Etawah में किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, पॉक्सो कोर्ट ने लगाया 45 हजार का जुर्माना
News-Desk
5 min read
crime news, etawah, Etawah News, minor girl case, POCSO court, uttar pradesh news, इटावा न्यूज़, कोर्ट फैसला, दुष्कर्म मामला, पॉक्सो एक्ट, यूपी क्राइम न्यूज़Etawah में किशोरी से दुष्कर्म के तीन साल पुराने मामले में पॉक्सो कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट Rakhi Chauhan ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट ने आदेश में कहा कि यदि आरोपी जुर्माना जमा नहीं करता है तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की भावना व्यक्त की, जबकि पुलिस अधिकारियों ने इसे कानून व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
घर में घुसकर वारदात को दिया था अंजाम
मामला थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता, जो पेशे से लोडर चालक बताए गए हैं, ने वर्ष 2022 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार आरोपी गुलशन उर्फ शिशुपाल, निवासी नई कॉलोनी कोकपुरा, उनके साथ हेल्पर के तौर पर काम करता था। इसी वजह से उसका घर पर आना-जाना भी था और परिवार उसे जानता था।
पीड़ित परिवार के मुताबिक 9 जुलाई 2022 को शिकायतकर्ता काम के सिलसिले में घर से बाहर गए हुए थे, जबकि उनकी पत्नी पड़ोस में गई थीं। इसी दौरान आरोपी कथित तौर पर घर में घुस गया और घर में मौजूद किशोरी के साथ दुष्कर्म किया।
किशोरी के शोर मचाने पर भागा आरोपी
एफआईआर के अनुसार घटना के दौरान किशोरी ने शोर मचाया, जिसके बाद उसकी मां मौके पर पहुंच गईं। मां को आता देखकर आरोपी वहां से फरार हो गया।
इसके बाद किशोरी ने पूरी घटना की जानकारी अपनी मां को दी। जब पिता घर लौटे तो परिवार ने उन्हें पूरी बात बताई। बाद में पीड़ित परिवार थाने पहुंचा और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस जांच के बाद दाखिल हुई चार्जशीट
जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज किया। बाद में आरोपी गुलशन उर्फ शिशुपाल के खिलाफ दुष्कर्म और POCSO Act की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए। कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद आरोपी को दोषी करार दिया।
विशेष पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसला
विशेष न्यायाधीश Rakhi Chauhan ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि प्रस्तुत साक्ष्य और गवाह आरोपी के खिलाफ अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त हैं।
कोर्ट ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 45 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना जमा न करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पॉक्सो कानून के तहत सख्त सजा का प्रावधान
विशेषज्ञों के अनुसार POCSO Act बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों को रोकने के लिए बनाया गया एक सख्त कानून है। इस कानून के तहत नाबालिगों के साथ यौन अपराध करने वालों के खिलाफ कठोर दंड का प्रावधान किया गया है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित जांच और सुनवाई पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।
महिला और बाल सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि परिवारों को बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ जैसी बुनियादी सुरक्षा जानकारी देना भी बेहद जरूरी है ताकि वे किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत परिवार या पुलिस को सूचना दे सकें।
पीड़ित परिवार को मिला न्याय, लोगों ने फैसले को बताया अहम
स्थानीय लोगों और कानून विशेषज्ञों ने अदालत के फैसले को महत्वपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त सजा समाज में गलत संदेश देने वालों के खिलाफ एक मजबूत चेतावनी साबित होती है।
पुलिस अधिकारियों ने भी कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में संवेदनशीलता और तेजी से कार्रवाई करना विभाग की प्राथमिकता है।

