Chiranjeevi का ‘पोता प्रेम’: बेटा-बेटी में फर्क करने पर फूटा फैंस का गुस्सा!
साउथ सिनेमा के मेगास्टार Chiranjeevi अपने दमदार अभिनय और विनम्र स्वभाव के लिए मशहूर हैं, लेकिन इस बार वह अपनी एक टिप्पणी को लेकर विवादों में घिर गए हैं। मंगलवार शाम एक इवेंट में उन्होंने अपने बेटे राम चरण से ‘पोता’ यानी लड़का होने की इच्छा जाहिर की, जिससे सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।
‘पोता चाहिए, पोती नहीं?’ – चिरंजीवी के बयान पर छिड़ा विवाद
इवेंट के दौरान चिरंजीवी ने कहा,
“मैं हमेशा कामना करता हूं और कहता हूं कि चरण, कम से कम इस बार एक लड़का हो, जो हमारी विरासत को आगे बढ़ाए। लेकिन उनकी बेटी उनकी आंखों का तारा है।”
इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा,
“जब मैं घर पर होता हूं, तो ऐसा लगता है कि मैं किसी वुमन हॉस्टल का वार्डन हूं, जहां चारों ओर सिर्फ महिलाएं हैं। मुझे डर है कि कहीं फिर से लड़की ना हो जाए।”
उनकी इस टिप्पणी से सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया। कुछ लोगों ने इसे हल्के-फुल्के मजाक के रूप में लिया, लेकिन कई लोगों ने इसे लैंगिक असमानता की सोच से जोड़ते हुए नाराजगी जताई।
फैंस के रिएक्शन: ‘इतने बड़े स्टार होकर बेटा-बेटी में फर्क?’
चिरंजीवी के बयान के वायरल होते ही फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
एक यूजर ने लिखा,
“इतने बड़े सुपरस्टार होकर बेटा-बेटी में भेदभाव करते हैं? दुखद! बेटियां भी विरासत को आगे बढ़ाती हैं, क्या बेटियां कोई कम होती हैं?”
एक अन्य फैन ने कहा,
“चिरंजीवी जैसे प्रभावशाली व्यक्ति को समाज में समानता की वकालत करनी चाहिए। जब हम 21वीं सदी में जी रहे हैं, तो यह कहना कि ‘पोता चाहिए’ और ‘पोती का डर है’, बहुत ही निराशाजनक है।”
क्या मजाक था या रूढ़िवादी सोच?
हालांकि, Chiranjeevi के कई समर्थकों का मानना है कि उनका बयान सिर्फ मजाकिया अंदाज में था और इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। लेकिन कई लोगों का कहना है कि ऐसी टिप्पणियां भारतीय समाज में लैंगिक असमानता को बढ़ावा देती हैं।
बेटियों को भी अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं माना जाता। वे घर-परिवार और प्रोफेशनल करियर दोनों में ही अपना नाम रोशन कर रही हैं। ऐसे में किसी भी बड़े सेलिब्रिटी द्वारा बेटा-बेटी में फर्क करने की मानसिकता को बढ़ावा देना निराशाजनक माना जा रहा है।
राम चरण और उपासना की लव स्टोरी से पैरेंट्स बनने तक का सफर
राम चरण और उपासना कमिनेनी की शादी तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री की सबसे चर्चित शादियों में से एक थी। 14 जून 2012 को दोनों ने शादी की थी। उपासना, अपोलो हॉस्पिटल्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन प्रताप सी. रेड्डी की पोती हैं।
शादी के 11 साल बाद, 20 जून 2023 को दोनों ने अपने पहले बच्चे, एक बेटी का स्वागत किया। बेटी के जन्म के बाद चिरंजीवी ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा था,
“हमारी नन्ही परी हमारे जीवन में खुशियां लेकर आई है। भगवान का धन्यवाद!”
सेलिब्रिटीज और बेटा-बेटी की बहस
यह पहली बार नहीं है जब किसी सेलिब्रिटी के बयान से बेटा-बेटी की बहस छिड़ी हो। इससे पहले भी बॉलीवुड और टॉलीवुड के कई दिग्गज इस मुद्दे पर बयान दे चुके हैं।
👉 आमिर खान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनकी बेटी इरा खान उनकी गर्व की वजह हैं, और वह अपने पिता की तरह फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने को लेकर बिल्कुल भी बाध्य नहीं हैं।
👉 अमिताभ बच्चन ने अपनी बेटी श्वेता बच्चन को लेकर कहा था, “मेरी विरासत केवल अभिषेक ही नहीं, श्वेता भी आगे बढ़ाएंगी। बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं होना चाहिए।”
👉 साउथ के ही एक और सुपरस्टार, नागार्जुन, ने कहा था कि उनकी बहू समांथा अक्किनेनी भी उनके परिवार की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं।
क्या बदलेगी सोच?
सवाल यह उठता है कि क्या अब भी समाज में लड़का-लड़की को लेकर असमानता है? क्या बड़े सितारों को अपनी बातों का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि उनके कहे गए शब्द लाखों लोगों को प्रभावित कर सकते हैं?
आज की बेटियां भी अपने परिवार का नाम रोशन कर रही हैं, चाहे वह खेल हो, बिजनेस हो, राजनीति हो या फिल्म इंडस्ट्री। यही समय है कि समाज को इस सोच से आगे बढ़ने की जरूरत है कि विरासत सिर्फ बेटों से ही आगे बढ़ती है।
चिरंजीवी के लिए आगे क्या?
फिलहाल, चिरंजीवी ने इस बयान पर कोई सफाई नहीं दी है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह मामला अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है। क्या वह इस पर सफाई देंगे? क्या वह यह मानेंगे कि उनका बयान गलत था या इसे सिर्फ मजाक मानकर टाल देंगे? यह देखने वाली बात होगी।

