काशी में गरजे PM Modi: ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान को चेतावनी, किसानों को सौगात और ‘मेक इन इंडिया’ पर बड़ा ऐलान
वाराणसी/सेवापुरी – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शनिवार को वाराणसी के सेवापुरी में ऐतिहासिक घोषणाओं और योजनाओं के साथ अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। कुल ₹2183.45 करोड़ की 52 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया—भारत अब पुराने ढर्रे पर नहीं चलेगा, नया भारत तेज़, आत्मनिर्भर और आतंकवाद के खिलाफ आक्रामक है।
पीएम मोदी ने काशी के सेवापुरी गांव बनौली में आयोजित भव्य जनसभा में जहां देश की 9.70 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त भेजी, वहीं पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि “भारत पर वार करने वाले पाताल में भी नहीं बच पाएंगे।”
ब्रह्मोस मिसाइल अब यूपी में बनेगी, दुश्मनों को पाताल तक पहुंचाएगी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में यूपी में ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण की घोषणा कर जनता में जोश भर दिया। उन्होंने कहा,
“मैं यूपी का सांसद हूं, इसलिए गर्व है कि अब लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल तैयार होगी। अगर पाकिस्तान ने फिर कोई पाप किया तो यूपी में बनी मिसाइलें आतंकवादियों को तबाह कर देंगी।”
पीएम मोदी ने साफ किया कि नया भारत भोलेनाथ की भक्ति करता है, लेकिन जब वक्त आए तो कालभैरव बनकर दुश्मनों को खदेड़ देता है।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंकियों के ठिकानों पर कहर, कांग्रेस पर हमला
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर का ज़िक्र करते हुए कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा,
“जब भारत ने आतंकियों के अड्डों को मिट्टी में मिला दिया तो कुछ लोगों के पेट में मरोड़ होने लगी। कांग्रेस और उनके चेले इस सफलता को तमाशा बता रहे हैं। मैं पूछना चाहता हूं – क्या सिंदूर कभी तमाशा हो सकता है?”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि
“क्या हमें आतंकियों को मारने के लिए सपा को फोन करना चाहिए कि पूछ लें क्या हम मार सकते हैं?”
इस पर हजारों की भीड़ से “जय महादेव” के नारों से माहौल गूंज उठा।
प्रधानमंत्री ने दिव्यांगजनों को दिए अत्याधुनिक उपकरण
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यक्रम में पांच दिव्यांगजनों को आधुनिक उपकरण भेंट किए। विशेष रूप से एक दृष्टिबाधित छात्रा को लो-विज़न चश्मा देकर उनसे संवाद किया।
इन उपकरणों की पहुंच पहले आम लोगों के लिए नहीं थी, पर अब इन्हें 2025 दिव्यांगजनों तक पहुंचाया गया है। पीएम ने कहा,
“हमारी सरकार का लक्ष्य है कि हर जरूरतमंद तक आधुनिक तकनीक की पहुंच हो।”
बैंकों को दिया ‘केवाईसी ग्राम पंचायत अभियान’ चलाने का निर्देश
प्रधानमंत्री ने जनधन योजना की 10वीं वर्षगांठ का ज़िक्र करते हुए कहा कि 55 करोड़ से अधिक लोगों के बैंक खाते खोले गए, जिनमें से कई ने पहले कभी बैंक नहीं देखा था। अब जब केवाईसी ज़रूरी हो गई है, पीएम ने बैंकों से आग्रह किया कि वे खुद गांव-गांव जाकर लोगों की मदद करें।
“अब तक एक लाख बैंक प्रतिनिधि ग्राम पंचायतों तक पहुंच चुके हैं। बैंकिंग व्यवस्था में यह सबसे बड़ा जन अभियान है।”
‘जो जितना पिछड़ा, उसे उतनी प्राथमिकता’ – पीएम का सामाजिक न्याय पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के मूल मंत्र—“जो जितना पिछड़ा, उसे उतनी प्राथमिकता”—को दोहराया और बताया कि वे 3 लाख करोड़ की योजना के तहत ‘लखपति दीदी’ योजना को विस्तार देने जा रहे हैं।
“ये आंकड़ा सुनकर सपा वाले साइकिल छोड़कर भाग जाएंगे।”
उन्होंने कहा कि यूपी के 2.5 करोड़ किसानों को ₹90,000 करोड़, और केवल बनारस के किसानों को ₹900 करोड़ की सम्मान निधि दी गई है।
स्वदेशी और ‘मेक इन इंडिया’ को पीएम का समर्थन
मोदी ने देशवासियों से अपील की कि वे ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को अपनाएं और ‘मेक इन इंडिया’ को समर्थन दें। उन्होंने कहा:
“देशवासी संकल्प लें कि घर में जो नया सामान आएगा, वह स्वदेशी होगा। हम विदेशी वस्तुओं से जितना दूर होंगे, देश उतना मजबूत होगा।”
काशी से किसानों को मिला तोहफा: 20वीं किस्त से देशभर में उत्साह
काशी से पीएम मोदी ने ₹20,500 करोड़ की राशि के साथ किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त देशभर के 9.70 करोड़ किसानों के खाते में ट्रांसफर की।
इस कार्यक्रम के जरिए पीएम ने एक और रिकॉर्ड कायम किया, क्योंकि ये पहली बार था जब लगातार दो बार काशी से ही किसान निधि की किस्त जारी की गई।
भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम: काशीवासियों को मिला सौभाग्य
पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत भोजपुरी भाषा में करते हुए कहा,
“सावन के पहले दिन काशी जैसा पवित्र स्थान और किसानों से जुड़ने का अवसर – इससे बड़ा सौभाग्य क्या हो सकता है।”
उन्होंने यादव समुदाय द्वारा जल यात्रा की सराहना की और काशी विश्वनाथ और मार्कंडेय महादेव को नमन करते हुए कहा कि
“मैं वहां दर्शन के लिए नहीं गया, ताकि भक्तों को कोई असुविधा न हो। लेकिन मेरा मन वहीं था।”
क्रांतिकारियों की धरती सेवापुरी में इतिहास दोहराया
प्रधानमंत्री ने सेवापुरी के इतिहास की भी चर्चा की और कहा कि
“यह वह धरती है जहां कभी हर हाथ में चरखा था। यह गांव सिर्फ ग्राम नहीं, यह क्रांति का केंद्र था। आज उसी भूमि से देश को नया संकल्प और नई चेतावनी मिली है।”

