नगर गैस वितरण के लिये 10वें दौर का शुभारंभ
प्रधानमंत्री ने राज्य में नगर गैस वितरण परियोजनाओं (सीजीडी) की आधारशिला रखी राज्य में नगर गैस वितरण परियोजनाओं (सीजीडी) के लिये 10वें दौर का शुभारंभ किया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारत के विभिन्न हिस्सों में 63 भौगोलिक क्षेत्रों में शामिल नगर गैस वितरण परियोजनाओं के लिये आधारशिला रखी, जिनमें बारह नगर उत्तर प्रदेश के हैं। इससे इन क्षेत्रों के निवासियों को सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) द्वारा आबंटित भौगोलिक क्षेत्रों के लिये आधारशिला रखी। इस मौके पर माननीय विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री, डा. हर्ष वर्धन, माननीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
उत्तर प्रदेश में, श्री योगी आदित्य नाथ, माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश, श्री केशव प्रसाद मौर्य, माननीय उप मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश, श्री सतीश महाना, माननीय औद्योगिक विकास मंत्री, श्री स्वतंत्र देव सिंह, माननीय विद्युत राज्य मंत्री (उ.प्र.), श्री महेश शर्मा, माननीय केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन तथा नागर विमानन राज्य मंत्री के साथ-साथ संसद सदस्य और विधानसभा के सदस्य गोरखपुर, संत कबीर नगर और कुशीनगर, इलाहाबाद (पहले से अधिकृत क्षेत्रों को छोड़कर), भदोई और कौशांबी जिलों, उन्नाव (पहले से
अधिकृत क्षेत्रों को छोड़कर), अमेठी, प्रतापगढ़ और राय बरेली जिलों, बुलंदरशहर (पहले से अधिकृत क्षेत्रों को छोड़कर), अलीगढ़ और हाथरस जिलों, ओरैया, कानपुर देहात और इटावा जिलों, मुरादाबाद (पहले से अधिकृत क्षेत्रों को छोड़कर) जिला, फैज़ाबाद और सुल्तानपुर जिलों, मेरठ (पहले से अधिकृत क्षेत्रों को छोड़कर), मुज़फ्फरनगर एवं शामली जिलों के भौगोलिक क्षेत्रों में परियोजना के शुभारंभ के अवसर पर, मौजूद थे।
प्रतिशत जनसंख्या (2011 की जनगणना के अनुसार) और 11 प्रतिशत भौगोलिकीय क्षेत्र को कवर करते हैं। इसके अलावा, 5 जिलों में नगर गैस वितरण प्रचालन कार्य संचालित किये जाते हैं। पीएनजीआरबी ने अप्रैल, 2018 में 86 भौगोलिक क्षेत्रों के लिये 9वें दौर की बोली की शुरूआत की थी जिनमें 22 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में फैले 174 जिले (156 पूर्ण और 18 अंशतः) शामिल हैं। बोलियों के मूल्यांकन के उपरांत, इन भौगोलिक क्षेत्रों में नगर गैस वितरण (सीजीडी) परियोजनाओं के विकास के लिये 23 कंपनियों को अधिकार पत्र जारी किये गये।
उत्तर प्रदेश में स्वीकृत भौगोलिक क्षेत्र हैं-बुलंदशहर (पहले से अधिकृत क्षेत्रों को छोड़कर), अलीगढ़ और हाथरस जिले, इलाहाबाद (पहले से अधिकृत क्षेत्रों को छोड़कर), भदोई और कौशाम्बी (इंडियन ऑयल-अडानी गैस प्राइवेट लिमिटेड को), अमेठी, प्रतापगढ़ और राय बरेली जिले (भारत गैस रिसॉर्सिस लिमिटेड को), ओरैया, कानपुर देहात और इटावा जिले, गोरखपुर, संतकबीर नगर और कुशीनगर, मुरादाबाद (पहले से अधिकृत क्षेत्रों को छोड़कर) जिले (टोरेंट गैस प्राइवेट लिमिटेड को), फैजाबाद और सुल्तानपु जिले (ग्रीन गैस लिमिटेड को), मेरठ (पहले से अधिकृत क्षेत्रों को छोड़कर), मुज़फ्फरनगर और शामली जिले (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड को) और उन्नाव (पहले से अधिकृत क्षेत्रों को छोड़कर – ग्रीन गैस लिमिटेड को)। 9वें दौर की नगर गैस वितरण बोली प्रक्रिया पूरी हो जाने पर प्राकृतिक गैस 178 भौगोलिकीय क्षेत्रों में उपलब्ध हो जायेगी, जिनमें 26 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में फैले 290 जिले (278 पूर्णतः और 12 अंशतः) शामिल हैं और इससे भारत की 46 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या तथा क़रीब 35 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र कवर हो जायेगा।
उत्तर प्रदेश में 9वें दौर की नगर गैस वितरण बोली प्रक्रिया के अंतर्गत नगर और स्थानीय गैस वितरण नेटवर्क के विकास के लिये अधिकृत किये गये भौगोलिक क्षेत्रों में विभिन्न कंपनियों की प्रतिबद्धता के अनुसार राज्य में सितंबर, 2026 तक लगभग आठ वर्षों की अवधि के दौरान 13,190 ईंच-कि.मी. इस्पात पाइपलाइन के अलावा, 7,84,574 घरेलू पीएनजी कनेक्शन और 222 सीएनजी स्टेशन स्थापित कर दिये जायेंगे। इसके अलावा, नगर गैस वितरण अधिकृति विनियमों में प्रदत्त सीमाओं के अनुसार संबंधित भौगोलिक क्षेत्रों में कंपनियों को औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करने के लिये अधिकृत किया जायेगा।
इस माह में पीएनजीआरबी ने 14 राज्यों में विस्तारित 50 भौगोलिक क्षेत्रों के लिये 10वें दौर की नगर गैस वितरण बोली प्रक्रिया का शुभारंभ किया। इससे नगर गैस वितरण की कवरेज देश की 70 प्रतिशत जनसंख्या और लगभग 53 प्रतिशत क्षेत्र तक पहुंच जायेगी। 10वें दौर की नगर गैस वितरण बोली प्रक्रिया में शामिल उत्तर प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र हैंः आज़मगढ़, मऊ और बलिया जिलें, बरेली (पहले से अधिकृत क्षेत्र को छोड़कर), पीलीभीत और रामपुर जिले, बस्ती और अम्बेडकर नगर जिले, फर्रूखाबाद, एटा और हरदाई जिले, गोंडा और बाराबंकी जिले, जौनपुर और गाजीपुर जिले, कानपुर (पहले से अधिकृत क्षेत्र को छोड़कर), फतेहपुर और हमीरपुर जिले, मैनपुरी और कन्नौज जिले, मिर्जापुर, चंदौली और सोनभद्र जिले, शाहजहांपुर और बदायुं जिले, नैनीताल और बिजनौर जिले (इस भौगोलिक क्षेत्र में उत्तराखंड के क्षेत्र भी शामिल हैं), भिंड, जालौन, ललितपुर और दतिया।
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