TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर BJP सांसद Nishikant Dubey का ‘रिश्वत लेने’ संबंधी आरोप
ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा के खिलाफ सवाल पूछने के बदले ‘रिश्वत लेने’ संबंधी भारतीय जनता पार्टी के सांसद Nishikant Dubey द्वारा की गई शिकायत को निचले सदन की आचार समिति के पास भेज दिया है. Nishikant Dubey ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर मोइत्रा पर संसद में सवाल पूछने के लिए एक उद्योगपति से ‘रिश्वत’ लेने का आरोप लगाया था. महुआ ने आरोपों को आधारहीन बताया है और बिरला से आग्रह किया है कि उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए समिति गठित करें.लोकसभा की आचार समिति के अध्यक्ष भाजपा सांसद विनोद कुमार सोनकर हैं.
Nishikant Dubey बिरला को लिखे पत्र में ‘विशेषाधिकार के गंभीर उल्लंघन’, ‘सदन की अवमानना’ और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-ए के तहत एक अपराध में संसद सदस्य (लोकसभा) महुआ मोइत्रा की सीधी संलिप्तता का आरोप लगाया है.
Nishikant Dubey ने एक वकील से मिले पत्र का हवाला देते हुए कहा था कि वकील ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता और एक व्यवसायी के बीच रिश्वत के लेन-देन के ‘अकाट्य’ सबूत साझा किए हैं. भाजपा सांसद ने आरोप लगाया है कि हाल तक लोकसभा में उनके (मोइत्रा) द्वारा पूछे गए 61 में से 50 प्रश्न अडाणी समूह पर केंद्रित थे, जिस पर तृणमूल सांसद ने अक्सर कदाचार का आरोप लगाया हैं.
महुआ मोइत्रा ने सीधे तौर पर Nishikant Dubey का नाम लिए बिना उन पर पलटवार करने के लिए ‘एक्स’ पर कई संदेश पोस्ट किए थे और अडाणी समूह पर ताजा हमला बोला था. उन्होंने कहा था, ‘‘फर्जी डिग्रीवाला और भाजपा के अन्य दिग्गजों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के कई मामले लंबित हैं. लोकसभा अध्यक्ष द्वारा उनके निपटारे के तुरंत बाद मेरे खिलाफ किसी भी प्रस्ताव का स्वागत है. साथ ही मेरे दरवाजे पर आने से पहले अडाणी कोयला घोटाले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और अन्य द्वारा प्राथमिकी दर्ज किये जाने का इंतजार कर रही हूं.’

