ईरान ने अपने सैनिकों को छुड़ाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक की, बलूचिस्तान में घुसकर अपने गार्डों को मुक्त कराया
ईरान ने पाकिस्तान से अपने दो सैनिक छुड़ा लिए हैं। इनका 2018 में पाकिस्तानी आतंकियों ने अपहरण कर लिया था। । ईरान के दो बाॅर्डर गार्डों का पाकिस्तानी आतंकियों ने 2018 में अपहरण कर लिया था। वह इन्हें रिहा करने के लिए पाकिस्तान पर लगातार दबाव डाल रहा था, लेकिन आखिरकार उसे ही कार्रवाई कर उन्हें रिहा कराना पड़ा।
More details on the Surgical Strike style Ops by Iran deep inside Pakistan territory to free 2 of its abducted border Revolutionary Guards. Not the first time though. Apart from Iran, US & India have conducted strikes against terrorists inside Pak earlier. pic.twitter.com/Z3DH06Htqr
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) February 4, 2021
सूत्रों के अनुसार ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड्स ने खुफिया जानकारी के आधार पर पाकिस्तान के बलूचिस्तान में घुसकरआतंकी संगठन जैश अल-अदल से अपने गार्डों को मुक्त कराया। रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के बयान के अनुसार उक्त आतंकी समूह ने दो गार्डों का अपहरण कर लिया था। मंगलवार को उन्हें रिहा करा लिया गया।
बता दें, पाकिस्तान के कई इलाकों में आतंकी संगठनों को कब्जा है। वे वहां से पूरी दुनिया व खासकर अफगानिस्तान व भारत के जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियां चलाते है।
पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई खुद इनका पालन-पोषण करती है। उधर, कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि ईरान ने अपने सैनिकों को छुड़ाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक की। इसमें गुप्तचर व सैन्यकर्मियों की मदद ली गई।
ईरान के राजनयिक असदोल्ला असादी को 20 साल के कारावास की सजा
बेल्जियम की कोर्ट ने 2018 में फ्रांस में आयोजित एक रैली में बम धमाके की साजिश रचने के आरोप में ईरान के राजनयिक असदोल्ला असादी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है।
असादी को आतंकी गतिविधि में लिप्त होने का दोषी ठहराया गया है। बम धमाके का उद्देश्य ईरान के विपक्षी दलों को निशाना बनाना था। यह रैली उन्हीं ने आयोजित की थी।
An Iranian diplomat, Assadollah Assadi, accused of planning to bomb a meeting of an exiled opposition group sentenced to 20 years in prison in the first trial of an Iranian official for suspected terrorism in the European Union since Iran's 1979 revolution: Reuters
— ANI (@ANI) February 4, 2021
बेल्जियम की कोर्ट ने असादी व तीन अन्य को भी बम धमाके की साजिश रचने का दोषी माना है। धमाके के जरिए नेशनल काउंसिल आफ रेसिस्टेंस आफ ईरान के शीर्ष नेताओं की हत्या की साजिश थी।
यह रैली पेरिस के समीप आयोजित की गई थी, लेकिन बेल्जियम, जर्मन व फ्रांस की पुलिस ने समय रहते इसका पर्दाफाश कर दिया था।

