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दिल्ली की अदालतों में प्रदर्शन: खुदकुशी करने की कोशिश

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय द्वारा दाखिल पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। इसका अर्थ यह है कि तीन नवंबर का दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला अब भी बरकरार रहेगा। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की उस याचिका को भी खारिज कर दिया है, जिसमें साकेत कोर्ट में हुए मामले में संलग्न वकीलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की इजाजत मांगी गई थी। 

दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में शनिवार(2 नवंबर) को वकीलों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प ने बुधवार को उग्र रूप अख्तियार कर लिया है। मंगलवार को जहां हजारों पुलिसवालों ने दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन किया, वहीं 2 नवंबर के बाद से चल रहा वकीलों के प्रदर्शन ने बुधवार(6 नवंबर) को उग्र रूप ले लिया है।पुलिस कमिश्नर ने एलजी आवास पर बैठक के बाद वरिष्ठ अधिकारियों जिसमें संयुक्त सीपी(क्राइम) भी मौजूद थे, के साथ पुनर्विचार याचिका को लेकर बैठक की। यह पुनर्विचार याचिका दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ फाइल किया जाना है जो तीस हजारी कोर्ट में हुए विवाद में आया था।दिल्ली के उपराज्यपाल ने बुधवार को अपने आवास पर बैठक बुलाई है। उनके साथ इस बैठक में पुलिस कमिश्नर अमू्ल्य पटनायक, सीपी, ज्वाइंट सीपी व अन्य आला अधिकारी मौजूद हैं। 

वकील आज दिल्ली के तीन बड़े अदालतों के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। छह में से तीन अदालतों(पटियाला हाउस कोर्ट, रोहिणी कोर्ट, साकेत कोर्ट) का कामकाज पूरी तरह ठप हो चुका है। यही नहीं वकीलों ने पटियाला हाउस कोर्ट का दरवाजा तक बंद कर रखा है।  साकेत कोर्ट और रोहिणी कोर्ट के बाहर वकील जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं। वह कोर्ट के परिसर के अंदर किसी को भी जाने नहीं दे रहे। आम लोगों को इससे खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने मंगलवार को ही वकीलों को चेतावनी देते हुए हड़ताल वापस लेने को कहा था लेकिन इसका वकीलों पर कोई असर नहीं हुआ।

रोहिणी व साकेत कोर्ट के अलावा कड़कड़डूमा कोर्ट में भी हड़ताल जारी है और वकील प्ररदर्शन कर रहे हैं। वहीं रोहिणी कोर्ट में जज दौरे पर निकले हैं। वकील अपनी मांगों पर अब भी अड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि रोहिणी कोर्ट में एक वकील ने खुदकुशी करने की कोशिश की।

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News-Desk

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