वैश्विक

Mariupol में की संघर्ष विराम की घोषणा, ज़ापोरिज्जिया तक ह्यूमेनिटेरियन कॉरिडोर खुलेगा

Russia and Ukraine में जंग जारी है. भीषण संघर्ष में भारी संख्या में सेना के जवान और आम नागरिक मारे जा रहे हैं. इस बीच रूस ने यूक्रेन के Mariupol में संघर्ष विराम की घोषणा की है.मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस बंदरगाह शहर में 5000 हजार से अधिक लोग मारे गए हैं.

Russia ने गुरुवार को यूक्रेन के बंदरगाह शहर Mariupol में नागरिकों को निकालने के लिए स्थानीय संघर्ष विराम की घोषणा की है. रूस के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि रूस के नियंत्रण वाले बर्दियांस्क बंदरगाह से होते हुए मारियुपोल से ज़ापोरिज्जिया तक ह्यूमेनिटेरियन कॉरिडोर गुरुवार सुबह 10 बजे से खुलेगा.

Mariupol में संघर्ष विराम

Russia के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि आम नागरिकों की निकासी को सफल बनाने के लिए उसने संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) और रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय कमेटी   की प्रत्यक्ष भागीदारी के साथ मानवीय अभियान को अंजाम देने का प्रस्ताव रखा.

मंत्रालय ने यूक्रेन की सरकार से रूस, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी और रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति को सुबह छह बजे से पहले लिखित अधिसूचना के जरिए गुरुवार के संघर्षविराम के लिए बिना शर्त सम्मान की गारंटी देने का भी आग्रह किया था.

Mariupol में कम से कम 5 हजार लोग मारे गए

बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सैन्य कार्रवाई के आदेश के बाद 24 फरवरी से लगातार यूक्रेन में हमले किए जा रहे हैं. यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद से मारियुपोल रूसी बमबारी से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में से एक रहा है. राष्ट्रपति की सलाहकार तेत्याना लोमकिना ने सोमवार को समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि मारियुपोल में कम से कम 5,000 लोग मारे गए हैं.

हताहतों की संख्या का अनुमान केवल मलबे के नीचे फंसे शवों से लगाया जा सकता है. भोजन, बिजली और दवाओं की भारी कमी के बीच मारियुपोल में 170,000 लोग अभी भी रूसी सेना से घिरे हुए हैं. यहां हर तरफ तबाही का आलम है.

यूक्रेन के इरपिन में लगातार हुए धमाकों ने पूरे इरपिन को हिला कर रख दिया सबकुछ तहस-नहस हो गया. पूरा शहर जैसे खंडहर बन गया और अब उस खंडहर बन चुके शहर से लाशों का ढेर निकल रहा है.

रूसी हमले में जान गंवा चुके लोगों की लाशों को देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे.. आप देख सकते हैं एक-एक कर शवों को सड़कों पर रखा जा रहा है

News-Desk

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