जयन्त चौधरी ने की जेल में बंद रालोद समर्थकों से मुलाकात
मुजफ्फरनगर। लोकसभा चुनाव में चारु चौधरी के रोड शो के दौरान नूनाखेड़ा गांव में रालोद और भाजपा प्रत्याशी समर्थकों के बीच हुई मारपीट के मामले में जेल गए नौ रालोद समर्थकों नूनाखेड़ा निवासी राजीव बालियान, छोटा बालियान, महेश बालियान, अरुण बालियान, अंकुर बालियान, राजकुमार बालियान , टीनू बालियान, कृष्णपाल बालियान, बिट्टू बालियान से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयन्त चौधरी ने मुलाकात की और कार्यकर्ताओं का श्रावण माह का तोहफा घेवर खिलवाया। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयन्त चौधरी ने जिलाकारागर के बाहर पत्रकारों से बातचीत भी की।
उत्तर प्रदेश मे कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नही रह गई है। एक के बाद एक हो रहे अपराधों ने प्रदेश मे कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी हैं। सोनभ्रद व उन्नाव काण्ड की घटनाऐं इसका उदाहरण हैं। सत्ता पक्ष द्वारा बदले की भावना से काम किया जा रहा है। जो कि उचित नही है।
जिला कारागार मे बन्द रालोद कार्यकर्ताओ से मुलाकात कर जिला जेल से बाहर आकर मीडियाकर्मियो से बातचीत के दौरान राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने उक्त बात कही। रालोद नेता जयंत चौधरी ने कहा कि चुनाव के दौरान कुछ घटनाएें हुई हैं। जो कि प्रशासन की कमी से हुई है। उन्होने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान स्टार कन्टेनर उस कार्यक्रम मे शामिल हुए थे।
रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान स्टार कन्टेनर को कोई सुविधा नही दी गई। जबकि यह प्रशासन की जिम्मेदारी थी कि उचित व्यवस्था सुनिश्चित करे। उनके साथ दो पुलिसवाले भी नही चल रहे थे। े यदि पुलिस साथ होती तो कोई मामला ना होता। उन्होने कहा कि एक तरफ तो प्रशासन कहता है कि चुनाव के दौरान कोई झगडा नही हुआ। वहीं दूसरी और ऐसी ऐसी ऐसी धाराऐ लगाई गई हैं। इन सब का क्या मतलब है। जब दोनो तरफ से एफआईआर दर्ज हुई तो उससे ये साबित होता है कि प्रशासन कहीं ना कहीं दबाव मे है। तभी इस प्रकार की कार्यवाही की गई है। उन्होने कहा कि रीढ की हडडी सब को दी जाती है। मै अधिकारियो से भी कहना चाहता हूं कि वे संविधान की रक्षा करें लेकिन मानवता का भी ख्याल रहें। अपनी सोच बडी रखें। सत्ता पक्ष़्ा पक्षपात का हिस्सा न बन,े पक्षपात ना करें अनैतिक दबाव के चलते ही यह सब हुआ है। जो कि अनुचित है। ये सभी बालियान गांव के किसान बिरादरी के लोग है। जो जेल मे बन्द हैं। ये सब हमारे बहुत ही हिम्मत वाले लोग हैं ये हमारे साथी हैं हमारी जिम्मेदारी हैं इसी लिए मै इनसे मिलने के लिए इनका हाल जानने के लिए यहां आया हू।
जंयत चौधरी ने कहा कि वे अपने राजनैतिक साथियो से कहना चाहते हैं ूं अपनी सोच अपने काम मे संकीर्णता ना रखें। हम सब भी उनके साथ मिलकर काम कर रहे हैं। सत्ता पक्ष को जनसेवा से जुडें कार्यो की और ध्यान देना चाहिए। जिला कारागार की व्यवस्था के सम्बन्ध मे पूछे गए सवाल के जवाब मे उन्होने कहा कि जेल की व्यवस्था ठीक ही हैं। हमे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। हम कानून मे विश्वास रखने वाले लोग हैं। बडा दिल व बडी सोच रखते हैं। कश्मीर मे क्या चल रहा है कुछ पता नही चल रहा है। बस ये मालूम है कि अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। जो लोग सेवा करने जा रहे थे उन्हे रोक दिया गया। देश की कानून व्यवस्था ये है कि दुष्कर्म के आरोपी विधायक को भाजपा नेताओं द्वारा बेचारा बताया जा रहा है। जबकि यह कृत्य जगजाहिर है। आरोपी विधायक के हथियार का लाईसैंस अभी तक जब्त नही किया गया है। जो कि अब तक जब्त हो जाना चाहिए था। सुझाव है कि अगर इस राज मे कानून व्यवस्था को सुधारना है तो न्यायपालिका व पुलिस प्रशासन को पावर हो। मुददे की कोई बात नही हो रही है। सोनभद्र व उन्नाव काण्ड ने कानून व्प्रशासन की बडी जिम्मेदारी होती है। इस दौरान उनके साथ जिलाध्यक्ष अजित राठी,पूर्व मंत्री योगराज सिह, वरिष्ठ नेता चन्द्रवीर सिह एड.,अशोक बालियान एड.,पराग चौधरी आदि अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

