Muzaffarnagar News: पटेल नगर में चल रही रामलीला में सुन्दर लीलाओं का कलाकारों द्वारा मंचन किया
Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर। नई मंडी पटेल नगर में चल रही रामलीला में रावण जन्म, जानकी जन्म आदि सुन्दर लीलाओं का कलाकारों द्वारा मंचन किया गया। मुख्य अतिथि सपा के जिला कोषाध्यक्ष सचिन अग्रवाल पटाखे वालेद्ध सपत्निक उपस्थित रहें।
श्रीरामलीला का शुभारम्भ भगवान गणपति की आरती के साथ हुआ, तत्पश्चात लीला मंचन में रावण, विभीषण एवं कुम्भकरण द्वारा अपने जन्म के उपरान्त भगवान ब्रह्मा से वरदान प्राप्त किया। रावण ने अपने लिये वैभव एवं राजपाठ, विभीषण ने प्रभु भक्ति मांगी। कुंभकर्ण ने इन्द्रासन्न के बजाये गलती से निंद्रासन्न मांगा।
रावण ने मंदोदरी से विवाह के उपरान्त उसके ससुर मयदानव द्वारा उसे त्रिकुट पर्वत का राजपाठ दिया गया। उस समय वहां कुबेर का राज था, जिसे हराकर रावण ने वहां कब्जा कर लिया। रावण ने काल को भी बंदी बनाकर अपने वशीभूत कर लिया। रावण ने वेदवती नामक ऋषि कन्या से विवाह का प्रस्ताव रखा, जिस पर ऋषि कन्या ने इंकार कर दिया। रावण वेदवती संवाद लीला का दर्शकों ने भरपूर आनन्द लिया। रावण द्वारा जबरदस्ती करने पर वेदवती ने रावण को श्राप दिया कि अगले जन्म में वह सीता के रूप में जन्म लेगी और तेरी मौत का कारण बनूंगी।
रावण के बढते अत्याचारों से हा-हाकार मच गया। रावण के दूत ऋषि मुनियों से भी टैक्स वसूली करने लगे तथा उनसे टैक्स के उनका रक्त वसूल किया। उन्होंने भी रावण को श्राप दिया। रावण द्वारा घड़े में इकटठा किये गये रक्त को मिथिलानगर के आसपास जमीन में गडवा दिया, ऋषियों के रक्त से ही माता सीता का जन्म हुआ।
रावण के रूप में अमित भारद्वाज व वेदवती के रूप में यश चौधरी ने सुन्दर अभिनय कर दर्शकों की जमकर तालियां बटोरी। रामलीला में विपुल मोहन धन्नू ने मुनादी वाला, अज्जू जैन ने जोकर की महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। मेघनाद के रूप में जतिन सिंघल, अक्षय कुमार के रूप में तनिष्क भारद्वाज, भगवान शंकर के रूप में सोनू कुमार, राजा जनक के रूप में छोटू की भूमिका सराहनीय रही।
कथावाचक का अभिनय आचार्य रामपाल सिंह, हारमोनियम पर रावत तथा ढोलक पर जगदीश प्रसाद ने चार चांद लगा दिये। कार्यक्रम में मुख्य प्रबंधक अनिल ऐरन, कार्यक्रम संयोजक सभासद विकल्प जैन, सुरेन्द्र मंगल, प्रमोद गुप्ता, गोपाल चौधरी, धर्मेद्र पंवार नीटू, ब्रजेश कुमार के अलावा मंच संचालक संजय शर्मा व पंकज शर्मा, प्रदीप बोबी आदि का योगदान रहा।

