नागरिकता बिल पर पूर्वोत्तर में जनजीवन अस्त-व्यस्त
नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ दो छात्र संगठनों के राज्यव्यापी बंद के आह्वान के बाद ब्रह्मपुत्र घाटी में जनजीवन ठप है। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन और नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन की ओर से बुलाए गए 11 घंटे के बंद का असर बंगाली बहुल बराक घाटी में कुछ खास नहीं रहा। शहर के मालीगांव क्षेत्र में एक सरकारी बस पर पत्थरबाजी हुई और एक स्कूटर को आग के हवाले कर दिया गया। वहीं आसामी अभिनेता उत्पल दास और अभिनेत्री वर्षा रानी बिस्वास भी इस प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं।
Assam: Various organisations continue to protest in Guwahati against #CitizenshipAmendmentBill. Assamese actors Barsha Rani Bishaya and Utpal Das also present. pic.twitter.com/98uvMMImG1
— ANI (@ANI) December 10, 2019
लोकसभा में पारित हो चुके नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर पूर्वोत्तर के राज्य में मंगलवार को आयोजित बंद को लेकर जनजीवन खासा प्रभावित हुआ। नार्थ ईस्ट स्टूडेंट यूनियन एनईएसओ ने इस बंद का आह्वान किया है। एनईएसओ पूर्वोत्तर में सक्रिय छात्र संगठनों का शीर्ष संगठन है।

बंद का सबसे अधिक असर असम, मणिपुर, मेघालय में देखने को मिला जबकि अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में बंद सामान्य ही रहा।असम की ब्रह्मपुत्र घाटी इलाके में बंद का खासा असर रहा और यहां के छात्र संगठनों और वाम संगठनों ने जोरदार ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। इन संगठनों में ऑल असम स्टूडेंट यूनियन, नार्थ ईस्ट स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन सहित एसएफआई, एडवा, आइसा, एआईएसएफ, डीवाईएफआई शामिल थे। हालांकि बांग्ला प्रभुत्व वाले बराक घाटी में इस बंद का अधिक असर नहीं दिखा
। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य में कई जगहों पर दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठन बंद रहे। गुवाहाटी में विधेयक के विरोध में कई जगह प्रदर्शन किया गया। सचिवालय के निकट आंदोलनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प भी हुई। यहां रेलवे प्रवक्ता नं बताया कि आंदोलन की वजह से कई जगहों पर रेल यातायात प्रभावित हुआ। सड़कों पर सार्वजनिक और निजी वाहन नदारद ही रहे। ड्रिबूगढ़ में प्रदर्शनकारी सीआईएसएफ जवानों के बीच मामूली हिंसा भी हुई। इस घटना में तीन जवानों को चोटें भी आई हैं। बंद को देखते हुए सभी पहले से तय परीक्षाओं की समय-सारिणी बदल दी गई है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी और टायर जलाए
। कई अन्य संगठनों और राजनीतिक दलों ने इसे अपना समर्थन दिया है। इस बंद के आह्वान के मद्देनजर असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। नगालैंड में चल रहे हॉर्नबिल महोत्सव की वजह से राज्य को बंद के दायरे से बाहर रखा गया है।पुलिस सूत्रों ने बताया कि सचिवालय और विधानसभा की इमारतों के बाहर गुवाहाटी में प्रदर्शनकारियों से सुरक्षा बलों की झड़प भी हुई क्योंकि पुलिस प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक रही थी। उन्होंने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे मुख्यालय का प्रवेश द्वार भी यहां बंद करने की कोशिश की।
