UP Crime News: लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर युवती से दुष्कर्म की कोशिश – बहादुरी से चंगुल से बची, 17 घंटे बाद तीन आरोपी गिरफ्तार
UP Crime News/उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे पर 21 वर्षीय युवती के साथ हुई घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। ई रिक्शा चालक और उसके दो साथियों ने युवती को झांसे में लेकर सवारी के रूप में बैठाया और फिर उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की।
लेकिन युवती ने साहस दिखाते हुए खुद को बचाया और चलती सड़क पर दौड़ लगाकर चंगुल से निकल भागी। इस बहादुरी ने उसकी जान बचा ली, वरना नशे में धुत तीनों आरोपी उसे अपनी हवस का शिकार बना देते।
कुशीनगर की रहने वाली है पीड़िता
यह पीड़िता कुशीनगर जिले के तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र की रहने वाली है और लखनऊ के तिवारीगंज इलाके में अपनी सहेली के साथ रहती है। 24 अगस्त की रात को वह वैशाली एक्सप्रेस ट्रेन से बाराबंकी रेलवे स्टेशन उतरी थी।
वहां खड़े एक ई रिक्शा चालक से उसने तिवारीगंज जाने के लिए बात की। ई रिक्शा में पहले से दो युवक बैठे थे जिन्हें युवती ने सामान्य यात्री समझ लिया और उसी में बैठ गई। लेकिन जैसे ही वाहन सफेदाबाद ओवरब्रिज के पास पहुंचा, असली साजिश सामने आ गई।
रिक्शा चालक और साथियों ने रचा षड्यंत्र
आरोप है कि रिक्शा चालक ने ओवरब्रिज पर वाहन रोका। उसी दौरान ई रिक्शा में बैठे दोनों युवक बाहर निकलकर आगे और पीछे खड़े हो गए। चालक ने पर्दा गिराकर युवती से छेड़छाड़ शुरू कर दी और जबरन दबोचने की कोशिश की।
स्थिति को समझते ही युवती को अहसास हो गया कि उसके साथ दुष्कर्म किया जा सकता है। जान की परवाह किए बिना वह चलती गाड़ी से कूद पड़ी और हाईवे पर दौड़ने लगी।
राहगीर ने बचाई जान, पुलिस को मिली सूचना
हाईवे पर दौड़ती हुई युवती को देखकर एक राहगीर ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। इस बीच आरोपी ई रिक्शा लेकर फरार हो गए।
पीड़िता को पुलिस थाने लाकर पूरी घटना की जानकारी ली गई। अगले दिन सोमवार को युवती की एफआईआर दर्ज की गई और जांच शुरू हुई।
पुलिस की चौकसी और सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
सीओ सिटी हर्षित चौहान ने बताया कि रेलवे स्टेशन से लेकर सफेदाबाद तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इस दौरान डीएम बंगले के पास लगे कैमरे में एक संदिग्ध ई रिक्शा दिखाई दिया।
इसी सुराग से पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और क्राइम ब्रांच के सहयोग से आरोपियों को ट्रैक कर लिया।
तीन आरोपी गिरफ्तार – शराब के नशे में थे सभी
पुलिस ने जहांगीराबाद थाना क्षेत्र से तीनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार हुए आरोपियों में –
अनिकेत कुमार उर्फ सौरभ (ई रिक्शा चालक)
अंशू कश्यप
लवकुश बेड़िया
पुलिस के अनुसार तीनों घटना के समय शराब के नशे में थे।
इनके पास से युवती का बैग बरामद हुआ, जिसमें 960 रुपये नकद और शैक्षणिक प्रमाणपत्र रखे थे। साथ ही घटना में इस्तेमाल किया गया ई रिक्शा भी जब्त किया गया।
युवती की बहादुरी बनी मिसाल
इस घटना में सबसे बड़ी बात रही कि पीड़िता ने परिस्थिति का सामना करने में असाधारण साहस दिखाया। अगर वह चुपचाप आरोपियों के कब्जे में फंस जाती, तो शायद उसकी जान और सम्मान दोनों खतरे में पड़ जाते।
उसने हिम्मत करके न केवल अपनी जान बचाई, बल्कि समाज को यह भी संदेश दिया कि मुश्किल हालात में हार मानने के बजाय साहस और सूझबूझ से काम लेना चाहिए।
प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह घटना प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशन से लेकर नेशनल हाईवे तक, अगर एक युवती इस तरह अपराधियों के चंगुल में फंस सकती है, तो आम महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं?
सरकारी तंत्र को यह सुनिश्चित करना होगा कि हाईवे, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक परिवहन पर ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
पुलिस की सख्ती और भविष्य की चुनौतियां
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन सवाल यह भी है कि नशे में धुत अपराधी कैसे इस तरह बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं?
आवश्यक है कि:
रात में रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाई जाए।
ई रिक्शा और ऑटो चालकों की सख्त निगरानी की जाए।
महिला यात्रियों के लिए हेल्पलाइन और त्वरित सहायता तंत्र और मजबूत बने।

