कोरोनाविर दवा को कोविड-19 के मध्यम लक्षण वाले मरीजों पर इस्तेमाल की अनुमति
रूस ने दवा बनाने वाली कंपनी आर-फार्म की कोरोनाविर (Coronavir) दवा को कोविड-19 के हल्के और मध्यम लक्षण वाले मरीजों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है।
इसके साथ ही उसने इस दवा की फार्मेसी पर बिक्री को भी अनुमति दे दी है। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि अगले सप्ताह तक यह दवा फार्मेसियों तक पहुंच सकती है।
#RDIF and @drreddys, a global pharmaceutical company headquartered out of India, have agreed to cooperate on clinical trials and distribution of @sputnikvaccine in #India. RDIF shall supply to Dr. Reddy’s 100 million doses of the vaccine. More: https://t.co/NLqJBFP27S pic.twitter.com/ZLs9IWIedr
— RDIF (@rdif_press) September 16, 2020
कोरोनाविर दवा को मिली अनुमति को एक अन्य रूसी दवा एविफेविर (Avifavir) के लिए हरी झंडी के तौर पर देखा जा रहा है। ये दोनों दवाएं फेविपिराविर (Favipiravir) पर आधारित हैं
Rusya, eczanelerde satılacak olan "Coronavir" isimli ilk Kovid-19 reçeteli ilacı onayladı.
— Coronavirus ☣️ Turkish Agency (@CoronaTurkey) September 18, 2020
जिसे जापान में विकसित किया गया था और वायरल के इलाज में इसका खासा इस्तेमाल किया जाता रहा है।
आर-फार्म का यह एलान इस बात का एक और संकेत है कि कोरोना वायरस का इलाज खोजने की वैश्विक दौड़ में रूस काफी जोर लगा रहा है।
रूस पहले ही अपने कोविड-19 परीक्षणों का निर्यात कर रहा है और अपनी वैक्सीन स्पुतनिक वी (Sputnik V) की आपूर्ति के लिए उसने कई अंतरराष्ट्रीय समझौते भी किए हैं।
आर-फार्म ने कहा कि उसे कोरोनाविर के लिए अनुमति दवा के तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल पूरे होने के बाद मिली। इस ट्रायल में कोरोना वायरस के 168 मरीज शामिल थे।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस दवा को अस्पतालों में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज में इस्तेमाल के लिए जुलाई में अनुमति मिली थी।
