BCCI में नए बदलाव: देवजीत सैकिया बने इंटरिम सेक्रेटरी, जय शाह की जगह ली
बीसीसीआई (Board of Control for Cricket in India) के इतिहास में एक नया मोड़ आया है, जब देवजीत सैकिया को बोर्ड का इंटरिम सेक्रेटरी नियुक्त किया गया। ये बदलाव उस समय हुआ जब जय शाह, जो पहले BCCI के सचिव थे, 1 दिसंबर से ICC (International Cricket Council) के चेयरमैन बन गए हैं। अब, सैकिया ने उनकी जगह ली है। यह नियुक्ति बोर्ड के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है और क्रिकेट प्रेमियों के बीच इस विषय पर चर्चा हो रही है।
सैकिया की शिक्षा और करियर की यात्रा
देवजीत सैकिया का जन्म 1969 में गुवाहाटी, असम में हुआ था। उनका क्रिकेट करियर बहुत ही दिलचस्प और प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने 1984 में सीके नायडु ट्रॉफी के तहत असम टीम से अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की। इसके बाद, 1989 तक वे असम अंडर-19 टीम का हिस्सा रहे। सैकिया का क्रिकेट करियर और भी विशेष बन गया जब उन्होंने 1991 में रणजी ट्रॉफी में बतौर विकेटकीपर असम के लिए डेब्यू किया। इस दौरान उन्होंने ईस्ट जोन की टीम में भी खेला और सौरव गांगुली जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ मैदान पर खेले।
हालांकि, 21 साल की उम्र में, सैकिया ने प्रोफेशनल क्रिकेट छोड़ने का निर्णय लिया और अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने इकोनॉमिक्स में मास्टर्स डिग्री प्राप्त की और इसके बाद लॉ की पढ़ाई कर एक वकील बने। उनके करियर की एक दिलचस्प बात ये है कि वे वकीलों के क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत की टीम का नेतृत्व भी कर चुके हैं।
बीसीसीआई में सैकिया की यात्रा
2019 में, जब सौरव गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष बने, तब देवजीत सैकिया को बीसीसीआई का जॉइंट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बोर्ड के प्रशासनिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान, उनकी कार्यशैली और संगठन की प्रबंधन क्षमताओं ने उन्हें एक प्रमुख प्रशासक के रूप में स्थापित किया।
सैकिया की नियुक्ति के बाद, बीसीसीआई के इंटरनल मामलों में कई बदलाव देखने को मिले। उन्हें 2023 में दुबई में ICC की बैठक में भी बीसीसीआई के प्रतिनिधि के रूप में भेजा गया था। यह बैठक उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव थी, जहां उन्होंने बोर्ड के मामलों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
जय शाह के अध्यक्ष बनने के बाद की स्थिति
1 दिसंबर को जब जय शाह ICC के चेयरमैन बने, तो उनके स्थान पर किसी सक्षम व्यक्ति की आवश्यकता थी। उनके स्थान पर देवजीत सैकिया को अंतरिम सेक्रेटरी के तौर पर चुना गया। हालांकि, यह नियुक्ति अस्थायी है और सैकिया को इस पद के लिए चुने जाने के बाद अब तक एक स्थायी सचिव के चुनाव का इंतजार है। यह चुनाव दिसंबर या जनवरी में हो सकता है।
बीसीसीआई के भविष्य की दिशा
सैकिया की नियुक्ति के बाद, बीसीसीआई के प्रशासकों को उम्मीद है कि उनका अनुभव और क्रिकेट के प्रति उनके गहरे प्रेम से बोर्ड को नई दिशा मिलेगी। सैकिया के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण भूमिका है, क्योंकि उन्हें बोर्ड के लिए एक स्थिर नेतृत्व सुनिश्चित करना है और उनके सामने कई महत्वपूर्ण फैसले लेने की जिम्मेदारी होगी।
असम क्रिकेट से लेकर बीसीसीआई तक
देवजीत सैकिया का असम क्रिकेट के प्रति प्रेम उनकी यात्रा की सबसे खास बात है। उन्होंने असम के लिए क्रिकेट खेलते हुए कई उपलब्धियां हासिल की और क्रिकेट को अपनी पूरी जिंदगी का हिस्सा बना लिया। उनकी इस क्षेत्र में अनुभव ने उन्हें बीसीसीआई में महत्वपूर्ण पद तक पहुंचने का मौका दिया।
उनकी कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता ने यह साबित कर दिया है कि वे केवल एक अनुभवी क्रिकेट खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि एक कुशल प्रशासक भी हैं। इस समय, उनके नेतृत्व में बीसीसीआई नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने के लिए तैयार है।
अभी का समय और भविष्य की योजनाएं
हालांकि, सैकिया फिलहाल एक अंतरिम सचिव हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकता यही होगी कि वे बीसीसीआई को स्थिरता दें और एक नए सचिव के चुनाव तक हर चीज को सुचारू रूप से चलाएं। उनके कार्यकाल में क्या-क्या बदलाव आएंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।
क्रिकेट प्रशंसकों की प्रतिक्रिया
देवजीत सैकिया की नियुक्ति को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं हैं। कुछ का मानना है कि उनका क्रिकेट और प्रशासन का अनुभव उन्हें इस भूमिका के लिए उपयुक्त बनाता है, जबकि अन्य का मानना है कि यह समय ही तय करेगा कि वे इस पद को कितना सफलतापूर्वक संभालते हैं।
BCCI में देवजीत सैकिया की नियुक्ति निश्चित रूप से एक नया दौर है। उनकी भूमिका, उनके निर्णय और उनकी कार्यक्षमता से क्रिकेट का भविष्य प्रभावित होगा। अब देखना यह होगा कि वे किस तरह से इस चुनौतीपूर्ण पद को निभाते हैं और बीसीसीआई के लिए क्या नए आयाम लेकर आते हैं।

