आठ दिन में खत्म हो सकता है अमेरिका का परमाणु सुरक्षा बजट, शटडाउन से बढ़ सकती है खतरे की आशंका-Chris Wright
अमेरिका में शटडाउन के पांचवें दिन की स्थिति ने देश की सुरक्षा पर गंभीर खतरे की घंटी बजा दी है। नेशनल न्यूक्लियर सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (NNSA) के पास देश के परमाणु हथियारों की सुरक्षा और रखरखाव के लिए केवल आठ दिनों का बजट बचा है। इस गंभीर स्थिति पर अमेरिका के ऊर्जा विभाग के सचिव Chris Wright ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर आठ दिनों के भीतर फंडिंग नहीं मिलती तो हमें आपातकालीन बंदी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ेगा, जिससे न केवल परमाणु सुरक्षा प्रभावित होगी, बल्कि देश की संप्रभुता भी खतरे में पड़ सकती है।”
राइट ने यह भी कहा कि अगर फंड खत्म हो जाता है, तो NNSA को अपना स्टाफ कम करना पड़ेगा और इससे परमाणु हथियारों की निगरानी, रखरखाव और प्रसार रोकने के कार्यक्रमों पर बुरा असर पड़ेगा। यह स्थिति अमेरिका की सुरक्षा के लिए एक गंभीर संकट बन सकती है, क्योंकि परमाणु सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं और सिस्टम बेहद संवेदनशील होते हैं।
ऊर्जा विभाग के 60% कर्मचारी हो सकते हैं छुट्टी पर
शटडाउन के कारण ऊर्जा विभाग (DOE) की योजना के अनुसार, कुल मिलाकर विभाग के 60% कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेजा जा सकता है। हालांकि, कुछ कर्मचारी जैसे न्यूक्लियर मटेरियल वाले सिस्टम के संचालन और निगरानी से जुड़े कर्मी, जो “क्रिटिकल कंट्रोल ऑपरेशंस सिस्टम” चला रहे हैं, उन्हें काम पर बने रहने की अनुमति होगी। इसके अलावा, परमाणु हथियारों के प्रसार रोकने वाले कार्यक्रमों से जुड़े स्टाफ भी काम करते रहेंगे।
लेकिन, इस स्थिति में यह स्पष्ट नहीं है कि इन महत्वपूर्ण कार्यों के लिए कितने कर्मचारी काम करेंगे, क्योंकि यह पूरी तरह से शटडाउन की अवधि और वित्तीय स्थिति पर निर्भर करेगा।
ट्रम्प को नहीं मिली फंडिंग बिल पर सफलता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए यह कोई नई समस्या नहीं है, क्योंकि वह पहले भी कई बार फंडिंग बिल पास नहीं करा सके हैं। शुक्रवार को रिपब्लिकन पार्टी का फंडिंग बिल सीनेट में पास नहीं हो पाया। ट्रम्प की पार्टी को 54 वोट मिले थे, जबकि बिल पास करने के लिए 60 वोट की जरूरत थी। यह नाकामी सरकार के शटडाउन का मुख्य कारण बनी।
शटडाउन के दौरान, डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं का आरोप है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित टैक्स क्रेडिट्स (हेल्थकेयर सब्सिडी) के मामले में समझौता नहीं किया। डेमोक्रेट्स चाहते थे कि कोविड के दौरान जो टैक्स क्रेडिट्स दिया गया था, उसे बढ़ाया जाए, ताकि लाखों अमेरिकियों को सस्ता स्वास्थ्य बीमा मिल सके।
सीनेट में बिना वोटिंग के खत्म हुआ शटडाउन का रास्ता
अमेरिका में बुधवार से शटडाउन लागू हो गया है, और फिलहाल सरकारी संस्थाएं बंद हैं। सीनेट में सोमवार से पहले कोई भी वोटिंग नहीं होगी, और हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स ने भी 14 अक्टूबर तक वोटिंग रद्द कर दी है। इसका मतलब यह है कि शटडाउन की स्थिति 14 अक्टूबर तक बनी रह सकती है।
शटडाउन के दौरान, अमेरिकी सरकार ने करीब 7.5 लाख कर्मचारियों को “फरलो” (अवकाश) पर भेज दिया है। इनमें से कुछ कर्मचारियों की छंटनी भी हो सकती है, जो कि देश की प्रशासनिक स्थिति के लिए एक और बड़ा संकट बन सकता है।
रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच टकराव की वजह
अमेरिका में शटडाउन के पीछे एक बड़ी वजह राजनीतिक टकराव भी है। रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच ओबामा के स्वास्थ्य देखभाल सब्सिडी कार्यक्रम को लेकर ठन गई है। डेमोक्रेट्स चाहते थे कि हेल्थ केयर सब्सिडी बढ़ाई जाए, ताकि गरीबों और मध्यम वर्ग के अमेरिकियों को सस्ता स्वास्थ्य बीमा मिल सके।
वहीं, रिपब्लिकन को डर है कि अगर हेल्थकेयर सब्सिडी बढ़ाई जाती है, तो सरकार को खर्च बढ़ाने के लिए और पैसे की जरूरत पड़ेगी, जिससे बाकी सरकारी कामों में बाधा आ सकती है।
शटडाउन के कारण सेना, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और बॉर्डर एजेंट्स पर असर
शटडाउन के प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मियों पर भी असर पड़ा है। अमेरिकी सेना, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और बॉर्डर एजेंट्स जैसे महत्वपूर्ण कर्मचारियों को बिना वेतन के काम करना पड़ रहा है। रिपब्लिकन पार्टी के नेता जॉन थ्यून का कहना है कि डेमोक्रेट्स के कट्टर समर्थकों के दबाव में आकर सरकार को बंद कर दिया गया है, जबकि इन कर्मचारियों की सेवाएं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
हेल्थकेयर पर सहमति की कमी
अमेरिका के दोनों प्रमुख दल हेल्थकेयर सब्सिडी को लेकर आपस में असहमत हैं। डेमोक्रेट्स ने पहले ही कहा था कि ट्रम्प सरकार को हेल्थकेयर प्रोग्राम को सिक्योर करने में गंभीरता नहीं दिखा रही है। रिपब्लिकन के नेताओं का कहना है कि सब्सिडी बढ़ाने से सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा, और इससे अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कामों को संकट का सामना करना पड़ेगा।
राष्ट्रपति ट्रम्प और डेमोक्रेटिक नेताओं के बीच शटडाउन को रोकने के लिए बैठकें आयोजित की गई थीं, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
आखिरकार, अमेरिका का शटडाउन न केवल आर्थिक संकट पैदा कर रहा है, बल्कि इसके प्रभाव से राष्ट्रीय सुरक्षा भी जोखिम में पड़ सकती है। अमेरिकी जनता और सरकारी कर्मचारी इस संकट का समाधान चाहती है, लेकिन जब तक रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच समझौता नहीं होता, तब तक शटडाउन का असर लंबा खिंच सकता है। यह समय है जब सभी नेताओं को देश की सुरक्षा और आम नागरिकों के हित में मिलकर काम करना चाहिए।

