Venezuela से हटाया गया 13.5 किलो हाईली Enriched Uranium, अमेरिका ने गुप्त ऑपरेशन में किया सुरक्षित ट्रांसफर
United States ने एक बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय परमाणु मिशन को अंजाम देते हुए Venezuela से 13.5 किलो हाईली एनरिच्ड यूरेनियम (HEU) को हटाकर सुरक्षित तरीके से अपने देश पहुंचा लिया है। इस पूरे ऑपरेशन को अमेरिका, वेनेजुएला, ब्रिटेन और International Atomic Energy Agency यानी IAEA के संयुक्त सहयोग से पूरा किया गया।
अमेरिका ने शुक्रवार को इस मिशन की आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह यूरेनियम कराकास के पास स्थित एक पुराने रिसर्च रिएक्टर में कई वर्षों से रखा हुआ था। सुरक्षा कारणों और परमाणु प्रसार के खतरे को देखते हुए इसे हटाने का फैसला लिया गया।
पुराने रिसर्च रिएक्टर में रखा था खतरनाक यूरेनियम
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह हाईली एनरिच्ड यूरेनियम वेनेजुएला के RV-1 रिसर्च रिएक्टर में मौजूद था। यह रिएक्टर कई दशक तक न्यूक्लियर रिसर्च और वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा।
हालांकि वर्ष 1991 में इस रिएक्टर में रिसर्च गतिविधियां बंद हो गई थीं, लेकिन वहां मौजूद यूरेनियम को हटाया नहीं गया था। विशेषज्ञों के अनुसार हाईली एनरिच्ड यूरेनियम अत्यधिक संवेदनशील सामग्री मानी जाती है क्योंकि इसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में भी किया जा सकता है।
यही वजह रही कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस सामग्री की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चिंता बनी हुई थी।
6 हफ्तों से कम समय में पूरा हुआ हाई सिक्योरिटी ऑपरेशन
National Nuclear Security Administration यानी NNSA के अनुसार यह पूरा मिशन छह हफ्तों से भी कम समय में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यूरेनियम को विशेष सुरक्षा मानकों वाले कंटेनरों में पैक किया गया।
इसके बाद इसे लगभग 100 मील तक सड़क मार्ग से एक बंदरगाह तक पहुंचाया गया। वहां से ब्रिटेन की न्यूक्लियर ट्रांसपोर्ट सॉल्यूशंस कंपनी के विशेष जहाज के जरिए अमेरिका भेजा गया।
इस पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी प्रकार का खतरा पैदा न हो।
साउथ कैरोलाइना में किया जाएगा प्रोसेस
अमेरिकी ऊर्जा विभाग के मुताबिक वेनेजुएला से लाया गया यूरेनियम अब Savannah River Site में प्रोसेस किया जाएगा। यह अमेरिका की महत्वपूर्ण परमाणु साइट्स में से एक मानी जाती है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य परमाणु सामग्री को सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में रखना है, ताकि उसका दुरुपयोग न हो सके।
NNSA अधिकारी खुद पहुंचे वेनेजुएला, ऑपरेशन की निगरानी की
रिपोर्ट्स के अनुसार Matt Napoli, जो NNSA में डिप्टी एडमिनिस्ट्रेटर हैं, खुद इस मिशन की निगरानी के लिए वेनेजुएला पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन बेहद जटिल और संवेदनशील था, लेकिन टीम के अनुभव और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की वजह से इसे सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका।
उनके मुताबिक ऐसे मिशन वैश्विक परमाणु सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं।
IAEA ने भी की पुष्टि, बताया ‘संवेदनशील ऑपरेशन’
International Atomic Energy Agency ने भी इस मिशन की पुष्टि करते हुए कहा कि यह एक जटिल और संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन था।
IAEA लंबे समय से दुनिया भर में परमाणु सामग्री की निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम करती रही है। एजेंसी का कहना है कि ऐसे कदम परमाणु प्रसार के खतरे को कम करने में मदद करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस ऑपरेशन के जरिए अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने एक बड़ा सुरक्षा जोखिम कम करने की कोशिश की है।
1996 से अब तक हजारों किलो यूरेनियम और प्लूटोनियम हटाया जा चुका
NNSA के मुताबिक वर्ष 1996 से अब तक एजेंसी दुनिया के कई देशों से 7,350 किलो से अधिक हाईली एनरिच्ड यूरेनियम और प्लूटोनियम को हटाने या सुरक्षित करने का काम कर चुकी है।
यह अभियान वैश्विक परमाणु सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माना जाता है, जिसका उद्देश्य संवेदनशील परमाणु सामग्री को गलत हाथों में जाने से रोकना है।
ईरान के यूरेनियम को लेकर भी अमेरिका की चिंता बरकरार
रिपोर्ट्स के अनुसार Donald Trump प्रशासन लंबे समय से Iran के पास मौजूद हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को लेकर चिंता जताता रहा है।
बताया जाता है कि ईरान के पास लगभग 408 किलो हाईली एनरिच्ड यूरेनियम मौजूद है। हालांकि अमेरिका अब तक उसे हटाने या नियंत्रित करने में सफल नहीं हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला ऑपरेशन की सफलता के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी नई चर्चाएं तेज हो सकती हैं।
अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में दिख रहा बदलाव
इस पूरे ऑपरेशन के बीच अमेरिका और वेनेजुएला के संबंधों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क बढ़े हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक John Ratcliffe समेत कई अमेरिकी अधिकारी वेनेजुएला का दौरा कर चुके हैं। करीब सात वर्षों बाद दोनों देशों के बीच कमर्शियल फ्लाइट सेवाएं भी दोबारा शुरू हुई हैं।
इसके अलावा अमेरिकी दूतावास को फिर से खोलने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका अब वेनेजुएला में ऊर्जा और खनन सेक्टर में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
तेल और खनिज संसाधनों की वजह से बढ़ा रणनीतिक महत्व
Venezuela दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में गिना जाता है। यही वजह है कि वैश्विक शक्तियों की नजर लंबे समय से वहां के ऊर्जा संसाधनों पर बनी हुई है।
विश्लेषकों का कहना है कि परमाणु सुरक्षा के साथ-साथ अमेरिका की दिलचस्पी वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में भी बढ़ रही है। हालांकि कुछ लोकतंत्र समर्थक संगठनों ने ट्रम्प प्रशासन की इस नीति की आलोचना भी की है।
वेनेजुएला से 13.5 किलो हाईली एनरिच्ड यूरेनियम हटाने का यह ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिका, वेनेजुएला, ब्रिटेन और IAEA के संयुक्त प्रयास से पूरा हुआ यह मिशन केवल सुरक्षा रणनीति नहीं बल्कि वैश्विक कूटनीति का भी बड़ा संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में परमाणु सामग्री की निगरानी और नियंत्रण को लेकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग और ज्यादा मजबूत हो सकता है।

