प्रदर्शनकारी पहलवानों पर कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा WFI, निगरानी समिति को दी गयी समयसीमा दो हफ्ते के लिये बढ़ा दी
WFI (भारतीय कुश्ती महासंघ) अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच पर रिपोर्ट सौंपने के लिये निगरानी समिति को दी गयी समयसीमा दो हफ्ते के लिये बढ़ा दी है. देश के शीर्ष पहलवानों द्वारा किये गये दावों के बाद 23 जनवरी को महान मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम की अगुआई वाली निगरानी समिति गठित की गयी थी.
बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक जैसे सीनियर पहलवानों ने दावा किया था कि बृज भूषण ने कई महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न किया है और खिलाड़ियों को डराया धमकाया है. पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के आरोपों पर किसी भी पीड़ित के नाम का खुलासा नहीं किया था. समिति से अपनी रिपोर्ट चार हफ्तों में सौंपने के लिये कहा गया था. यह समिति खेल संस्था के दिन प्रतिदिन का कामकाज भी देख रही है.
WFI समिति के सदस्यों द्वारा अनुरोध किये जाने के बाद मंत्रालय ने यह समयसीमा बढ़ा दी है और अब वह यह रिपोर्ट नौ मार्च को सौंपेगी. मंत्रालय के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा कि खेल मंत्रालय ने उनके अनुरोध के बाद निगरानी समिति को रिपोर्ट सौंपने के लिये दो हफ्ते का समय और दिया है.
मंत्रालय को तब यह पैनल गठित करने के लिए बाध्य होना पड़ा था जब बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, रवि दहिया और साक्षी मलिक सहित शीर्ष भारतीय पहलवान बृज भूषण को शीर्ष पद से हटाने और डब्ल्यूएफआई को भंग करने की मांग करते हुए नयी दिल्ली में जंतर मंतर पर धरने पर बैठ गये थे.
भाजपा सांसद Brij Bhushan Sharan Singh को जांच पूरी होने तक पद से हटने के लिये कहा गया था. लेकिन कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष ने कहा कि वह आरोपों के बीच अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे. उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि कुश्ती महासंघ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा. भाजपा नेता ने कहा कि वह पार्टी के निर्णय का भी सम्मान करेंगे.

