी-डंडों से अनस पर हमला कर दिया और उसे बुरी तरह पीटा। लाठी-डंडों से किए गए इस हमले में अनस के शरीर पर गंभीर चोटें आईं। घटना के दौरान अनस की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों के अचानक मौके पर पहुंचने से आरोपी सहम गए।
धमकी देकर भागे आरोपी, थाने पहुंचा पीड़ित
शोर-शराबा होने और ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने के बाद आरोपी युवक को जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि आरोपी अनस को जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। हमलावरों के मौके से भागने के बाद पीड़ित अनस ने थाने का रुख किया। घटना के बाद घायल पीड़ित अनस थाने पहुंचा और पुलिस को लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अनस ने अपनी तहरीर में चारों हमलावरों के नाम देकर सख्त कदम उठाने की बात कही।
गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू
पीड़ित अनस की तहरीर पर थाना प्रभारी के आदेश अनुसार पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मामले में मु0अ0सं0 136/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352, 115(2) और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस अब घटना की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, नामजद आरोपियों फिरोज पुत्र मुन्तजाय, अमजद पुत्र मुन्तजाय, गुलफाम पुत्र अल्ताफ और इंतजार पुत्र सगीर के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
27 साल पुराने अपहरण और हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला, दोषी शाहनवाज को मृत्युदंड
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की एक अदालत ने फिरौती के लिए अपहरण और हत्या के 27 साल पुराने एक बेहद सनसनीखेज मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर 3 के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी शाहनवाज को दोषी ठहराया और उसे मृत्युदंड की सजा सुनाई। यह पूरा मामला साल 1999-2000 का है, जब तमंचों के बल पर तीन युवकों का अपहरण कर लिया गया था। बदमाशों ने कारोबारी हारुन को करीब 48 दिन तक बंधक बनाकर रखा था और बाद में फिरौती की रकम के इंतजाम के दौरान उनके पिता सालिम का भी अपहरण करके हत्या कर दी थी। अदालत के इस फैसले के बाद लंबे समय से चले आ रहे मुकदमे में पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला है।
लकड़ी बेचने यमुनानगर जाते समय हुआ था अपहरण
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप कुमार के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 9 दिसंबर 1999 को हुई थी। छपार थाना क्षेत्र के गांव तेजलहेड़ा निवासी मोहम्मद आबाद ने इस संबंध में पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता मोहम्मद आबाद ने पुलिस को बताया था कि वह अपने चचेरे भाई हारुन और मुकर्रम के साथ एक ट्रैक्टर-ट्राली में पॉपुलर की लकड़ी लादकर बेचने जा रहे थे। यह सभी लोग पॉपुलर की लकड़ी बेचने के लिए पड़ोसी राज्य हरियाणा के यमुनानगर जा रहे थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 9 दिसंबर 1999 की रात करीब आठ बजे जब वे अपने गांव के पास रजवाहे पर पहुंचे, तभी रास्ते में तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। बदमाशों के पास तमंचे थे और उन्होंने तमंचों के बल पर हारुन और मुकर्रम का अपहरण कर लिया। घटना के तुरंत बाद मोहम्मद आबाद किसी तरह अपने गांव पहुंचा और उसने ग्रामीणों को पूरी बात बताई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और अपहृत युवकों की तलाश शुरू की गई। घटना के करीब दो दिन बाद मुकर्रम वापस लौट आया, लेकिन हारुन बदमाशों के कब्जे में ही रहा।
48 दिन तक बंधक रहा हारुन, मांगी 5 लाख की फिरौती
इसके बाद बदमाशों ने हारुन के पिता सालिम को एक चिट्ठी भेजी। इस चिट्ठी में बदमाशों ने हारुन को छोड़ने के बदले पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। फिरौती की रकम वसूलने के लिए परिजनों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। कारोबारी हारुन करीब 48 दिनों तक बदमाशों के कब्जे में ही बंधक बना रहा, जबकि परिवार वाले अपने बेटे को सुरक्षित वापस लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि 19 जनवरी 2000 को हारुन के पिता सालिम अपने साथ इल्माश और मुस्ताक को लेकर ट्रैक्टर से लाट के जंगल की ओर गए। वहां लाट के जंगल में बदमाशों ने हारुन को फिरौती के रुपये का इंतजाम करने के लिए छोड़ दिया। हालांकि, बदमाशों ने हारुन के पिता सालिम को अपने कब्जे में ले लिया और उन्हें बंधक बना लिया।
बेटे को छोड़ पिता को बनाया बंधक, फिर कर दी हत्या
बदमाशों द्वारा बेटे हारुन को छोड़ देने और पिता सालिम को बंधक बना लेने के बाद परिवार को उम्मीद थी कि फिरौती का पैसा मिलने पर सालिम को भी छोड़ दिया जाएगा। लेकिन बदमाशों ने 25 जनवरी 2000 को सालिम की हत्या कर दी और उनका शव जंगल में फेंक दिया। इस वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। मामले की जांच और लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने शाहनवाज को दोषी ठहराया। फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर के न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप कुमार ने सभी सबूत और तथ्य पेश किए। फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि न्याय का उद्देश्य केवल फैसला सुनाना नहीं, बल्कि समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी न्याय सुनिश्चित करना है। लगभग तीन दशक पुराने इस मामले में शाहनवाज को मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने से पीड़ित परिवार में न्याय मिलने की भावना देखने को मिली।
मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा 2026 की सफलता पर एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने थपथपाई पुलिसकर्मियों की पीठ
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)।कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सकुशल तरीके से पूरा कराने के बाद मुजफ्फरनगर पुलिस ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया है। बुधवार को जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने इस सिलसिले में एक समीक्षा गोष्ठी बुलाई। यह गोष्ठी रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार में आयोजित की गई थी। इस बैठक में मुजफ्फरनगर जिले के अलावा दूसरे जनपदों से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की ड्यूटी में आए राजपत्रित अधिकारी भी शामिल हुए। एसएसपी ने अधिकारियों की मेहनत और जिम्मेदारी की सराहना की और सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी।
टीम भावना से मिली कांवड़ यात्रा में बड़ी सफलता
रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में गोष्ठी के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने अधिकारियों को संबोधित किया। एसएसपी ने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसी विशाल और चुनौतीपूर्ण व्यवस्था को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में प्रत्येक अधिकारी और पुलिसकर्मी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। अधिकारियों ने लगातार सतर्कता बरतते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का प्रभावी पर्यवेक्षण किया। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी, समर्पण और टीम भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम रहा कि कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराया जा सका।
लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए की गई अथक मेहनत
समीक्षा गोष्ठी के दौरान एसएसपी ने अधिकारियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट पर्यवेक्षण, लगातार ड्यूटी, सतर्कता और अथक परिश्रम की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना एक बड़ी जिम्मेदारी थी, जिसे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरी गंभीरता से निभाया। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने सभी अधिकारियों को कांवड़ यात्रा-2026 के सफल एवं सकुशल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को भविष्य में भी इसी प्रकार पूर्ण समर्पण और टीम भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
पुलिस कैफे में हुआ अनौपचारिक संवाद और सामूहिक लंच
समीक्षा गोष्ठी समाप्त होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा सभी अधिकारियों के साथ पुलिस कैफे पहुंचे। वहां उन्होंने सभी अधिकारियों के साथ सामूहिक लंच किया। सामूहिक लंच के दौरान माहौल पूरी तरह अनौपचारिक रहा। खाने के दौरान अधिकारियों के साथ कांवड़ यात्रा के दौरान सामने आई परिस्थितियों, ड्यूटी के अनुभवों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर बातचीत की गई। इस दौरान अधिकारियों ने भी यात्रा के दौरान अपने अनुभव साझा किए। एसएसपी ने अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए उनके अनुभवों और सुझावों को ध्यान से सुना।
शिव चैक और प्रमुख मार्गों पर तैनात रहा पुलिस बल
कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर जिले में बड़ी संख्या में शिवभक्तों का आवागमन हुआ था। यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात, कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर पुलिस बल लगातार ड्यूटी पर तैनात रहा। प्रमुख चैराहों, कांवड़ मार्गों, शिव चैक और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस अधिकारियों की निगरानी रही।
इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को लगातार अलर्ट रखा गया। एसएसपी ने कहा कि कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने में योगदान देने वाले प्रत्येक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी की मेहनत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी के समर्पण, मेहनत, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि इसी तरह टीम के रूप में काम करने से बड़े आयोजनों को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाते हुए भविष्य में भी कानून-व्यवस्था और जनसेवा के कार्यों में इसी ऊर्जा एवं जिम्मेदारी के साथ जुटे रहने का आह्वान किया। एसएसपी द्वारा व्यक्तिगत रूप से सराहना किए जाने से पुलिसकर्मियों में भारी उत्साह देखा गया।
मुजफ्फरनगर में महाआरती के साथ कांवड़ यात्रा संपन्न, दो सप्ताह बाद सामान्य हुआ यातायात और खुले बाजार
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)। करीब दो सप्ताह तक चली कांवड़ यात्रा के बाद अब मुजफ्फरनगर शहर एक बार फिर अपनी सामान्य जिंदगी और पुरानी रफ्तार में लौट आया है। मंगलवार देर रात शिव चैक पर महाआरती का आयोजन किया गया था। इस महाआरती के साथ ही कांवड़ यात्रा का विधिवत समापन हो गया। यात्रा खत्म होते ही शहर में लागू किए गए सभी यातायात प्रतिबंधों और रूट डायवर्जन को हटा दिया गया है। इसके बाद बुधवार सुबह से ही शहर की सड़कों पर सामान्य यातायात शुरू हो गया है। इसके साथ ही मुजफ्फरनगर के प्रमुख बाजारों में पहले जैसा कारोबार और चहल-पहल वापस लौट आई है।
शिव चैक से प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही हुई बहाल
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए शिव चैक और उससे जुड़े तमाम प्रमुख रास्तों पर सामान्य वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया था। इस दौरान भारी वाहनों के साथ-साथ सामान्य गाड़ियों पर भी पाबंदी या नियंत्रण लागू था। इस वजह से मुजफ्फरनगर के निवासियों को शहर में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए वैकल्पिक और लंबे रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा था। कांवड़ यात्रा का समापन होने के बाद बुधवार को शिव चैक से जुड़े सभी मुख्य मार्गों पर आवागमन पूरी तरह सामान्य नजर आया।
बुधवार की सुबह से ही शिव चैक से मेरठ रोड की ओर जाने वाले रास्ते पर गाड़ियां सुचारू रूप से चलने लगीं। इसके साथ ही रुड़की रोड, भगत सिंह रोड और टाउन हॉल रोड की तरफ जाने वाले रास्तों पर भी नियमित यातायात बहाल हो गया है। इन सभी सड़कों पर सुबह से कार, बाइक, ई-रिक्शा, ऑटो और अन्य वाहन रोजाना की तरह चलते हुए दिखाई दिए। इससे आम जनता और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है।
दो हिस्सों में बंटा शहर अब हुआ एक, लोगों को मिली राहत
कांवड़ यात्रा के दो हफ्तों के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर शहर के कई रास्तों पर प्रतिबंध लगाए गए थे। इन यातायात प्रतिबंधों का सीधा असर शहरवासियों की दिनचर्या पर पड़ रहा था। शिव चैक और कांवड़ मार्ग के आसपास के इलाकों में आवागमन सीमित रहने की वजह से मुजफ्फरनगर के कई हिस्से एक-दूसरे से कटे हुए और अलग-थलग दिखाई देने लगे थे। शहर के दूसरे हिस्से में पहुंचने के लिए लोगों को घूमकर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था। इस रूट डायवर्जन के कारण स्थानीय व्यापारियों, दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब सभी प्रतिबंध समाप्त हो जाने के बाद शहर के लोगों को इस रोज-रोज की परेशानी से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है।
बाजारों में सजीं दुकानें और गोलमार्केट में लौटीं पटरी की दुकानें
कांवड़ यात्रा के समय कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली दुकानों को भी तय नियमों और व्यवस्था के तहत ही संचालित किया जा रहा था। बुधवार को स्थिति सामान्य होते ही शिव चैक से सटे सभी बाजारों में पुरानी रौनक लौट आई। मेरठ रोड, रुड़की रोड, भगत सिंह रोड और टाउन हॉल रोड पर दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अपनी दुकानों के बाहर पहले की तरह सामान सजाकर रखना शुरू कर दिया।
बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही भी लगातार बढ़ रही है। रास्तों पर नियमित यातायात चालू होने से व्यापारी वर्ग ने भी राहत की सांस ली है। कारोबारियों को उम्मीद है कि शहर में ग्राहकों की संख्या बढ़ने से व्यापार दोबारा पुरानी गति पकड़ लेगा। इसके अलावा, यात्रा के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिन जगहों से पटरी और ठेले वालों को हटाया गया था, वहां भी दुकानें फिर से सज गई हैं। गोलमार्केट के चबूतरे पर रेहड़ी-पटरी वालों ने सुबह से ही अपनी दुकानें लगानी शुरू कर दीं, जिससे बाजारों की पुरानी हलचल लौट आई।
स्कूल-कॉलेज खुले और पुलिस-प्रशासन ने ली राहत की सांस
कांवड़ यात्रा के चलते बंद चल रहे शहर के स्कूल और कॉलेज भी अब दोबारा खुल गए हैं। बुधवार सुबह सड़कों पर स्कूल बसें, वैन और अन्य स्कूली वाहन बच्चों को लाते-ले जाते दिखे। स्कूल-कॉलेज खुलने और सड़कों पर गाड़ियाँ उतरने से शहर की सुबह की रफ्तार पहले की तरह सामान्य हो गई है। प्रमुख चैराहों और रास्तों पर लोगों का आवागमन बढ़ गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्तों के गुजरने के कारण मुजफ्फरनगर की पूरी यातायात व्यवस्था बदली हुई थी। श्रद्धालुओं की सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए पुलिस व प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए थे। मंगलवार रात शिव चैक पर महाआरती के बाद जब यात्रा संपन्न हुई, तो सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अमले ने भी राहत महसूस की। अब लाखों शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं और प्रशासन का पूरा ध्यान शहर की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने पर है।
मुजफ्फरनगर के बामनहेड़ी जंगल में पुलिस और गोकशों के बीच मुठभेड़, दो आरोपी गोली लगने से घायल, तीन गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)। जिले के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास जंगल में पुलिस और गोकशों के बीच मुठभेड़ हो गई। गोकशी की तैयारी में लगे बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में दो आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने मौके से दबोच लिया। इसके अलावा एक तीसरे आरोपी को पुलिस ने बाद में कॉम्बिंग के दौरान गिरफ्तार किया, जबकि तीन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने मौके से एक जीवित बछड़ा, गोकशी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और दो तमंचे बरामद किए हैं। थाना सिविल लाइन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा ने घटना की पूरी जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि 9 अगस्त को थाना सिविल लाइन क्षेत्र में गोकशी का एक मामला सामने आया था। इस संबंध में सिविल लाइन थाने पर मुकदमा अपराध संख्या 212/26 दर्ज किया गया था, जिसमें धारा 3, 5 और 8 गौवध अधिनियम लगाई गई थी। उस मामले का अनावरण करने और शामिल आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया था।
मुखबिर की सूचना पर जंगल में घेराबंदी
एसएसपी संजय कुमार वर्मा के अनुसार, 11 और 12 अगस्त की दरमियानी रात को पुलिस टीम को एक मुखबिर से सटीक सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि कुछ लोग बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास जंगल में गोकशी करने के इरादे से पहुंचे हुए हैं। सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइन के प्रभारी निरीक्षक इंद्रजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम और एसओजी की संयुक्त टीम तुरंत बताए गए स्थान पर रवाना हुई। पुलिस टीम जब बामनहेड़ी के जंगल में पहुंची, तो वहां देखा कि कुछ लोगों ने एक गोवंशीय पशु को बांध रखा था और वे उसकी गोकशी करने की तैयारी में थे। पुलिस की टीम को सामने देखकर आरोपियों ने पुलिसकर्मियों को जान से मारने की नीयत से सीधे फायरिंग शुरू कर दी और जंगल की तरफ भागने लगे। बदमाशों की ओर से की गई गोलीबारी में पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। इसके बाद पुलिस टीम ने अपनी घेराबंदी मजबूत करते हुए आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की ओर से की गई जवाबी फायरिंग में दो आरोपियों को गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े। पुलिस ने दोनों घायल आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने इलाके में सघन चेकिंग और कॉम्बिंग अभियान चलाकर एक अन्य आरोपी को भी पकड़ लिया। हालांकि, इस दौरान तीन अन्य आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें जंगल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार कॉम्बिंग कर रही हैं।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान और सामान की बरामदगी
पुलिस की पूछताछ और जांच में गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान स्पष्ट हो गई है। पहला घायल आरोपी रियासत पुत्र इनाम है, जो किदवईनगर, थाना खालापार का रहने वाला है। दूसरा घायल आरोपी लालू उर्फ जावेद पुत्र भूरा उर्फ मन्तशा है, जो महमूदनगर, थाना सिविल लाइन का निवासी है। वहीं कॉम्बिंग के दौरान पकड़ा गया तीसरा आरोपी पप्पू उर्फ आस मौहम्मद पुत्र नसीर है, जो यामीन कॉलोनी सरवट, थाना सिविल लाइन का रहने वाला है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक जीवित गोवंशीय पशु (बछड़ा) बरामद किया है। इसके साथ ही मौके से गोकशी में इस्तेमाल किए जाने वाले कई उपकरण भी जब्त किए गए हैं, जिनमें चाकू, छूरी, दाव, लकड़ी का गुटका, तराजू और बाट शामिल हैं। बदमाशों के पास से 315 बोर के दो अवैध तमंचे, 315 बोर के दो जिंदा कारतूस और 315 बोर के दो खोखा कारतूस भी पुलिस को मिले हैं।
पूछताछ में कबूला जुर्म और सामने आया आपराधिक इतिहास
पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान पकड़े गए तीनों आरोपियों ने अपने फरार साथियों के साथ मिलकर गोकशी करने की बात स्वीकार की है। आरोपियों ने बताया कि वे छुट्टा और आवारा घूमने वाले गोवंश को पकड़कर जंगल में ले जाते थे और वहां उनकी गोकशी करके मांस बेचने का काम करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि मुठभेड़ से दो दिन पहले उन्होंने थाना सिविल लाइन इलाके में एक गाय और एक बछड़े की गोकशी की थी। इस कार्रवाई के बाद थाना सिविल लाइन पुलिस ने नया मुकदमा अपराध संख्या 214/26 दर्ज किया है। यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1), आर्म्स एक्ट की धारा 3/25/28 और गौवध अधिनियम की धारा 3/8 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि पकड़े गए आरोपी पहले से दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 212/26 से भी जुड़े हुए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, घायल आरोपी लालू उर्फ जावेद के खिलाफ कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास में चोरी, आर्म्स एक्ट, गौवध अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट शामिल हैं। उसके खिलाफ थाना छपार, थाना सिविल लाइन, थाना कोतवाली नगर और थाना नई मंडी में मामले दर्ज बताए गए हैं। वहीं दूसरे घायल आरोपी रियासत के खिलाफ भी गौवध अधिनियम, आर्म्स एक्ट, चोरी और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज हैं। उसके खिलाफ थाना सिविल लाइन, थाना कोतवाली नगर और शामली जनपद के थाने में मुकदमे दर्ज रहे हैं। तीसरे आरोपी पप्पू उर्फ आस मौहम्मद के खिलाफ थाना सिविल लाइन में मुकदमा अपराध संख्या 212ध्26 और नया मुकदमा अपराध संख्या 214ध्26 दर्ज है, और पुलिस उसके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी जुटा रही है।
पुलिस टीम और फरार आरोपियों की तलाश
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थाना सिविल लाइन के प्रभारी निरीक्षक इन्द्रजीत सिंह, उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी, कृष्णकपूर, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक मोहित सिंह, उपनिरीक्षक अजय गौड़, हेड कांस्टेबल जितेन्द्र त्यागी, हेड कांस्टेबल नितिन मलिक, कांस्टेबल गुरनाम, कांस्टेबल शाकिर अली, मोहित कुमार, मनीष अत्री और योगेन्द्र कुमार शामिल रहे। मुठभेड़ के दौरान मौके से फरार हुए तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार जंगल और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर फरार आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगा रही है, और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
मुजफ्फरनगर में पुलिस और एसओजी की मुठभेड़रू 5.5 किग्रा गोमांस व तमंचों के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)।थाना नई मंडी पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने गोकशी के एक मामले का अनावरण करते हुए मुठभेड़ के दौरान दो कथित गोकशी आरोपियों को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से दोनों आरोपी घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के कब्जे से दो अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और 5.5 किलोग्राम गोमांस बरामद किया गया है। वहीं मुठभेड़ के दौरान इनका एक अन्य साथी पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस टीम आसपास के इलाकों में कॉम्बिंग कर रही है।
निर्माणाधीन मकान में छिपे थे आरोपी, पुलिस टीम पर की फायरिंग
घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देने के लिए थाना सिविल लाइन में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पत्रकारों से वार्ता की। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पत्रकारों को बताया कि थाना नई मंडी पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम 11 अगस्त को दर्ज किए गए गोकशी के एक मुकदमे के खुलासे के लिए कार्रवाई में जुटी हुई थी। इसी दौरान पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि इस मामले से जुड़े तीन आरोपी पचैंडा रोड से ग्राम नसीरपुर जाने वाले रास्ते पर स्थित एक निर्माणाधीन मकान में छिपे बैठे हैं। सूचना में यह भी बताया गया था कि आरोपियों के पास अवैध हथियार भी मौजूद हैं।
प्राप्त सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम बिना कोई समय गंवाए तत्काल मौके पर पहुंची। निर्माणाधीन मकान में मौजूद आरोपियों ने जैसे ही पुलिस टीम को अपनी तरफ आते देखा, उन्होंने जान से मारने की नियत से पुलिस पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी करते हुए आरोपी मकान से निकलकर पास के खेतों की तरफ भागने लगे।
मुठभेड़ में दो आरोपी घायल, अस्पताल में कराए गए भर्ती
फायरिंग होते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भाग रहे आरोपियों की चारों तरफ से घेराबंदी की और आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। पुलिस की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में दो आरोपियों को पैर में गोली लगी और वे घायल होकर वहीं गिर पड़े। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके से ही दोनों घायल आरोपियों को अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार देने के पश्चात अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जीशान उर्फ कल्लू पुत्र मकसूद (निवासी इमरान कॉलोनी, थाना सिविल लाइन) और फरमान पुत्र पप्पू (निवासी इमरान कॉलोनी, थाना सिविल लाइन, मुजफ्फरनगर) के रूप में हुई है। इस दौरान इनका तीसरा साथी मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। फरार आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम आसपास के खेतों और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार कॉम्बिंग कर रही है।
दो तमंचे, कारतूस और 5.5 किलोग्राम गोमांस बरामद
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के पास से 315 बोर के दो अवैध तमंचे, 315 बोर के दो जिंदा कारतूस और 315 बोर के दो खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस टीम ने इनके पास से 5.5 किलोग्राम गोमांस भी बरामद किया है। इस बरामदगी के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना नई मंडी में नया मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई 11 अगस्त को हुई एक घटना से जुड़ी है। 11 अगस्त को पचैंडा रोड पर स्थित एडीआई फर्नीचर के सामने नाले के पास एक गोवंश का सिर क्षत-विक्षत हालत में पड़ा हुआ मिला था। इस घटना के बाद थाना नई मंडी पर मुकदमा अपराध संख्या 390/2026, धारा 3/5/8 गौवध निवारण अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज किया गया था।
11 अगस्त के मुकदमे का हुआ अनावरण, पुलिस टीम में ये रहे शामिल
मामले के अनावरण और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर यह कार्रवाई अंजाम दी गई। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए दोनों आरोपी मुकदमा अपराध संख्या 390/2026 से ही संबंधित हैं। इसके साथ ही पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी भी जुटा रही है। इस सफलता को हासिल करने वाली संयुक्त टीम में थाना नई मंडी के प्रभारी निरीक्षक आनन्द देव मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक गजेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक अमित कुमार, उपनिरीक्षक सन्दीप चैधरी और उपनिरीक्षक शुभम चैहान शामिल रहे। वहीं एसओजी टीम से एसओजी प्रभारी मोहित सिंह, उपनिरीक्षक अजय गौड़, हेड कांस्टेबल जितेन्द्र त्यागी, हेड कांस्टेबल नितिन मलिक, हेड कांस्टेबल सुशील कुमार, हेड कांस्टेबल शीतल देव, हेड कांस्टेबल इमरान के अलावा कांस्टेबल कुलदीप, कांस्टेबल हिमांशु, कांस्टेबल मोहित पाठक, कांस्टेबल दिनेश बाना, कांस्टेबल मुनेश कुमार, कांस्टेबल रोहित कुमार और कांस्टेबल राजीव अत्री इस कार्रवाई में शामिल रहे। एसएसपी ने कहा कि जिले में गोकशी और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा।
मुजफ्फरनगर में दूध के कैंटर ने मोटरसाइकिल को मारी टक्कर, बेटे की मौत और पिता घायल
मुजफ्फरनगर। जानसठ-मुजफ्फरनगर मार्ग पर पतंजलि दूध की फैक्ट्री के पास देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें मोटरसाइकिल सवार एक युवक की मौत हो गई और उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिखेड़ा थाना क्षेत्र में यह दुर्घटना उस समय हुई जब तेज रफ्तार में आ रहे एक दूध के टाटा कैंटर ने सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे के बाद कैंटर का चालक अपनी गाड़ी को मौके पर ही छोड़कर भाग खड़ा हुआ। पुलिस ने इस मामले में मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर सिखेड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
हरिद्वार से लौट रहे थे पिता और बेटा
बागपत जिले के थाना बड़ौत क्षेत्र के ग्राम मलकपुर के रहने वाले रविन्द्र कुमार पुत्र मांगेराम अपने बेटे के साथ हरिद्वार गए हुए थे। दिनांक 10 अगस्त 2026 को रविन्द्र कुमार अपने पुत्र वेदांश के साथ अपनी मोटरसाइकिल संख्या यूपी 17 वाई 4723 पर सवार होकर हरिद्वार से वापस अपने घर लौट रहे थे। सफर के दौरान देर रात करीब एक बजे उनकी मोटरसाइकिल जानसठ-मुजफ्फरनगर मार्ग पर पहुंची। यह स्थान सिखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है और पतंजलि दूध की फैक्ट्री से मुजफ्फरनगर की दिशा में लगभग 300 मीटर आगे स्थित है।
रविन्द्र कुमार ने अपनी मोटरसाइकिल संख्या यूपी 17 वाई 4723 को जानसठ-मुजफ्फरनगर मार्ग पर सड़क के किनारे कच्चे रास्ते में खड़ा कर रखा था। उसी समय पीछे से काफी तेज गति से आता हुआ एक दूध का टाटा कैंटर वहां पहुंचा। इस कैंटर का पंजीकरण नंबर डीएल 1 एमए 1622 बताया जा रहा है। कैंटर चालक ने लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाते हुए सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
मोटरसाइकिल को घसीटता हुआ सड़क से नीचे ले गया कैंटर
हादसा इतना भीषण और जबरदस्त था कि दूध का कैंटर मोटरसाइकिल को टक्कर मारने के बाद अपने साथ घसीटता हुआ सड़क से नीचे तक ले गया। टक्कर के कारण मोटरसाइकिल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और उस पर मौजूद पिता-पुत्र दोनों ही गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बिना किसी देरी के दोनों घायलों, रविन्द्र कुमार और उनके बेटे वेदांश को इलाज के लिए मुजफ्फरनगर के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया।
मुजफ्फरनगर के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद वेदांश को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के इस निर्णय के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दुर्घटना में घायल हुए पिता रविन्द्र कुमार का अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा उपचार कराया गया।
चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार, मुकदमा दर्ज
सड़क दुर्घटना को अंजाम देने के बाद दूध के टाटा कैंटर संख्या डीएल 1 एमए 1622 का चालक अपने वाहन को दुर्घटनास्थल पर ही छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर टाटा कैंटर को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में मृतक बेटे वेदांश के पिता रविन्द्र कुमार पुत्र मांगेराम निवासी ग्राम मलकपुर, थाना बड़ौत, जिला बागपत ने थाना सिखेड़ा में लिखित तहरीर दी है।
रविन्द्र कुमार ने अपनी लिखित तहरीर में दूध के टाटा कैंटर के चालक पर बहुत ही तेज गति और लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस से आरोपी चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। सिखेड़ा थाना पुलिस ने पिता रविन्द्र कुमार की दी गई तहरीर के आधार पर कैंटर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम अब फरार चल रहे कैंटर चालक की लगातार तलाश में जुटी हुई है।
परिवार में मचा कोहराम, मातम में बदलीं खुशियां
सड़क हादसे में युवा बेटे वेदांश की असमय मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया है। हरिद्वार से अपने घर लौट रहे पिता और बेटे के साथ हुए इस भीषण हादसे ने पूरे परिवार की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया है। सिखेड़ा थाना पुलिस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और फरार आरोपी ड्राइवर को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए जुटी हुई है।


