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मारक शनि, राहु ,केतु के उपाय व दान कब करें?

शनि, राहु , केतु के दान व उपाय सिर्फ तभी किये जायेंगे जब ये ग्रह आपके चार्ट में मारक ग्रह होंगे । यदि शनि, राहु & केतु आपके चार्ट में योगकारक ग्रह हैं तो इन ग्रहों के दान & उपाय नहीं किये जायेंगे ।

यदि आपके चार्ट में शनि देव की साढ़ेसाती या ढैया चल रही है तोह आप शनि देव के उपाय & दान कर सकते हैं ।

राहु देव अगर कुण्डली में खराब हों तो नमक के पौंछे लगाना चाहिए । इससे राहु देव शांत होते हैं।

शनि देव, राहु देव और केतु देवता का पाठ सूर्यास्त के बाद या सोने से पहले किया जाता है क्यूंकि ये देवता सूर्यास्त के बाद ही उदय होते है । इसी तरह इनका दान भी सूर्यास्त के बाद ही होता है ।

परन्तु अमावस्या वाले दिन सारे दिन में किसी भी समय हम शनि देव, राहु देव, केतु देव का पाठ और दान कर सकते हैं क्यूंकि अमावस्या होती ही शनि देव जी की है । वोह सारा दिन उपस्थित रहते हैं ।

मारक शनि देव के उपाय: (शनिवार को सूर्यास्त के बाद करना है)

काले तिल दान करना/ चीटियों को डालना
सरसों के तेल का दाल करना
काली जुरावें दान करना
पीपल के वृक्ष को जल देना
पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों का दीपक जलाना
काला वस्त्र का दान करना
लोहे की वस्तुओं का दान करना (चिंता, तवा)
नीली जल प्रवाह करना
शनि चालीसा का दान करना
कोयला दान करना/ जल प्रवाह करना
जूता, चप्पल दान करना

नोट:- निम्न स्तर का कर्मचारी (मजदूर, नौकर, कामवाली, भिखारी) के साथ सही व्यवहार रखने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं । शनिवार को शाम को 7 बजे के बाद (या) सोते समय 5-10 minutes शनि देव के बीजमंत्र का जाप करें

बीजमंत्र:ऊँ शं शनैश्चराय नम:

मारक राहु देव के उपाय: (शनिवार को सूर्यास्त के बाद करना है)

चाय की पत्ती दान करना
अगरबत्ती दान करना
सिक्का दान करना
बिजली की तार जल प्रवाह करना
गोमेद जल प्रवाह करना
सतनाजा चीटियों को डालना
काला सफ़ेद कम्बल दान करना
विकलांगो की सहायता करना
कुष्ठ आश्रम में दान करना, नेत्रहीनों की सेवा करना ।

शनिवार को चाय की पत्ती (100gm), १ अगरबत्ती का पैकेट शनि देव के मंदिर के बाहर गरीबों को दान करें और देते समय राहु मंत्र “ॐ रां राहवे नमः” का जप करें ।

नोट: किसी भी प्रकार से शारीरिक असमर्थ लोगों का ख्याल रखने से राहु देव प्रसन्न होते हैं ।

रोजाना शाम को 7 बजे के बाद (या) सोते समय 5-10 minutes राहु देव के बीजमंत्र का जाप करें

बीजमंत्र: ऊँ रां राहवे नम:

केतु देव के उपाय: (मंगल, बुधवार को सूर्यास्त के बाद करना है)

काला सफ़ेद कपड़ा दान करना
निम्बू दान करना
अमचूर दान करना
आंवले का अचार दान करना
चाकू दान करना
कुत्ते की सेवा करना
कुत्ते को कपड़ा पहनना

नोट:- नानका परिवार से मधुर संबंध रखने से केतुदेव प्रसन्न होते हैं.

रोजाना शाम को 7 बजे के बाद (या) सोते समय 5-10 minutes केतु देव के बीजमंत्र का जाप करें ।

बीजमंत्र: ऊं कें केतवे नम:

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