आगरा में भूमिगत PNG लाइन से गैस चोरी का खुलासा, फास्ट फूड विक्रेता रंगे हाथ पकड़ा गया; तरीका देखकर टीम भी रह गई हैरान
News-Desk
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घटना जगदीशपुरा क्षेत्र की है, जहां एक मकान में भूमिगत PNG लाइन से अवैध कनेक्शन जोड़कर गैस का इस्तेमाल फास्ट फूड बनाने के लिए किया जा रहा था। ग्रीन गैस लिमिटेड की टीम ने नियमित पेट्रोलिंग के दौरान इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा किया।
मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बन गया है, क्योंकि जिस तरीके से गैस चोरी की जा रही थी, उसे देखकर जांच टीम भी सन्न रह गई।
नियमित पेट्रोलिंग में खुला गैस चोरी का राज
ग्रीन गैस लिमिटेड के प्रतिनिधि विजय कुमार सिंह के अनुसार 12 मई की दोपहर करीब 3:30 बजे अमरपुरा स्थित जंगी विहार कॉलोनी में टीम नियमित पेट्रोलिंग कर रही थी।
इसी दौरान एक मकान में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। जांच करने पर पता चला कि मकान मालिक बसंत कुमार ने भूमिगत PNG पाइपलाइन में अवैध रूप से रबर पाइप जोड़ रखा था।
आरोप है कि इसी गैस का इस्तेमाल फास्ट फूड तैयार करने के लिए किया जा रहा था। टीम ने मौके पर पहुंचकर जब जांच की तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।
रबर पाइप से जोड़ रखा था अवैध कनेक्शन
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने तकनीकी नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए सीधे PNG पाइपलाइन में रबर पाइप फिट कर रखा था।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का अवैध कनेक्शन बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। मामूली लीक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।
ग्रीन गैस की टीम के मुताबिक आरोपी लंबे समय से इसी गैस का इस्तेमाल अपने फास्ट फूड व्यवसाय में कर रहा था।
पुलिस की मौजूदगी में काटी गई पाइपलाइन
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। जांच के दौरान गैस चोरी की पुष्टि होने के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्रीन गैस टीम ने पुलिस की मौजूदगी में अवैध पाइपलाइन काट दी और गैस सप्लाई बंद कर दी।
अधिकारियों का कहना है कि अगर समय रहते यह मामला पकड़ में नहीं आता तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था।
गैस रिसाव से हो सकता था बड़ा विस्फोट
ग्रीन गैस टीम ने बताया कि अवैध तरीके से गैस पाइपलाइन में छेड़छाड़ करना बेहद गंभीर और खतरनाक मामला है।
रबर पाइप और असुरक्षित जोड़ तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं होते। इससे गैस रिसाव का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में आग लगने या विस्फोट जैसी बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
विशेषज्ञों के अनुसार अगर आसपास किसी चिंगारी या शॉर्ट सर्किट की स्थिति बनती तो पूरा इलाका बड़ी दुर्घटना की चपेट में आ सकता था।
आसपास के लोगों की जान पर भी था खतरा
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की गैस चोरी केवल आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचाती बल्कि आसपास रहने वाले लोगों की जान को भी खतरे में डाल देती है।
PNG पाइपलाइन में दबाव के साथ गैस सप्लाई होती है। ऐसे में अवैध तरीके से की गई छेड़छाड़ किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें इस बात की भनक तक नहीं थी कि इलाके में इस तरह गैस चोरी की जा रही है।
पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू
एसीपी लोहामंडी गौरव कुमार ने बताया कि ग्रीन गैस लिमिटेड की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी कब से गैस चोरी कर रहा था और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
बिजली चोरी के बाद अब गैस चोरी के मामले बढ़ा रहे चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली चोरी के बाद अब गैस चोरी के मामलों का सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।
शहरों में PNG नेटवर्क के विस्तार के साथ सुरक्षा चुनौतियां भी बढ़ती जा रही हैं। अगर समय रहते निगरानी नहीं बढ़ाई गई तो इस तरह की घटनाएं बड़े खतरे का कारण बन सकती हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं गैस पाइपलाइन के आसपास संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दें तो तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस को सूचना दें।
कानूनी रूप से भी गंभीर अपराध
ग्रीन गैस लिमिटेड के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि PNG लाइन से अवैध गैस चोरी करना गंभीर कानूनी अपराध है।
ऐसे मामलों में आर्थिक दंड के साथ सख्त कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को कुछ पैसों की बचत के लिए अपनी और दूसरों की जान खतरे में नहीं डालनी चाहिए।

