Muzaffarnagar- पूर्व मे की गई घोषणा के अनुसार भारतीय किसान यूनियन का धरना शुरू
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) भाकियू ने किसानो की समस्याओं के समाधान को लेकर भरी हुंकार। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ.राकेश टिकैत का कहना है कि जब तक किसानो की समस्याओं का समाधान नही हो जाता तब तक अनिश्चित कालीन धरना जारी रहेगा।
पूर्व मे की गई घोषणा के अनुसार भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने आज दोपहर के वक्त सरकूलर रोड पर राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान मे स्थित ग्रामीण अंचल विद्युत विभाग के कार्यालय के बाहर टैंट एवं मंच लगवाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर पहुंचे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ.राकेश टिकैत ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए आरोप लगाया कि सरकार किसानो की समस्याओं को लेकर गंभीर नही है। सरकार द्वार किसानो की अनदेखी की जा रही है। उन्होने कहा कि बढती मंहगाई के साथ बढाई जा रही बिजली के दरों से किसान परेशान है।
उन्होने कहा कि एक और जहां विद्युत दरों मे बढोत्तरी की जा रही है, वहीं दूसरी और सरकार द्वारा किसानो के टयूबवैल पर मीटर लगवाने की तैयारी की जा रही है। राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने एलान किया कि ट्यूबवैलों पर मीटर नहीं लगने देंगे। भाजपा सरकार ने चुनाव के घोषणा पत्र में मुफ्त बिजली देने की बात कही थी, लेकिन अब मीटर लगाए जा रहे हैं।
टिकैत ने कहा कि सरकार झूठे वादे कर किसानों को बहकाने का काम कर रही है। किसानों के सामने बकाया भुगतान, बिजली मीटर, आवारा पशु, बिजली के बिल और गलत तरीके से दर्ज किए जा रहे मुकदमे समेत अन्य समस्याएं हैं, जिनका सरकार समाधान नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य की अभी तक घोषणा नहीं की गई है। किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा, ओमपाल मलिक, विकास शर्मा धरने पर बैठे हैं।भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि आवारा पशु किसान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। परन्तु सरकार इस और जागरूक नही है
। बकाया गन्ना भुगतान भी किसानो की एक बडी समस्या है। किसानों की एक नही बल्कि अनेक समस्या हैं। जिनका समाधान होना है। धरने की अध्यक्षता ओमप्रकाश शर्मा ने की। इस दौरा बत्तीसा खाप शामली के शौकिन्द्र चौधरी, बाबा श्याम सिह बहावडी, मांगेराम, सागर बोपाडा, श्यामपाल चेयरमैन प.उ.प्र.महामंत्री, अशोक घटायन, टीटू चौधरी आदि मौजूद रहे

