China ने 80वें विजय दिवस परेड में दिखाई दुनिया की सबसे उन्नत हथियार प्रणाली, नए टैंक और मिसाइलों का भव्य प्रदर्शन
China ने 80वां विजय दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया। राजधानी बीजिंग में आयोजित इस ऐतिहासिक परेड में चीन की सेना ने अपनी ताकत का ऐसा प्रदर्शन किया जिसे दुनिया ने शायद ही पहले कभी देखा हो। इस भव्य आयोजन में 100 से अधिक हथियार, 45 से अधिक सैन्य टुकड़ियां और 100 से ज्यादा विमान शामिल थे। इन हथियारों में कई पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाई गईं, जिनमें स्वदेशी टेक्नोलॉजी से निर्मित अत्याधुनिक मिसाइलें, टैंक, ड्रोन और एयरक्राफ्ट शामिल हैं।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने भाषण में कहा कि ये हथियार चीन की आधुनिक सैन्य क्षमता और उच्च तकनीक का प्रतीक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन अपनी सैन्य शक्ति को लगातार मजबूत कर रहा है ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय संतुलन सुनिश्चित किया जा सके।
नई पीढ़ी के टाइप 99B मेन बैटल टैंक
चीन ने परेड में टाइप 99B मेन बैटल टैंक को पहली बार प्रस्तुत किया। यह टाइप 99 सीरीज का नवीनतम संस्करण है और इसे तीसरी पीढ़ी का टैंक माना जा रहा है। इसे 2001 से पीएलए (PLA) में शामिल किया गया था और अब तक 1300 से ज्यादा टाइप 99 और 99A टैंक बनाए जा चुके हैं। टाइप 99B आधुनिक कवच और उच्च मारक क्षमता वाला टैंक है, जो चीन की स्थलीय सेना की ताकत को बढ़ाता है।
PHL-16 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम: अमेरिका को चुनौती
चीन ने PHL-16 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर को भी पेश किया। इसे PCL-191 भी कहा जाता है। यह विशेष रूप से अमेरिकी HIMARS रॉकेट सिस्टम के जवाब में विकसित किया गया है। ताइवान ने 2023 में HIMARS तैनात किया था, और चीन ने इसे चुनौती देने के लिए PHL-16 बनाया।
यह रॉकेट लॉन्चर नॉरिन्को (Norinco) द्वारा विकसित किया गया है और इसे पहले 2019 के राष्ट्रीय दिवस परेड में दिखाया गया था। इस बार, इसे और अधिक उन्नत और शक्तिशाली स्वरूप में पेश किया गया।
पानी के अंदर चलने वाले AJX002 और XLUUV ड्रोन
परंपरागत ड्रोन से अलग, इस परेड में चीन ने दो बड़े पानी के अंदर चलने वाले ड्रोन पेश किए। इन ड्रोन की लंबाई लगभग समान है, लेकिन चौड़ाई 2 से 3 मीटर तक है। AJX002 और दूसरा ड्रोन ‘X’ आकार के रडर और दो मस्तूल के साथ आते हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, ये ड्रोन निगरानी, टॉरपीडो حمل या खतरनाक मिन्स जैसी गतिविधियों के लिए सक्षम हो सकते हैं। चीन का XLUUV प्रोग्राम दुनिया में सबसे बड़ा माना जाता है, जिसमें कम से कम पांच प्रकार के ड्रोन पहले से टेस्टिंग में हैं।
नौसैनिक ताकत के लिए नई मिसाइलें: YJ-15, YJ-17, YJ-19 और YJ-20
चीन ने अपनी विजय दिवस परेड में पहली बार YJ-15, YJ-17, YJ-19 और YJ-20 मिसाइलें पेश की। ये मिसाइलें विशेष रूप से नौसैनिक लक्ष्यों के लिए बनाई गई हैं।
विशेष रूप से ताइवान स्ट्रेट और दक्षिण चीन सागर में ये मिसाइलें अमेरिकी नौसेना और उसके सहयोगियों के लिए चुनौती बन सकती हैं। ये मिसाइलें चीन की नौसैनिक ताकत को और मजबूत बनाने में सहायक हैं।
एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल HQ-29 और अन्य वायु रक्षा सिस्टम
चीन ने पहली बार HQ-29 एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल पेश की। इसे तीन-स्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली का शीर्ष हिस्सा माना जा रहा है।
इसके अलावा, चीन ने कई नई वायु रक्षा प्रणालियां भी पेश कीं:
HQ-20: आठ पहियों वाला ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर, आठ इंटरसेप्टर ले सकता है।
HQ-22A: मीडियम से लंबी दूरी की मिसाइल, 170 किमी रेंज।
HQ-9C: लंबी दूरी की सतह-से-हवा मिसाइल, 250 किमी रेंज।
HQ-19: मीडियम दूरी की बैलिस्टिक और एंटी-सैटेलाइट मिसाइल, 200 किमी तक ऊंचाई में मारक क्षमता।
HQ-11: छोटे से मध्यम दूरी की मोबाइल वायु रक्षा प्रणाली, 30 किमी विमान और 20 किमी मिसाइलों के खिलाफ।
इन प्रणालियों से चीन की रणनीतिक और एंटी-बैलिस्टिक रक्षा क्षमता में भारी इजाफा हुआ है।
केरियर बेस्ड एयरक्राफ्ट: J-15T, J-15DH, J-15DT और J-35
चीन ने अपनी विजय दिवस परेड में चार प्रकार के केरियर बेस्ड एयरक्राफ्ट पेश किए। J-15T, J-15DH, J-15DT और J-35 पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से विकसित किए गए हैं।
ये विमान चीन की नौसैनिक शक्ति PLAN के लिए महत्वपूर्ण हैं और उनके एयरक्राफ्ट कैरियर्स जैसे लियाओनिंग, शेडोंग और फुजियान की क्षमता को बढ़ाते हैं।
CJ-1000 हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल और DF-26D गुआम किलर
चीन ने पहली बार CJ-1000 लंबी दूरी की हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल और DF-26D गुआम किलर एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल पेश की।
CJ-1000: 2,000–4,000 किलोमीटर की रेंज, जमीन और मजबूत बंकरों पर सटीक हमला।
DF-26D: विशेष रूप से गुआम और प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और एयरक्राफ्ट कैरियर्स के लिए।
एडवांस हेलिकॉप्टर का भव्य प्रदर्शन
परंपरागत सैन्य विमान और मिसाइलों के अलावा, चीन ने पहली बार एडवांस हेलिकॉप्टर का प्रदर्शन किया। इसकी तकनीकी डिटेल सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन माना जा रहा है कि यह लंबी दूरी की निगरानी और हमले में सक्षम होगा।

