Bahraich News: बरामदे में सो रही महिला पर तेंदुए ने किया हमला, आदमखोर ने नोचा सिर; ग्रामीणों में दहशत
Bahraich जिले के रमपुरवा बनकटी गांव में शुक्रवार रात को तेंदुए के हमले से गांव में दहशत का माहौल बन गया। घटना में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जब वह अपने घर के बरामदे में सो रही थी। तेंदुए ने महिला पर झपटते हुए उसके सिर का मांस नोच लिया। यह आदमखोर तेंदुआ पहले से ही क्षेत्र में सक्रिय था, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।
तेंदुए का हमला और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 1 बजे मायावती (45) पत्नी मोहन अपने घर के बरामदे में सो रही थीं, तभी तेंदुआ दीवार फांदते हुए घर में घुस आया और उन पर हमला कर दिया। तेंदुए ने मायावती का सिर नोच लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
महिला की चीख सुनकर पास-पड़ोस के लोग दौड़े और लाठी-डंडों से तेंदुए को भगाया। हालांकि, तेंदुआ हमला करने के बाद अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल हो गया।
घायल महिला को अस्पताल भेजा गया
घटना के बाद तत्काल घायल महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सुजौली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत को गंभीर देखते हुए उन्हें सीएचसी मिहींपुरवा के लिए रेफर कर दिया। महिलाओं की स्थिति को देखते हुए, डॉक्टरों ने उचित इलाज की सलाह दी है।
तेंदुए की गतिविधियों से चिंतित ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि कई दिनों से गांव और आसपास के इलाकों में तेंदुए की गतिविधियों का आभास हो रहा था। गाँव के पास जंगल और नहरें हैं, जिससे तेंदुआ अक्सर अंधेरे का फायदा उठाकर गांव में घुस आता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इस आदमखोर तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।
वन विभाग की कार्रवाई और सहायता
घटना की जानकारी मिलते ही सुजौली रेंज के रेंजर रोहित कुमार ने अपनी टीम को मौके पर भेजा और तेंदुए की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि तेंदुए को पकड़ने के लिए उच्च अधिकारियों से पिंजरा लगाने की अनुमति मांगी गई है। साथ ही, वन विभाग की ओर से घायल महिला को तत्कालिक आर्थिक सहायता के तौर पर दो हजार रुपये दिए गए हैं, ताकि उनके इलाज में मदद मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अंधेरे की समस्या और जंगल की निकटता के कारण इस तरह के हमले बढ़ सकते हैं। वे चाहते हैं कि वन विभाग जल्द से जल्द पिंजरा लगाए और तेंदुए को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजे।
इस घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और गांववासियों ने तेंदुए के खतरे से बचाव के लिए त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

