Moradabad हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: प्यार के जुनून में अंधी पत्नी ने करवाया पति का कत्ल, प्रेमी अंशु के साथ रची थी खौफनाक साजिश
Moradabad जिले में घटित वीरपाल हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। बिलारी पुलिस ने इस रहस्यमयी हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए मंगलवार दोपहर को चौंकाने वाला खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि वीरपाल की हत्या किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसके सबसे करीबी — उसकी पत्नी सुनीता और उसके प्रेमी आशीष उर्फ अंशु — ने मिलकर की थी। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
💔प्रेम में अंधेपन की हद: सुनीता और अंशु का रिश्ता बना मौत की वजह
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि सुनीता और अंशु के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। दोनों के बीच नजदीकियां इतनी बढ़ीं कि सुनीता अपने पति वीरपाल को “रास्ते से हटाने” की बात करने लगी। अंशु, जो धान की फसल की ठेकेदारी करता था, वीरपाल के घर आता-जाता रहता था, और इसी दौरान सुनीता से उसका प्रेम पनपा।
अंशु ने पुलिस को बताया कि सुनीता अक्सर कहती थी — “अगर मैं तुझसे प्यार करती हूं तो हमेशा तेरे साथ रहना चाहती हूं। लेकिन वीरपाल जिंदा है तो यह मुमकिन नहीं।” इसी जुनून ने प्रेम को अपराध में बदल दिया।
🕛आधी रात की साजिश: खेत में रचा गया कत्ल का खौफनाक ड्रामा
12 अक्टूबर की रात लगभग एक बजे, वीरपाल अपने धान के खेत में चारपाई पर सो रहा था। उसी समय, अंशु योजना के तहत वहां पहुंचा। पुलिस के अनुसार, उसने पीछे से जाकर वीरपाल का गला दबा दिया और तब तक दबाए रखा जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं। इसके बाद शव पर लिहाफ डालकर वह सीधे सुनीता के पास पहुंचा और कहा — “अब कोई रुकावट नहीं बची।”
यह सुनकर सुनीता न केवल शांत रही बल्कि अगले ही दिन अपने मायके वालों को बुलाकर गांव से भागने की कोशिश करने लगी। लेकिन ग्रामीणों ने उसकी हरकतों पर नजर रखी हुई थी।
👀शक के घेरे में आई सुनीता: ग्रामीणों ने पकड़ा सुराग
गांव वालों ने बताया कि जब वीरपाल का शव खेत में मिला, तो सुनीता ने सबसे पहले कहा — “मैं अपने पति की मिट्टी खराब नहीं कराऊंगी, पुलिस मत बुलाओ।” यह बात सभी को अजीब लगी क्योंकि सामान्यतः पत्नी न्याय के लिए पुलिस को बुलाती है।
ग्रामीणों के अनुसार, सुनीता ने पुलिस को सूचना देने से साफ इनकार कर दिया था। तभी लोगों को शक हो गया कि यह मामला सिर्फ सामान्य मौत का नहीं बल्कि किसी गहरी साजिश का है। अगले दिन जब सुनीता अपने मायके पक्ष के लोगों के साथ भागने लगी, तो ग्रामीणों ने उसे रोक लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
🧩खुली रिश्तों की परतें: नानी-धेवता के रिश्ते में था प्रेम संबंध
इस पूरे मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि सुनीता और अंशु रिश्ते में नानी-धेवता लगते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, अंशु बचपन से ही अपनी मां के साथ ननिहाल में रहता था, जो कि वीरपाल के परिवार से ही जुड़ा हुआ है।
इस रिश्ते ने सामाजिक रूप से पूरे गांव को शर्मिंदा कर दिया। दोनों के बीच उम्र का भी लगभग 12 साल का अंतर था। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह से यह रिश्ता छिपकर चला, उसने गांव की मर्यादा को ठेस पहुंचाई।
🚨पुलिस की तेज कार्रवाई: सुनीता और अंशु दोनों सलाखों के पीछे
बिलारी थाने की पुलिस ने वीरपाल के भाई कुंवरपाल की तहरीर पर तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
एसएचओ बिलारी ने बताया कि “मामले में हत्या की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुई। उसके बाद हमने इलेक्ट्रॉनिक सबूतों और कॉल डिटेल के आधार पर दोनों को हिरासत में लिया।”
दोनों को मंगलवार दोपहर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
📱पुलिस के मुताबिक – डिजिटल सबूतों ने खोला पूरा राज
पुलिस ने बताया कि अंशु और सुनीता के बीच पिछले कई महीनों से लगातार फोन कॉल और चैटिंग चल रही थी। दोनों के कॉल रिकॉर्ड्स में हत्या से एक दिन पहले तक दर्जनों बातचीत हुई थीं।
इसके अलावा, अंशु के मोबाइल से एक व्हाट्सएप चैट भी मिली जिसमें उसने लिखा था — “आज के बाद हमें कोई नहीं रोक पाएगा।”
यह चैट ही इस केस का मुख्य सबूत साबित हुई।
📣गांव में फैला आक्रोश: लोग बोले – ‘प्यार नहीं, पाप की पराकाष्ठा’
गांव अलेहदादपुर देवा नगला में इस वारदात के बाद लोगों में गुस्सा है। ग्रामीणों ने कहा कि वीरपाल मेहनती और शांत स्वभाव का व्यक्ति था, जो कभी किसी से झगड़ा नहीं करता था। उसकी पत्नी और उसके ही परिवार के रिश्तेदार द्वारा की गई यह हत्या समाज के लिए एक कलंक है।
कई ग्रामीणों ने कहा — “अगर सुनीता और अंशु को सख्त सजा नहीं मिली तो ऐसी घटनाएं बढ़ेंगी।”
⚖️कानूनी प्रक्रिया: कोर्ट में पेशी, जेल में बंद दोनों आरोपी
अंशु और सुनीता दोनों को मुरादाबाद न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने हत्या की धारा 302 के तहत केस दर्ज किया है। जांच अधिकारी ने बताया कि चार्जशीट जल्द दाखिल की जाएगी और पुलिस कोर्ट से दोनों के लिए रिमांड की मांग भी करेगी ताकि साजिश के और पहलुओं की जांच की जा सके।
🧠मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण: प्यार का जुनून कब बन जाता है अपराध
विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार रिश्तों में भावनात्मक निर्भरता इतनी गहरी हो जाती है कि व्यक्ति विवेक खो बैठता है। यह मामला भी उसी का उदाहरण है। सुनीता और अंशु का संबंध न केवल सामाजिक रूप से गलत था, बल्कि उन्होंने अपने जुनून के लिए एक निर्दोष व्यक्ति की जान ले ली।

