रूस में तबाही मचाने वाला Operation Spiderweb: यूक्रेन के 117 ड्रोन से 40 रूसी बमवर्षक नेस्तनाबूद, शांति वार्ता से पहले गहराया संकट
रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग ने एक बार फिर से नई करवट ले ली है। इस बार यूक्रेन ने जिस रणनीति के तहत हमला किया, उसने रूस के रक्षा ढांचे की पोल खोल दी है। रविवार को यूक्रेन ने ‘Operation Spiderweb’ के तहत रूस के पांच प्रमुख एयरबेसों को निशाना बनाते हुए एक के बाद एक 117 ड्रोन छोड़े। इस हमले में रूस के कई सामरिक विमान पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। माना जा रहा है कि करीब 40 रूसी बमवर्षक विमानों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
ऑपरेशन स्पाइडरवेब: एक पूर्व नियोजित और उच्च तकनीक वाला हमला
यूक्रेन का यह हमला साधारण नहीं था। ‘ऑपरेशन स्पाइडरवेब’ को बेहद गोपनीयता और तकनीकी सूझ-बूझ के साथ अंजाम दिया गया। इस ऑपरेशन के तहत यूक्रेनी सैन्य बलों ने एक साथ पांच अलग-अलग स्थानों—मरमंस्क, इरकुत्स्क, इवानोवो, रियाजान और अमूर—पर स्थित रूस के रणनीतिक एयरबेस को निशाना बनाया।
हर एयरबेस पर एफपीवी (फर्स्ट पर्सन व्यू) ड्रोन का प्रयोग किया गया, जिन्हें इतनी दक्षता से मार्गदर्शित किया गया कि रूसी सुरक्षा तंत्र इन्हें पहचान भी नहीं पाया। यूक्रेन के इस अचूक वार से रूस के रक्षा मंत्रालय की नींद उड़ गई है।
रूसी बयान और यूक्रेनी दावा: आंकड़ों में अंतर, पर सच्चाई कहीं बीच में
रूस के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा, “यूक्रेनी ड्रोन द्वारा किए गए सभी आतंकी हमलों को अमूर, इवानोवो और रियाजान में विफल कर दिया गया।” हालांकि यह दावा पूरी तरह से सच प्रतीत नहीं होता, क्योंकि सोशल मीडिया पर जारी उपग्रह छवियों और एक्स (पूर्व ट्विटर) पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बेलाया, ओलेन्या, द्यागिलेवो और इंगेल्स एयरबेस पर व्यापक क्षति हुई है।
117 ड्रोन का प्रयोग और टारगेटिंग: ऑपरेशन की बारीकियां
यूक्रेनी सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस ऑपरेशन में 117 ड्रोन का इस्तेमाल हुआ। हर ड्रोन को खास किस्म के जीपीएस गाइडेंस सिस्टम से लैस किया गया था ताकि वह अपने लक्ष्य तक आसानी से पहुंच सके। इस हमले में जिन विमानों को नष्ट किया गया है, वे रूस की स्ट्रैटजिक लॉन्ग-रेंज बॉम्बर यूनिट्स का हिस्सा थे।
40 बमवर्षक नेस्तनाबूद: सामरिक संतुलन में भारी झटका
यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने इस हमले में 40 से अधिक बमवर्षक विमानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। ये विमान मुख्य रूप से Tu-95 और Tu-160 स्ट्रैटजिक बॉम्बर्स हैं, जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं। इनके नष्ट होने का मतलब है कि रूस की हवाई ताकत को जबरदस्त झटका लगा है।
जेलेंस्की की प्रतिक्रिया: “हमारी ताकत और हिम्मत का प्रतीक है स्पाइडरवेब”
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ऑपरेशन की खुलेआम सराहना करते हुए कहा, “ऑपरेशन स्पाइडरवेब हमारे आत्मरक्षा के अधिकार और तकनीकी श्रेष्ठता का प्रतीक है। रूस अब यह जान चुका है कि हम हर हमले का जवाब देंगे।”
रूस-यूक्रेन शांति वार्ता से पहले बढ़ता तनाव
यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब रूस और यूक्रेन के बीच संभावित शांति वार्ता की चर्चा चल रही है। मगर इस हमले के बाद हालात और भी तनावपूर्ण हो गए हैं। यह अंदेशा जताया जा रहा है कि रूस इस हमले का जवाब बड़ी सैन्य कार्रवाई के रूप में दे सकता है।
रणनीतिक स्थानों पर हमला: रूस की रक्षा नीति पर उठे सवाल
यूक्रेनी ड्रोन हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रूस के रणनीतिक ठिकाने अब सुरक्षित नहीं हैं। बेलाया एयरबेस की लोकेशन यूक्रेन से 4700 किलोमीटर दूर है, फिर भी ड्रोन वहां तक पहुंचे और सफलतापूर्वक हमला किया। यह रूस की एयर डिफेंस सिस्टम की खामियों को उजागर करता है।
दुनिया की नजरें अब रूस की प्रतिक्रिया पर टिकीं
पूरे विश्व की निगाहें अब रूस की आगामी रणनीति पर टिकी हैं। क्या रूस इस हमले को दरकिनार कर शांति वार्ता की ओर बढ़ेगा, या फिर एक और बड़ी सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है? इसका उत्तर आने वाले कुछ दिनों में मिल सकता है।
भारत की भूमिका पर भी उठे सवाल
भारत जो अब तक युद्ध में तटस्थ रुख अपनाता रहा है, इस हमले के बाद उसकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या भारत अब रूस पर संयम बरतने का दबाव बनाएगा, या फिर चुपचाप घटनाक्रम को देखता रहेगा?
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं: निंदा या समर्थन?
इस हमले के बाद अमेरिका, यूरोपीय संघ और नाटो देशों की प्रतिक्रियाएं भी चर्चा में हैं। कुछ देश यूक्रेन की आत्मरक्षा का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ इस ऑपरेशन को ‘आक्रामक’ करार दे रहे हैं। हालांकि, यूक्रेन का रुख साफ है—यह हमला उसकी रक्षा नीति का हिस्सा था।

